मोबाइल और Laptop आपकी Skin को बना रहे समय से पहले बूढ़ा!
punjabkesari.in Thursday, May 14, 2026 - 11:53 AM (IST)
नारी डेस्क: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। सुबह आंख खुलते ही फोन हाथ में आ जाता है और रात को सोने से पहले तक स्क्रीन से दूरी बनाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब एक्सपर्ट्स लगातार बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर नई चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि डिजिटल डिवाइसेज से निकलने वाली ब्लू लाइट त्वचा पर बुरा असर डाल सकती है। इसी समस्या को अब “डिजिटल सनबर्न” नाम दिया जा रहा है।
क्या होता है डिजिटल सनबर्न?
डिजिटल सनबर्न कोई आधिकारिक मेडिकल बीमारी नहीं है, लेकिन यह शब्द तेजी से चर्चा में है। इसका इस्तेमाल स्क्रीन से निकलने वाली हाई एनर्जी विजिबल लाइट यानी ब्लू लाइट के त्वचा पर पड़ने वाले असर को समझाने के लिए किया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन के सामने रहने से स्किन पर समय से पहले एजिंग के संकेत दिखाई देने लगते हैं। इनमें झुर्रियां, फाइन लाइन्स, डलनेस और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं।

ब्लू लाइट कैसे पहुंचाती है नुकसान?
मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली ब्लू लाइट त्वचा की गहराई तक पहुंच सकती है। माना जाता है कि यह स्किन में मौजूद कोलेजन को प्रभावित करती है। कोलेजन वह प्रोटीन है जो त्वचा को टाइट, स्मूद और जवान बनाए रखने में मदद करता है। जब कोलेजन कमजोर होने लगता है, तो चेहरे पर ढीलापन आने लगता है और उम्र से पहले एजिंग के लक्षण दिखने लगते हैं। लगातार स्क्रीन एक्सपोजर स्किन सेल्स पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ा सकता है, जिससे त्वचा की चमक धीरे-धीरे कम होने लगती है।
चेहरे पर दिख सकते हैं ये बदलाव
ज्यादा स्क्रीन टाइम सिर्फ झुर्रियों तक सीमित नहीं है। कई लोगों में चेहरे पर हल्के काले धब्बे, uneven skin tone और पिगमेंटेशन की समस्या भी बढ़ सकती है। खासकर वे लोग जो देर रात तक फोन इस्तेमाल करते हैं या घंटों लैपटॉप पर काम करते हैं, उनमें स्किन डिहाइड्रेशन ज्यादा देखने को मिलता है। इसके कारण चेहरा थका हुआ, बेजान और रूखा नजर आने लगता है। कई बार आंखों के आसपास की त्वचा पर भी इसका असर जल्दी दिखाई देने लगता है।

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क्या सच में स्क्रीन से त्वचा बूढ़ी हो सकती है?
स्किन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्लू लाइट का असर सूरज की UV किरणों जितना खतरनाक तो नहीं होता, लेकिन लगातार और लंबे समय तक एक्सपोजर स्किन हेल्थ को प्रभावित कर सकता है। खासकर अगर आपकी लाइफस्टाइल में पहले से तनाव, कम नींद और खराब खानपान शामिल है, तो स्क्रीन का असर और तेजी से दिख सकता है।

कैसे करें अपनी त्वचा का बचाव?
डिजिटल डिवाइसेज का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है, लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर इसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्क्रीन टाइम को सीमित करने की कोशिश करें और हर 20-30 मिनट बाद आंखों और चेहरे को थोड़ा आराम दें। मोबाइल और लैपटॉप में ब्लू लाइट फिल्टर या डार्क मोड का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा त्वचा को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना, मॉइस्चराइजर लगाना और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना स्किन को प्रोटेक्ट करने में मदद कर सकता है। अब कई स्किन एक्सपर्ट्स इंडोर स्क्रीन एक्सपोजर के दौरान भी सनस्क्रीन लगाने की सलाह देने लगे हैं।
अच्छी डाइट और नींद भी है जरूरी
त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में सिर्फ स्किन केयर प्रोडक्ट्स ही नहीं, बल्कि आपकी लाइफस्टाइल भी बड़ी भूमिका निभाती है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर डाइट, पर्याप्त नींद और तनाव कम रखना स्किन को अंदर से मजबूत बनाता है। विटामिन C और विटामिन E जैसे पोषक तत्व फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं, जो समय से पहले एजिंग का बड़ा कारण माने जाते हैं। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा लंबे समय तक हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहे, तो स्क्रीन टाइम के साथ अपनी दिनचर्या पर भी ध्यान देना जरूरी है।

