शुगर मरीजों के लिए खुशखबरी! स्टेम सेल थेरेपी से टाइप 2 डायबिटीज होगी कंट्रोल
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 04:46 PM (IST)
नारी डेस्क: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे अब तक पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि केवल दवाओं, इंसुलिन, डाइट और एक्सरसाइज से कंट्रोल किया जाता है। लेकिन हाल ही में चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने स्टेम सेल थेरेपी की मदद से टाइप 2 डायबिटीज के एक मरीज का सफल इलाज किया है। इस खबर ने दुनियाभर में उम्मीद जगाई है कि शायद भविष्य में डायबिटीज का इलाज संभव हो सके। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक अभी शुरुआती रिसर्च स्टेज में है और इसे पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी मानने से पहले बड़े स्तर पर ट्रायल जरूरी हैं।
नई तकनीक
चीन के शंघाई शांगजेंग अस्पताल और पेकिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मिलकर एक नई तकनीक विकसित की है। उन्होंने स्टेम सेल की मदद से कृत्रिम (आर्टिफिशियल) पैंक्रियाटिक इसलेट सेल्स तैयार कीं। पैंक्रियाज (अग्न्याशय) की इसलेट सेल्स ही शरीर में इंसुलिन बनाती हैं। टाइप 2 डायबिटीज में या तो शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या फिर इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं कर पाता। वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने 59 साल के एक मरीज में इन नई सेल्स को ट्रांसप्लांट कर ब्लड शुगर को नियंत्रित किया।
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कैसे काम करती है स्टेम सेल थेरेपी?
स्टेम सेल ऐसी खास कोशिकाएं होती हैं जो शरीर में अलग-अलग प्रकार की नई कोशिकाएं बनाने की क्षमता रखती हैं।
इस थेरेपी में
स्टेम सेल से हेल्दी पैंक्रियाटिक इसलेट सेल्स तैयार की जाती हैं। इन्हें मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जाता है। ये नई सेल्स शरीर में इंसुलिन बनाने लगती हैं। जरूरत के अनुसार इंसुलिन रिलीज होता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। अगर यह प्रक्रिया सही तरीके से काम करे, तो मरीज की इंसुलिन इंजेक्शन या दवाओं पर निर्भरता कम हो सकती है।
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क्या यह हर मरीज के लिए कारगर है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह थेरेपी हर मरीज पर एक जैसा असर करे, यह जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में शरीर नई ट्रांसप्लांट की गई सेल्स को स्वीकार नहीं करता। ऐसे में इलाज का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसके अलावा, अभी यह तकनीक शुरुआती ट्रायल चरण में है। बड़े स्तर पर और लंबे समय तक रिसर्च के बाद ही यह तय होगा कि यह तरीका सुरक्षित और प्रभावी है या नहीं।
फिलहाल क्या करें डायबिटीज मरीज?
डॉक्टरों की सलाह है कि जब तक यह थेरेपी पूरी तरह प्रमाणित नहीं हो जाती, तब तक मरीजों को अपनी नियमित दवाएं, इंसुलिन, संतुलित आहार और रोजाना एक्सरसाइज जारी रखनी चाहिए।
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डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए
संतुलित और कम शुगर वाली डाइट लें। रोजाना वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें। वजन को नियंत्रित रखें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच कराते रहें। स्टेम सेल थेरेपी भविष्य में डायबिटीज के इलाज में बड़ा बदलाव ला सकती है, लेकिन अभी इसे पूरी तरह इलाज मानना जल्दबाजी होगी। फिलहाल यह रिसर्च और ट्रायल के दौर में है।

