सीधी दीवारों से आगे: 2026 में कर्व्स और आर्च दे रहे हैं घर को नई पहचान
punjabkesari.in Tuesday, Oct 13, 2026 - 04:18 PM (IST)
नारी डेस्क: कई वर्षों तक आधुनिक इंटीरियर का मतलब सीधी दीवारें, चौकोर फर्नीचर और साफ-सुथरी ज्यामितीय आकृतियां हुआ करता था। लेकिन 2026 में घरों की डिजाइन शैली में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब घुमावदार दीवारें, मेहराबदार दरवाजे और गोल आकार वाला फर्नीचर घरों को नया और आकर्षक रूप दे रहे हैं।
कर्व्स और आर्च में क्या अंतर है?
कर्व्स का मतलब है गोलाई या घुमाव, जबकि आर्च दरवाजे, खिड़की या दीवार के ऊपरी हिस्से में बनने वाली मेहराबदार आकृति है। आज इनका इस्तेमाल केवल दरवाजों तक सीमित नहीं है। घुमावदार सोफा, गोल सेंटर टेबल, मेहराबदार शीशे, दीवारों की गोलाई और किचन के गोल किनारों में भी यह डिजाइन दिखाई देता है।
लिविंग रूम को दें नया रूप
लिविंग रूम में घुमावदार सोफा और गोल सेंटर टेबल इस्तेमाल करके बिना किसी बड़े निर्माण कार्य के इस ट्रेंड को अपनाया जा सकता है। यदि लिविंग और डाइनिंग एरिया एक ही जगह पर हैं, तो हल्की घुमावदार पार्टिशन दोनों हिस्सों को अलग पहचान दे सकती है, जबकि उनके बीच खुलापन बना रहता है।
सुझाव: क्रीम या बेज रंग का कर्व्ड सोफा, लकड़ी की गोल सेंटर टेबल और हल्के रंग का कालीन चुनें। यदि दीवार पहले से घुमावदार है, तो उसके सामने बहुत अधिक सजावट न करें।

प्रवेश द्वार पर बनाएं खास पहचान
घर का प्रवेश द्वार उसकी पहली छाप बनाता है। साधारण दरवाजे के आसपास मेहराबदार डिजाइन, प्रवेश के पास गोल शीशा या घुमावदार कंसोल टेबल लगाकर इस हिस्से को आकर्षक बनाया जा सकता है।
सुझाव: हल्के रंग की दीवार, लकड़ी का दरवाजा, गर्म रोशनी और एक सुंदर पौधा प्रवेश को सादगीपूर्ण लेकिन प्रभावशाली बना सकते हैं।

