थकान और उल्टी भी है हार्ट अटैक के संकेत, महिलाएं शरीर के इशाराें पर दें ध्यान

punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 11:14 AM (IST)

नारी डेस्क:  दिल की बीमारी को अक्सर पुरुषों की समस्या माना जाता है, लेकिन सच्चाई यह है कि महिलाओं में भी हृदय रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। एक कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार, महिलाओं में दिल की बीमारी के लक्षण और असर कई बार पुरुषों से अलग होते हैं। इसलिए महिलाओं के लिए दिल की सेहत से जुड़ी कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है।


महिलाओं के दिल की सेहत से जुड़े जरूरी तथ्य


महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण हमेशा सीने में तेज दर्द के रूप में नहीं आते। कई बार यह थकान, मतली, सांस फूलना या पीठ-जबड़े में दर्द के रूप में भी दिख सकता है। महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन दिल की कुछ हद तक सुरक्षा करता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। महिलाएं अक्सर मानसिक तनाव और भावनात्मक दबाव ज्यादा झेलती हैं, जो दिल की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।


डायबिटीज का खतरा ज्यादा

अगर किसी महिला को डायबिटीज है, तो उसके लिए दिल की बीमारी का जोखिम पुरुषों की तुलना में ज्यादा हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाला हाई बीपी या प्रीक्लेम्पसिया भविष्य में दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। कम शारीरिक गतिविधि, ज्यादा जंक फूड, धूम्रपान और नींद की कमी दिल के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।


 नियमित जांच जरूरी

महिलाओं को 30–35 साल के बाद ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर की नियमित जांच कराते रहना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और सही वजन बनाए रखने से दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। अगर अचानक सांस फूलना, सीने में दबाव, असामान्य थकान, जबड़े, पीठ या कंधे में दर्द महसूस हो, तो तुरंत जांच करानी चाहिए। दिल की सेहत को नजरअंदाज न करें, क्योंकि स्वस्थ दिल ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।


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vasudha

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