High BP होने पर शरीर में दिखते हैं ये बदलाव, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 11:58 AM (IST)
नारी डेस्क : हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों में इसका कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता। यही वजह है कि व्यक्ति को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है। हालांकि, बहुत ज्यादा BP होने पर कुछ गंभीर संकेत नजर आ सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। आजकल खराब खानपान, तनाव, कम शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान और शराब जैसी आदतों के कारण हाई BP का खतरा बढ़ रहा है। लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर रहने से दिल, दिमाग, किडनी और आंखों जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ सकता है। इसलिए नियमित रूप से BP की जांच कराना बेहद जरूरी है।
क्या होता है ब्लड प्रेशर?
ब्लड प्रेशर वह दबाव है, जो शरीर में बहता हुआ खून धमनियों की दीवारों पर डालता है। इसे दो संख्याओं में मापा जाता है। सिस्टोलिक और डायस्टोलिक BP। सिर्फ एक रीडिंग के आधार पर हाई BP का निदान नहीं किया जाता। लगातार बढ़ी हुई रीडिंग आने पर डॉक्टर स्थिति का आकलन करते हैं। इसलिए अगर आपका BP बार-बार सामान्य से ज्यादा आ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हो सकते हैं?
हाई BP को अक्सर बिना लक्षण वाली बीमारी माना जाता है। लेकिन जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है
तो कुछ लोगों में गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं,
जैसे, अचानक तेज सिरदर्द
सांस लेने में परेशानी
सीने, पेट या पीठ में अचानक तेज दर्द
हाथ-पैर या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन
अचानक धुंधला दिखाई देना या नजर में बदलाव
बोलने में परेशानी
भ्रम या असामान्य बेचैनी
इनमें से कोई भी गंभीर लक्षण अचानक दिखाई दे, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें और तुरंत मेडिकल सहायता लें।
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180/120 mmHg या इससे ज्यादा BP हो तो क्या करें?
अगर ब्लड प्रेशर 180/120 mmHg या इससे ज्यादा आता है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। खासकर अगर इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी या सुन्नपन, नजर में बदलाव, बोलने में दिक्कत या तेज सिरदर्द जैसे लक्षण भी हों, तो यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें। खुद से दवा की अतिरिक्त खुराक लेने या BP तेजी से कम करने की कोशिश न करें, जब तक डॉक्टर ऐसा न कहें।

हाई BP को नजरअंदाज करने से क्या हो सकता है?
लंबे समय तक अनियंत्रित हाई BP शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे इन समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है
स्ट्रोक: लगातार बढ़ा हुआ BP दिमाग की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।
हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर: हाई BP दिल पर लगातार अतिरिक्त दबाव डालता है। समय के साथ इससे हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
किडनी की बीमारी: किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने से लंबे समय में किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
आंखों को नुकसान: अनियंत्रित हाई BP आंखों की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है और दृष्टि संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
एथेरोस्क्लेरोसिस: हाई BP धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है और धमनियों में प्लाक जमा होने की प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकता है।
एन्यूरिज्म: लगातार बढ़ा हुआ रक्तचाप रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर दबाव डाल सकता है, जिससे कुछ मामलों में एन्यूरिज्म का जोखिम बढ़ सकता है।
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हाई BP से बचने के लिए क्या करें?
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव मददगार हो सकते हैं
नमक का सेवन सीमित रखें।
फल, सब्जियां और संतुलित आहार को डाइट में शामिल करें।
नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि या एक्सरसाइज करें।
धूम्रपान से बचें।
शराब का सेवन करते हैं तो इसे सीमित करें या छोड़ने की कोशिश करें।
वजन को स्वस्थ सीमा में बनाए रखें।
पर्याप्त और नियमित नींद लें।
तनाव को कम करने के लिए योग, मेडिटेशन या अन्य स्वस्थ गतिविधियां अपनाएं।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित BP की जांच कराते रहें।
अगर BP की दवा चल रही है, तो उसे डॉक्टर की सलाह के बिना बंद न करें।

कब करानी चाहिए ब्लड प्रेशर की जांच?
हाई BP कई बार बिना किसी लक्षण के भी हो सकता है। इसलिए सिर्फ सिरदर्द या चक्कर आने का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर BP की जांच कराना जरूरी है। अगर आपकी BP रीडिंग बार-बार सामान्य से ज्यादा आती है, परिवार में हाई BP या हृदय रोग का इतिहास है, या आपको पहले से कोई ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिससे BP का खतरा बढ़ सकता है, तो डॉक्टर से नियमित जांच और उचित सलाह लें।

