गैस की दुश्मन है ये दाल, इसे खाते ही मिनटों में पेट को मिल जाएगा आराम
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 01:32 PM (IST)
नारी डेस्क: अगर आप अक्सर गैस, भारीपन या बदहजमी से परेशान रहते हैं, तो आपकी थाली में पीली मूंग दाल की जगह साबुत हरी मूंग (Green Moong) शामिल करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, साबुत मूंग पाचन तंत्र के लिए ज्यादा हल्की और फायदेमंद मानी जाती है। चलिए जानते है इस दाल को खाने के 5 बड़े फायदे
ज्यादा फाइबर, बेहतर पाचन
साबुत हरी मूंग में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर दोनों पाए जाते हैं। यह आंतों की सफाई में मदद करती है, कब्ज से राहत दिलाती है, गट हेल्थ मजबूत करती है। जबकि पीली मूंग दाल में प्रोसेसिंग के कारण फाइबर कम हो जाता है।
नेचुरल एंजाइम्स से भरपूर
ग्रीन मूंग में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम्स भोजन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं। ये एंजाइम्स गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग की समस्या को कम करते हैं।
गट बैक्टीरिया को करता है मजबूत
साबुत मूंग प्रीबायोटिक की तरह काम करती है, जिससे अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं। इससे, पाचन सुधरता है, इम्युनिटी मजबूत होती है और आंतों की सूजन कम होती है
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स
ग्रीन मूंग का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कमहोता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे बढ़ती है, पेट लंबे समय तक भरा रहता है ओवरईटिंग नहीं होती
हल्की होने के बावजूद पोषण से भरपूर
साबुत हरी मूंग में हाई प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम होता है, जो पेट पर बोझ डाले बिना शरीर को एनर्जी देता है।
हरी मूंग दाल को खाने का तरीका
इसे रातभर भिगोकर पकाएं या फिर अंकुरित (स्प्राउट्स) रूप में लें। इसे जीरा, हींग और अदरक के साथ पकाएं, ज्यादा तेल और मसालों से बचें। अगर आप हल्का, हेल्दी और पचने में आसान विकल्प चाहते हैं, तोपीली मूंग दाल की जगह साबुत हरी मूंग को डाइट में शामिल करें। यह पाचन ही नहीं, बल्कि ओवरऑल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है।

