पापा अब जीना मुश्किल है ”... सुसाइड से पहले जज अमन शर्मा ने सुनाई थी आपबीती, पिता ने बयां किया दर्द
punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 12:19 PM (IST)
नारी डेस्क: राजधानी दिल्ली के न्यायिक हलके से बेहद दुखद खबर सामने आई है । जहां जज अमन कुमार शर्मा का निधन हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार मामला घरेलू तनाव और लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटना ने पूरे न्यायिक समुदाय को हैरान कर दिया है। बता दे कि 30 वर्षीय जज अमन कुमार शर्मा ने सफदरजंग स्थित आवास पर कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में पुलिस सुसाइड का मामला मान रही है, लेकिन मृतक जज के परिवार ने जो खुलासे किए हैं, उससे यह घटना हाई-प्रोफाइल विवाद में बदल गई है। परिवार का आरोप है कि अमन पिछले 2 महीनों से गंभीर मानसिक उत्पीड़न का शिकार थे। इस मामले में उनकी साली IAS निधि मलिक का नाम भी आ रहा है। आखिर यह पूरा मामला क्या हैं चालीए आपको बताते हैं।
परिवार ने बताया दो महीने से चल रहा था तनाव
परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से अमन लगातार मानसिक दबाव में थे। घर में चल रहे वैवाहिक विवादों के कारण उनका मन काफी परेशान रहने लगा था। परिजनों का दावा है कि वह कई बार अपनी परेशानी साझा भी कर चुके थे।
आखिरी बातचीत में दिखा गहरा तनाव
बताया जा रहा है कि घटना से पहले अमन ने अपने पिता से फोन पर बात की थी। इस बातचीत में उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि वह काफी परेशान हैं। परिवार के मुताबिक यह बातचीत उनके अंदर चल रहे तनाव को साफ दिखाती है। सूत्रों के अनुसार, घर में लंबे समय से रिश्तों को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। आरोप है कि इसी वजह से घर का माहौल लगातार प्रभावित हो रहा था और आपसी समझ में कमी आ रही थी।
घटना की रात का माहौल
परिवार के अनुसार उस रात घर में स्थिति सामान्य नहीं थी। बातचीत और बहस के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया था। कुछ समय बाद घर में शांति हो गई, लेकिन बाद में स्थिति ने दुखद मोड़ ले लिया। जब काफी देर तक अमन बाहर नहीं आए, तो परिजनों ने उन्हें ढूंढने की कोशिश की। दरवाजा बंद होने और कोई जवाब न मिलने पर चिंता बढ़ गई। इसके बाद दरवाजा खोलने की कोशिश की गई, लेकिन अंदर जाकर जो स्थिति सामने आई, उसने सभी को गहरा सदमा दिया।
जांच जारी, कई पहलुओं पर ध्यान
पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिवार के बयानों को दर्ज किया जा रहा है। शुरुआती जांच में इसे घरेलू और मानसिक तनाव से जुड़ा मामला माना जा रहा है, हालांकि हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि रिश्तों में बढ़ता तनाव और मानसिक दबाव कितना भारी असर डाल सकता है। ऐसे समय में बातचीत और सहयोग बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि हालात को संभाला जा सके और समय रहते समाधान निकल सके।

