मिलावटी सरसों के तेल ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, कैसे करें इसकी पहचान
punjabkesari.in Sunday, Jul 19, 2026 - 01:39 PM (IST)
नारी डेस्क: झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने मिलावटी खाद्य पदार्थों के बढ़ते खतरे को फिर से चर्चा में ला दिया है। जिले के सिक्का गांव में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के पीछे मिलावटी सरसों के तेल को जिम्मेदार माना गया है। शुरुआती जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट में सामने आया है कि परिवार जिस सरसों के तेल का इस्तेमाल कर रहा था, उसमें आर्जिमोन मैक्सिकाना (Argemone Mexicana) यानी सत्यानाशी या पीले धतूरे के बीजों के तेल की मिलावट थी। रांची स्थित स्टेट फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी की रिपोर्ट के अनुसार, इस मिलावटी तेल के सेवन से परिवार के सदस्यों को एपिडेमिक ड्रॉप्सी (Epidemic Dropsy) नामक गंभीर बीमारी हुई, जो अंततः उनकी मौत का कारण बनी।
एक-एक कर छह लोगों की चली गई जान
रिपोर्ट के मुताबिक, इस दर्दनाक घटना की शुरुआत 19 जून को हुई, जब परिवार के सदस्य कुलदीप महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। अगले ही दिन उनकी बेटी बबिता कुमारी ने भी दम तोड़ दिया। परिवार पर दुखों का पहाड़ यहीं नहीं रुका। बेंगलुरु में नौकरी कर रहे अनुज महतो अपने पिता और बहन की मौत की खबर सुनकर तुरंत गांव लौटे। लेकिन कुछ ही दिनों के भीतर 26 जून को उनकी छोटी बहन इंदु कुमारी की भी मौत हो गई। इसके दो दिन बाद, 28 जून को अनुज की पत्नी श्वेता देवी ने भी अंतिम सांस ली। 29 जून को उनके भाई नकुल महतो की मौत हो गई और आखिरकार 8 जुलाई को उनकी मां लाखो देवी का भी निधन हो गया। इस तरह कुछ ही दिनों के भीतर एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया।

क्या है एपिडेमिक ड्रॉप्सी
एपिडेमिक ड्रॉप्सी एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो आमतौर पर आर्जिमोन तेल से मिलावटी सरसों के तेल के सेवन से होती है। यह बीमारी शरीर में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, कमजोरी, आंखों और पैरों में सूजन, दिल पर दबाव और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
आर्जिमोन ऑयल शरीर के लिए कितना खतरनाक है
विशेषज्ञों के अनुसार, सरसों के बीज और आर्जिमोन (सत्यानाशी) के बीज देखने में काफी हद तक एक जैसे होते हैं। इसी वजह से कुछ मामलों में इनकी मिलावट कर दी जाती है। आर्जिमोन के बीजों में सैन्गुइनरीन (Sanguinarine) नामक जहरीला रसायन पाया जाता है। जब यह शरीर में पहुंचता है तो धीरे-धीरे जहर की तरह असर करता है। यह रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा प्रभाव डालता है।
विशेष रूप से यह जहरीला तत्व
दिल (Heart) को प्रभावित कर सकता है। लीवर (Liver) को नुकसान पहुंचा सकता है। किडनी (Kidney) की कार्यक्षमता पर असर डाल सकता है। शरीर में सूजन और रक्त संचार से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

मिलावटी सरसों के तेल की पहचान कैसे करें
हालांकि किसी भी खाद्य पदार्थ की शुद्धता की सबसे सटीक जांच प्रयोगशाला में ही संभव है, लेकिन घर पर कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखकर मिलावट की आशंका को काफी हद तक पहचाना जा सकता है।
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खुशबू पर दें ध्यान
शुद्ध सरसों के तेल की महक काफी तेज और तीखी होती है, जिसे सूंघते ही नाक में हल्की झनझनाहट महसूस हो सकती है। अगर तेल में बिल्कुल गंध नहीं आ रही या उसकी महक असामान्य लग रही है, तो सावधानी बरतनी चाहिए।
रंग को ध्यान से देखें
असली सरसों का तेल आमतौर पर गहरे पीले या सुनहरे रंग का होता है। अगर तेल बहुत हल्का, बेहद साफ या पानी जैसा पतला दिखाई दे, तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ सकता है।
भरोसेमंद ब्रांड और विक्रेता से ही खरीदें
हमेशा विश्वसनीय कंपनी या भरोसेमंद दुकानदार से ही सरसों का तेल खरीदें। बिना लेबल वाले या अत्यधिक सस्ते तेल खरीदने से बचें।

पैकेजिंग और गुणवत्ता चिह्न देखें
पैक्ड तेल खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट, निर्माण विवरण और गुणवत्ता संबंधी प्रमाणन (जैसे FSSAI लाइसेंस) जरूर जांचें।
मिलावटी खाद्य पदार्थों से सतर्क रहना है जरूरी
बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। ऐसे में केवल सरसों के तेल ही नहीं, बल्कि मसाले, घी, दूध और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय भी सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी खाद्य पदार्थ का स्वाद, रंग, गंध या गुणवत्ता असामान्य लगे तो उसका सेवन करने से बचें और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।

