किडनी की बीमारी में स्किन क्यों बदलती है? शुरुआती लक्षणों को ना करें अनदेखा
punjabkesari.in Wednesday, Apr 15, 2026 - 10:01 AM (IST)
नारी डेस्क: किडनी हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा है, जिसका काम खून को साफ करना और शरीर से गंदगी (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालना होता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो ये गंदगी शरीर में जमा होने लगती है। किडनी की बीमारी आजकल लोगो के गलत खान पान की वजह से तेजी से बढ़ रही हैं। आपको बता दे कि इसका सीधा असर धीरे-धीरे हमारी स्किन पर भी दिखने लगता है। कई बार लोग इन संकेतों को नॉर्मल समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन यही लक्षण किडनी की बीमारी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता हैं।
किडनी खराब होने पर स्किन क्यों बदलती है?
बता दे कि जब किडनी कमजोर हो जाती है तो शरीर में यूरिया और अन्य विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं। इससे खून की शुद्धता कम हो जाती है और ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है। साथ ही, शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बिगड़ जाता है। इन सभी कारणों से स्किन की नमी, रंग और बनावट बदलने लगती है। इसलिए स्किन में दिखने वाले बदलाव सिर्फ बाहरी समस्या नहीं, बल्कि अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकते हैं।

स्किन का बहुत ज्यादा ड्राई हो जाना
किडनी की बीमारी में सबसे आम लक्षणों में से एक है त्वचा का बहुत ज्यादा सूख जाना। जब शरीर में पानी और नमी का संतुलन बिगड़ जाता है तो स्किन अपनी नेचुरल नमी खो देती है। इससे स्किन रूखी, बेजान और खिंची हुई महसूस होती है। कई बार त्वचा पर सफेद परत या पपड़ी भी दिखाई देने लगती है। यह समस्या ठंड के मौसम में और ज्यादा बढ़ सकती है और सही देखभाल न करने पर त्वचा फटने भी लगती है।
बिना कारण लगातार खुजली होना
शायद ही आपको पता होगा की जब किडनी खराब होने लगती हैं तो हमारे शरीर में एक अलग लक्षण नज़र आता है। अगर आपको बिना किसी एलर्जी रैश या फिर इंफेक्शन के लगातार ही खुजली हो रही है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्यों की इसका संकेत यह हैं कि हमारी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही, जिसकी वजह से खून में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जो कि हमारी स्किन में जलन और खुजली पैदा करते हैं। यह खुजली शरीर के किसी एक हिस्से में या पूरे शरीर में हो सकती है। कई बार यह रात में ज्यादा बढ़ जाती है और नींद में भी बाधा डालती है। लंबे समय तक खुजलाने से स्किन पर निशान और घाव भी हो सकते हैं।
स्किन का रंग बदलना (पीला या धूसर होना)
किडनी की समस्या होने पर त्वचा का रंग धीरे-धीरे बदलने लगता है। स्किन पीली, धूसर (ग्रे) या फीकी दिख सकती है। यह बदलाव खून में गंदगी जमा होने और एनीमिया (खून की कमी) के कारण होता है। चेहरा डल और थका हुआ नजर आता है, जैसे शरीर में ऊर्जा की कमी हो। अगर अचानक स्किन का रंग बदलने लगे और सामान्य न लगे तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है।
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चेहरे, आंखों और शरीर में सूजन आना
जब किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी को बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह पानी शरीर में जमा होने लगता है। इसका सबसे पहला असर चेहरे और आंखों के आसपास दिखता है, जहां सूजन नजर आने लगती है। इसके अलावा हाथों, पैरों और टखनों में भी सूजन हो सकती है। यह सूजन सुबह के समय ज्यादा दिखाई देती है और दिन भर बनी रह सकती है। यह संकेत बताता है कि शरीर में फ्लूइड का संतुलन बिगड़ चुका है।

स्किन का मोटा महसूस होना
आपको बता दे कि जब किडनी की बीमारी होती हैं तो उसका सीधा आसार हमारी स्किन पर पड़ता है। जिससे कि स्किन की बनावट भी बदलने लगती है। स्किन पहले जैसी मुलायम और सॉफ्ट नहीं रहती, बल्कि रफ और मोटी महसूस हो जाती हैं । कई बार स्किन पर अजीब सा खिंचाव या हार्ड भी महसूस होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर में जमा टॉक्सिन्स और मिनरल बिगड़ जाता हैं जिसके कारण स्किन की को प्रभावित करते हैं। यह बदलाव धीरे-धीरे होता है, इसलिए लोग इसे अक्सर इग्नोर कर देते हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासकर अगर खुजली लंबे समय तक बनी रहे, स्किन का रंग बदल जाए या शरीर में सूजन दिखाई दे, तो यह किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। समय पर जांच और इलाज से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।