छोटे घरों में भी अपनाएं यह ट्रेंड
छोटे अपार्टमेंट में पूरी दीवार को घुमावदार बनवाना जरूरी नहीं है। गोल कॉफी टेबल, अंडाकार डाइनिंग टेबल, गोल किनारों वाला कंसोल या मेहराबदार शीशा भी पर्याप्त हो सकता है। ऐसे डिजाइन कुछ जगहों पर आने-जाने की सुविधा बेहतर कर सकते हैं, लेकिन फर्नीचर का आकार सही होना चाहिए।
सुझाव: खरीदने से पहले फर्नीचर की लंबाई, चौड़ाई और उसके आसपास चलने के लिए जरूरी जगह नाप लें। केवल सुंदर दिखने के कारण बहुत बड़ा सोफा न चुनें।
बेडरूम और पूजा के कोने में कोमलता
बेडरूम में गोलाई वाला हेडबोर्ड, मेहराबदार ड्रेसिंग मिरर या हल्के घुमाव वाला वॉल पैनल अच्छा विकल्प है। पूजा या ध्यान के कोने में छोटी मेहराबदार जगह, हल्के रंग और अप्रत्यक्ष रोशनी शांत वातावरण बना सकते हैं।
सुझाव: इन जगहों पर क्रीम, हल्का भूरा, मिट्टी जैसा रंग और लकड़ी की फिनिश अपनाएं। डिजाइन ऐसा रखें कि सफाई और रोजमर्रा का इस्तेमाल आसान रहे।
किचन और बाथरूम में कर्व्स
किचन में गोल किनारों वाला आइलैंड या काउंटर आधुनिक दिख सकता है। हालांकि, काम करने की जगह, स्टोरेज और उपकरणों के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए। बाथरूम में अंडाकार शीशा, गोल किनारों वाला वॉशबेसिन काउंटर या मेहराबदार दीवार की जगह आकर्षक लग सकती है।
सुझाव: पूरे किचन काउंटर को घुमावदार बनाने के बजाय केवल एक कोने को गोल करना अधिक व्यावहारिक और किफायती हो सकता है। बाथरूम में पानी की निकासी, वॉटरप्रूफिंग और सफाई की सुविधा को प्राथमिकता दें।
सही रंग, सामग्री और रोशनी चुनें
घुमावदार दीवारों पर मैट पेंट, हल्के टेक्सचर वाला प्लास्टर, लकड़ी की फिनिश और प्राकृतिक पत्थर अच्छे विकल्प हो सकते हैं। बेज, क्रीम, ऑफ-व्हाइट, टेराकोटा और मिट्टी जैसे रंग इन आकृतियों को खूबसूरती से उभारते हैं।
छिपी हुई एलईडी लाइट या दीवार पर पड़ने वाली हल्की रोशनी घुमाव को और प्रभावी बना सकती है। लेकिन सतह की फिनिश अच्छी होना जरूरी है, क्योंकि रोशनी असमान जोड़ और खामियां भी दिखा सकती है।
निर्माण और बजट का रखें ध्यान
घुमावदार दीवार बनाने के लिए डिजाइन के अनुसार एल्युमिनियम फ्रेम, फ्लेक्सी-प्लाई, एमडीएफ या जिप्सम आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है। हर सामग्री हर आकार के घुमाव के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसलिए निर्माण शुरू करने से पहले डिजाइन, सामग्री और फिनिश तय करें।

दीवार के निचले हिस्से में लगने वाली स्कर्टिंग का ध्यान रखना भी जरूरी है। सामान्य सीधी स्कर्टिंग घुमावदार दीवार पर ठीक से नहीं बैठ सकती। इसके लिए लचीली या विशेष आकार की स्कर्टिंग की जरूरत पड़ सकती है।
सुझाव: बजट सीमित हो तो पूरे घर में कई घुमाव बनाने के बजाय एक प्रमुख जगह चुनें। एक अच्छी तरह तैयार की गई घुमावदार दीवार या सुंदर मेहराब कई छोटे सजावटी बदलावों से अधिक प्रभावशाली हो सकती है।
सीधी रेखाओं के साथ कर्व्स का मेल
पूरे घर को गोल आकार में डिजाइन करने की जरूरत नहीं है। घुमावदार सोफे के साथ आयताकार कालीन, गोल टेबल के साथ सीधी रेखाओं वाली लाइट या मेहराबदार दीवार के साथ साधारण अलमारी अच्छा संतुलन बना सकती है। इससे घर न तो बहुत सादा लगेगा और न ही जरूरत से ज्यादा सजावटी।
वास्तु के संदर्भ में क्या ध्यान रखें?
वास्तु के अनुसार घर की योजना बनाते समय किसी भी घुमाव को अपने आप शुभ या अशुभ मानने के बजाय कमरे के उपयोग, उपलब्ध जगह, प्राकृतिक रोशनी और फर्नीचर की व्यवस्था को ध्यान में रखना चाहिए। पूजा या ध्यान का स्थान शांत, साफ और सुविधाजनक होना चाहिए। केवल ट्रेंड के लिए ऐसा निर्माण न करें जिससे कमरे की उपयोगिता कम हो जाए।
कर्व्स और आर्च घर की बनावट में कोमलता और सुंदरता जोड़ते हैं। इनका सही इस्तेमाल तभी सफल होता है, जब डिजाइन के साथ जगह की उपयोगिता, आराम और बजट का भी ध्यान रखा जाए।
2026 का यह ट्रेंड बताता है कि आधुनिक घरों में सुंदरता अब केवल सीधी रेखाओं तक सीमित नहीं है। सही जगह पर इस्तेमाल की गई गोलाई, मेहराब और सॉफ्ट किनारे घर को आकर्षक, आरामदायक और अपनी अलग पहचान वाला बना सकते हैं।

लेखक: रक्षा सेठी, इंटीरियर डिज़ाइनर एवं वास्तु विशेषज्ञ इंदौर

