जिम के बाद हथेली पर बन गई हैं सख्त गांठें, जानें क्यों होती हैं और कैसे मिलेगा आराम
punjabkesari.in Friday, Sep 11, 2026 - 12:19 PM (IST)
नारी डेस्क : जिम में लगातार डंबल, बारबेल या दूसरे वर्कआउट इक्विपमेंट को कसकर पकड़ने से हथेलियों पर दबाव और घर्षण बढ़ जाता है। इसका असर कई बार त्वचा के मोटे और सख्त होने के रूप में दिखाई देता है, जिसे कॉलस (Callus) कहा जाता है। खासकर वेटलिफ्टिंग करने वालों की हथेलियों में इस तरह की सख्त त्वचा आम देखने को मिलती है। लेकिन अगर हथेली के अंदर त्वचा के नीचे अलग से सख्त गांठ महसूस हो रही है, तो इसे हमेशा जिम की वजह से बना कॉलस मानना सही नहीं है। कुछ मामलों में ऐसी गांठ Dupuytren’s disease में भी हो सकती है, जिसमें हथेली के नीचे मौजूद ऊतक मोटा होकर गांठ या रस्सी जैसी संरचना बना सकता है।
जिम के बाद हथेली पर गांठ क्यों बनती है?
वेटलिफ्टिंग और दूसरी ऐसी एक्सरसाइज में हथेली पर बार-बार दबाव पड़ता है। लगातार घर्षण के कारण त्वचा खुद को बचाने के लिए मोटी और सख्त हो सकती है। यही कॉलस हथेली पर उभरी हुई या पत्थर जैसी कठोर परत महसूस करा सकता है। अगर गांठ त्वचा की ऊपरी परत के मोटे होने की बजाय त्वचा के नीचे महसूस होती है, तो इसका कारण अलग हो सकता है। इसलिए गांठ का आकार, जगह, दर्द और उंगलियों की हरकत में होने वाले बदलाव पर ध्यान देना जरूरी है।

अगर कॉलस है तो ऐसे पाएं राहत
अगर सख्त त्वचा जिम में लगातार ग्रिप करने की वजह से बनी है और कोई दूसरी समस्या नहीं है, तो सबसे पहले उस हिस्से पर पड़ने वाले घर्षण और दबाव को कम करना जरूरी है। वर्कआउट के दौरान सही फिटिंग वाले जिम ग्लव्स या ग्रिप प्रोटेक्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे हथेली और उपकरण के बीच होने वाले सीधे घर्षण को कम करने में मदद मिल सकती है। घर पर हाथों को कुछ देर गुनगुने पानी में भिगोने से मोटी त्वचा नरम हो सकती है। इसके बाद हल्के हाथ से मोटी त्वचा की देखभाल की जा सकती है। त्वचा को मॉइस्चराइज रखना भी मददगार हो सकता है।
ध्यान रखें: सख्त त्वचा को ब्लेड, कैंची या किसी नुकीली चीज से काटकर हटाने की कोशिश न करें। इससे चोट और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
यें भी पढ़ें : Stage 4 Lung Cancer से जंग जीत चुके हैं संजय दत्त, बताया कैसे फेफड़ों के कैंसर को दी मात
कब यह सिर्फ कॉलस नहीं हो सकता?
अगर हथेली में गांठ त्वचा के नीचे गहराई में महसूस होती है, लगातार बनी रहती है या धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है। Dupuytren’s disease में शुरुआत में हथेली पर छोटी, सख्त गांठ या नोड्यूल दिखाई दे सकता है। समय के साथ कुछ लोगों में इसके कारण उंगलियों को सीधा करने में परेशानी होने लगती है। यह बदलाव आमतौर पर धीरे-धीरे महीनों या वर्षों में विकसित होता है। अगर आपको लगे कि उंगलियां पहले की तरह पूरी तरह सीधी नहीं हो पा रही हैं या हथेली को सपाट रखने में परेशानी हो रही है, तो ऑर्थोपेडिक या हैंड स्पेशलिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।

दर्द या सूजन हो तो जिम में बरतें सावधानी
अगर गांठ या हथेली में दर्द हो रहा है, तो कुछ समय के लिए ऐसी एक्सरसाइज कम करना बेहतर है जिनमें बहुत ज्यादा ग्रिप या दबाव पड़ता हो। हथेली के दर्द के साथ सूजन, गर्माहट या जकड़न हो तो भी चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। अगर दर्द लगातार बढ़ रहा है, बार-बार लौट रहा है, हाथ में झनझनाहट या सुन्नपन है या सामान्य काम करने में परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
यें भी पढ़ें : इन Blood Group वालों को सबसे ज्यादा काटते हैं मच्छर! जानिए क्या कहती है रिसर्च
नोट : जिम के बाद हथेली पर सख्त उभार दिखना कई बार बार-बार होने वाले घर्षण और दबाव से बने कॉलस की वजह से हो सकता है। लेकिन त्वचा के नीचे बनी सख्त गांठ को सिर्फ जिम का असर मान लेना सही नहीं है। अगर गांठ लंबे समय तक बनी रहे, बढ़े या उंगलियों की हरकत प्रभावित होने लगे, तो डॉक्टर से जांच कराना सबसे बेहतर तरीका है।

