Hina Khan ने खोले कैंसर जर्नी के दर्दनाक राज, बताया कैसे रखा खुद को मजबूत

punjabkesari.in Sunday, Jul 26, 2026 - 02:23 PM (IST)

नारी डेस्क : टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री हिना खान पिछले कुछ समय से स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करा रही हैं। उन्होंने अपनी बीमारी को कभी छिपाया नहीं, बल्कि शुरुआत से ही फैंस के साथ अपनी हेल्थ अपडेट साझा करती रही हैं। आज वह इलाज के बाद रिकवरी और मेंटेनेंस फेज में हैं और पहले से बेहतर महसूस कर रही हैं। हाल ही में सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'All About Her' में हिना ने अपनी कैंसर जर्नी के सबसे कठिन अनुभवों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कीमोथेरेपी केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी इंसान को पूरी तरह बदल देती है।

कैसे चला ब्रेस्ट कैंसर का पता?

हिना खान ने 28 जून 2024 को सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस को बताया था कि उन्हें स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर है। इस खबर ने उनके चाहने वालों को झकझोर दिया था। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा था कि यह सफर आसान नहीं होगा, लेकिन वह पूरी हिम्मत और सकारात्मक सोच के साथ इसका सामना करेंगी।

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कीमोथेरेपी का सबसे कठिन दौर कैसा था?

हिना खान ने बताया कि उनकी हर तीन सप्ताह में एक कीमोथेरेपी होती थी और हर सेशन के बाद का पहला सप्ताह सबसे ज्यादा तकलीफ भरा होता था। उन्होंने कहा, कीमोथेरेपी के बाद पूरे शरीर की नसों में तेज दर्द होता था। यह दर्द इतना ज्यादा होता था कि सामान्य काम करना भी मुश्किल हो जाता था। डॉक्टरों ने दर्द कम करने के लिए दवाइयां दी थीं, लेकिन उनसे भी पूरी राहत नहीं मिलती थी। हालांकि, अगले दो सप्ताह में उनकी स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होने लगती थी।

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शरीर में आए बदलावों को स्वीकार करना आसान नहीं था

कीमोथेरेपी का असर सिर्फ शरीर के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहरी रूप पर भी दिखाई देता है। हिना ने बताया कि इलाज के दौरान उनका वजन काफी बढ़ गया, शरीर पहले जैसा नहीं रहा और बाल पूरी तरह झड़ गए। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से काफी फिट और स्लिम रही हूं। लेकिन जब मैंने अपने शरीर और चेहरे में बदलाव देखे, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ा भावनात्मक झटका था। बाल खोना सबसे मुश्किल अनुभवों में से एक था। हालांकि, उन्होंने इन बदलावों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और धीरे-धीरे खुद को स्वीकार करना सीखा।

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हिना खान ने बताया मानसिक संघर्ष सबसे बड़ी चुनौती था

हिना खान का मानना है कि कैंसर से लड़ाई में सबसे कठिन हिस्सा सिर्फ शारीरिक दर्द नहीं, बल्कि मानसिक रूप से मजबूत बने रहना होता है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने खुद को मजबूत रखने की पूरी कोशिश की, लेकिन समय के साथ कई बार डर, निराशा और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना भी करना पड़ा। उनके मुताबिक, बाहरी खूबसूरती से ज्यादा जरूरी मानसिक मजबूती है। अगर मन मजबूत है तो इंसान हर मुश्किल से लड़ सकता है।

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परिवार बना सबसे बड़ा सहारा

हिना ने बताया कि इस मुश्किल दौर में उनके परिवार, करीबी दोस्तों और आध्यात्मिक सोच ने उन्हें टूटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मेडिटेशन, सकारात्मक सोच और खुद पर भरोसा बनाए रखने से उन्हें हर दिन नई ऊर्जा मिलती थी। उनका मानना है कि कैंसर से जूझ रहे हर व्यक्ति को अपने आसपास सकारात्मक माहौल रखना चाहिए और ऐसे लोगों के बीच रहना चाहिए जो उसे हिम्मत दें।

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कैंसर मरीजों को हिना खान की सलाह

हिना खान का कहना है कि बीमारी चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए।
उन्होंने कैंसर मरीजों को सलाह देते हुए कहा
अपनी बीमारी को स्वीकार करें, उससे डरें नहीं।
डॉक्टर की सलाह और इलाज पर पूरा भरोसा रखें।
मानसिक स्वास्थ्य का भी उतना ही ध्यान रखें जितना शारीरिक स्वास्थ्य का।
परिवार और दोस्तों का साथ स्वीकार करें।
हर दिन सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करें।

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हिना खान का जीवन मंत्र

हिना का मानना है कि इंसान के हाथ में हर परिस्थिति नहीं होती, लेकिन उन परिस्थितियों का सामना कैसे करना है, यह पूरी तरह हमारे हाथ में होता है। उनके शब्दों में, जो हमारे नियंत्रण में नहीं है, उसके बारे में चिंता करने से बेहतर है कि हम अपना 100 प्रतिशत दें। हार मानना कभी भी विकल्प नहीं होना चाहिए।


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Monika

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