घर से निकलने में भी डर लगता है… 16 महीनों बाद छलका इस कॉमेडियन का दर्द
punjabkesari.in Tuesday, Apr 21, 2026 - 04:48 PM (IST)
नारी डेस्क: मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह हंसी नहीं बल्कि उनका डर और दर्द है। साल 2024 में हुए अपहरण कांड के बाद से उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। हाल ही में मेरठ कोर्ट पहुंचे सुनील पाल ने बताया कि वह पिछले 16 महीनों से लगातार खौफ में जी रहे हैं और अब तो घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है।
मेरठ कोर्ट में आरोपियों की पहचान
सोमवार को सुनील पाल अपने वकील और एक करीबी दोस्त के साथ मेरठ कोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्हें अपहरण मामले के आरोपियों की पहचान करनी थी। इस दौरान उन्होंने दो आरोपियों को पहचाना। कोर्ट से बाहर निकलते ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस घटना का असर आज भी उनके मन पर गहरा है।

“हर वक्त डर बना रहता है”, 10 किलो तक घटा वजन
सुनील पाल ने बताया कि इस घटना के बाद से वह मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने कहा कि लगातार डर और चिंता के कारण उनका करीब 10 किलो वजन कम हो गया है। अब हालात ऐसे हैं कि मुंबई जैसे शहर में भी वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते और आसपास मौजूद लोगों पर भी शक होने लगता है।
घर से निकलने से पहले दोस्त को करते हैं फोन
कॉमेडियन ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि अब वह कहीं भी अकेले जाने से कतराते हैं। अगर बाहर जाना हो तो पहले अपने दोस्त को फोन करके पूरी जानकारी देते हैं। यहां तक कि जिस गाड़ी से सफर करते हैं, उसकी फोटो और नंबर भी एहतियातन अपने दोस्त के साथ शेयर करते हैं।

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इवेंट के बहाने रची गई साजिश
यह मामला 2 दिसंबर 2024 का है, जब सुनील पाल को हरिद्वार में एक इवेंट के लिए बुलाया गया था। लेकिन यह एक साजिश निकली। नेशनल हाईवे पर पहुंचते ही बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया और करीब 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा।

20 लाख की फिरौती, 8 लाख में मिली रिहाई
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने पहले 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी, जो बाद में 8 लाख रुपये पर तय हुई। सुनील पाल के अनुसार, यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने के बाद उन्हें छोड़ा गया। इस दौरान उन्हें लगातार धमकाया और डराया भी गया। मुंबई लौटने के बाद सुनील पाल ने अपने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद उनकी पत्नी सरिता ने पुलिस में जीरो FIR दर्ज कराई, जिसे बाद में मेरठ ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले में पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया कि पूरी साजिश बिजनौर में रची गई थी। मुख्य आरोपियों में लवी पाल और अर्जुन कर्णवाल के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार किया और उनके पास से SUV, नकदी और मोबाइल फोन भी बरामद किए।
अब भी खत्म नहीं हुआ डर
16 महीने बीत जाने के बावजूद सुनील पाल उस घटना को भूल नहीं पाए हैं। उनका कहना है कि आज भी वह उसी सदमे में हैं और सामान्य जिंदगी जीना उनके लिए आसान नहीं रहा। यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि किसी इंसान के मानसिक संतुलन और सुरक्षा की भावना पर गहरा असर डालने वाली रही है।

