फैटी लिवर को कैसे करें रिवर्स? डॉक्टर ने बताए असरदार उपाय

punjabkesari.in Wednesday, Jul 08, 2026 - 10:56 AM (IST)

नारी डेस्क:  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह बीमारी केवल अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासतौर पर ग्रेड-1 फैटी लिवर शुरुआती अवस्था होती है, जिसे सही समय पर जीवनशैली में बदलाव करके काफी हद तक रिवर्स किया जा सकता है।  फैटी लिवर का मतलब है कि लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो गया है। यदि इस स्थिति को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह आगे चलकर लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस या गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसलिए शुरुआती चरण में ही जरूरी कदम उठाना बेहद महत्वपूर्ण है।

सबसे पहले वजन कम करने पर दें ध्यान

डॉक्टर का कहना है कि फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण बढ़ता हुआ वजन और शरीर में अतिरिक्त चर्बी है। यदि किसी व्यक्ति का वजन सामान्य से अधिक है, तो उसे धीरे-धीरे वजन कम करने का लक्ष्य रखना चाहिए। वजन घटाने से लिवर में जमा अतिरिक्त फैट कम होने लगता है और लिवर की कार्यक्षमता में सुधार आता है। हालांकि, बहुत तेजी से वजन घटाने की बजाय संतुलित तरीके से वजन कम करना अधिक सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि सबसे बेहतर उपाय हैं।

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तनाव कम करना भी है जरूरी

फैटी लिवर केवल खानपान से ही नहीं बल्कि मानसिक तनाव से भी प्रभावित हो सकता है। लगातार तनाव रहने पर शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ जाते हैं जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि तनाव कम करने के लिए योग, प्राणायाम, मेडिटेशन या अपनी पसंद की किसी भी गतिविधि को रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इसके अलावा छोटी-छोटी बातों को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता न करें। खुश रहने और खुलकर हंसने की आदत भी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। इसका सकारात्मक असर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और समग्र स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

पर्याप्त नींद और नियमित एक्सरसाइज है जरूरी

स्वस्थ लिवर के लिए अच्छी नींद भी उतनी ही जरूरी है जितनी सही डाइट। डॉक्टर के अनुसार, रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना शरीर की रिकवरी और मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी है। सुबह जल्दी उठकर नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। यदि जिम जाना संभव न हो तो कम से कम 30 से 45 मिनट तक तेज गति से पैदल चलना (ब्रिस्क वॉक) भी काफी फायदेमंद हो सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि से शरीर में जमा अतिरिक्त फैट कम होता है और लिवर की सेहत में सुधार आता है।

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 खानपान में करें जरूरी बदलाव

फैटी लिवर को नियंत्रित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है अपने खानपान पर नियंत्रण रखना। डॉक्टर सलाह देते हैं कि चीनी, गुड़, शहद और अन्य मीठी चीजों का सेवन सीमित या बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा तले हुए खाद्य पदार्थ, जंक फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना जरूरी है। कचौड़ी, समोसा, पकौड़े, पिज्जा, बर्गर, मैदा से बनी चीजें और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजें लिवर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। इसके बजाय भोजन में हरी सब्जियां, सलाद, साबुत अनाज, दालें, फल (डॉक्टर की सलाह के अनुसार), कम वसा वाला प्रोटीन और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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सिर्फ वजन घटाना नहीं, मसल्स बढ़ाना भी जरूरी

डॉक्टर के अनुसार, केवल वजन कम करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि शरीर की मांसपेशियों (मसल्स) को मजबूत बनाना भी जरूरी है। इसके लिए नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या हल्की वेट एक्सरसाइज की जा सकती है। जब शरीर में मांसपेशियों का प्रतिशत बढ़ता है तो मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, जिससे अतिरिक्त फैट कम करने में मदद मिलती है। यही कारण है कि वजन घटाने के साथ-साथ मसल गेन पर भी ध्यान देना चाहिए।

शरीर में पानी की कमी न होने दें

फैटी लिवर से जूझ रहे लोगों को पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी होने से कई शारीरिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं। पर्याप्त पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है और संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।

शराब से पूरी तरह बनाएं दूरी

यदि किसी व्यक्ति को फैटी लिवर की समस्या है, तो शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। अल्कोहल लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और पहले से मौजूद समस्या को और गंभीर बना सकता है। इसलिए लिवर को स्वस्थ रखने के लिए शराब से पूरी तरह परहेज करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

समय रहते सुधार से मिल सकता है फायदा

फैटी लिवर, खासकर शुरुआती ग्रेड में, ऐसी स्थिति है जिसमें सही समय पर जीवनशैली में बदलाव करके काफी सुधार किया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव पर नियंत्रण, वजन कम करना और शराब से दूरी जैसे छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव लिवर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Content Editor

Priya Yadav

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