Shefali Jariwala की मौत पर एंटी-एजिंग इंजेक्शन वाली अफवाहों पर पति ने खोला राज
punjabkesari.in Thursday, May 14, 2026 - 03:06 PM (IST)
नारी डेस्क: ग्लैमर इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री Shefali Jariwala के असमय निधन के बाद उठी अटकलों पर अब उनके पति Parag Tyagi ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। लंबे समय से सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि उनकी मौत एंटी-एजिंग इंजेक्शंस की वजह से हुई, जिसे पराग त्यागी ने सिरे से खारिज कर दिया है। पराग त्यागी ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि शेफाली ने कभी भी डाइटिंग, स्किन ट्रीटमेंट या एंटी-एजिंग इंजेक्शन का इस्तेमाल नहीं किया था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैली ऐसी बातें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। पराग के मुताबिक, उनकी पत्नी हमेशा एक सामान्य और हेल्दी लाइफस्टाइल जीती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन फैलने वाली “व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी” वाली खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये अक्सर सच्चाई से कोसों दूर होती हैं।
‘नॉर्मल लाइफस्टाइल जीती थीं शेफाली’
पराग ने बताया कि शेफाली की डाइट पूरी तरह साधारण थी। वे घर का बना खाना जैसे दाल, सब्जी और रोटी खाती थीं। हां, प्रोटीन इनटेक थोड़ा ज्यादा था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई असामान्य लाइफस्टाइल थी। उन्होंने कहा कि परिवार साथ बैठकर खाना खाता था और कभी किसी तरह की एक्सट्रीम डाइट या इंजेक्शन पर निर्भरता नहीं थी।
रतन टाटा का उदाहरण देकर दी सफाई
अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए पराग ने भारत के जाने-माने उद्योगपति Ratan Tata का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर सच में उम्र रोकने या बढ़ाने जैसी कोई तकनीक होती, तो ऐसे लोग आज भी जीवित होते। पराग ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई ऐसा इंजेक्शन होता जिससे इंसान हमेशा जवान रह सके, तो हर कोई इसका इस्तेमाल कर रहा होता।
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‘जब समय आता है, उसे टाला नहीं जा सकता’
पराग त्यागी ने कहा कि जीवन और मृत्यु को लेकर बहुत कुछ इंसान के Control में नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब किसी का समय आता है, तो उसे रोका नहीं जा सकता। उनका कहना था कि बेवजह की अफवाहों से परिवार को दुख होता है और लोगों को ऐसी बातों से बचना चाहिए।
सनातन धर्म और जीवन दर्शन पर भी बोले पराग
इंटरव्यू के दौरान पराग ने सनातन धर्म को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सनातन सिर्फ एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है।
उनके मुताबिक, यह दर्शन सवाल पूछने, समझने और जीवन को अनुशासन के साथ जीने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के बीच यह विचारधारा लोगों को शांति और संतुलन दे सकती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ा नया सफर
पराग ने यह भी बताया कि वह अब एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, जहां पौराणिक कहानियां, भजन और सांस्कृतिक कंटेंट प्रस्तुत किया जाएगा। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आधुनिक तरीके से लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कंटेंट को फिल्म, वेब सीरीज और एआई टेक्नोलॉजी के जरिए इस तरह पेश किया जाएगा कि नई पीढ़ी भी इससे जुड़ सके और अपनी जड़ों को समझ सके।

