मां की मौत के बाद टूट गए थे Govinda, नर्मदा नदी में उठाया था बड़ा कदम...

punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 06:00 PM (IST)

नारी डेस्क : बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोविंदा ने हाल ही में अपनी जिंदगी के उस बेहद मुश्किल दौर को याद किया, जब उनकी मां और हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका-अभिनेत्री निर्मला देवी के निधन ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था। अभिनेता ने बताया कि मां की मौत के बाद वह इतने गहरे दुख में चले गए थे कि एक बार नर्मदा नदी में काफी अंदर तक चले गए थे। उस वक्त उनके मन में अपनी मां से दोबारा मिलने का ख्याल था। गोविंदा ने एक इंटरव्यू में साल 1996 में अपनी मां के निधन के बाद महसूस हुए दर्द को याद करते हुए कहा कि उस समय उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे उनकी जिंदगी में सब कुछ खत्म हो गया है।

बहुत ज्यादा दर्द में था, लगा सब कुछ खत्म हो गया

गोविंदा ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि वह अपनी मां के बेहद करीब थे और उनके निधन ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया था। अभिनेता के मुताबिक, उस समय उन्हें बहुत ज्यादा दर्द और तकलीफ हो रही थी और उन्हें लग रहा था कि अब जिंदगी में कुछ बचा ही नहीं है। निर्मला देवी का 15 जून 1996 को 69 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। गोविंदा कई मौकों पर अपनी मां के साथ अपने गहरे रिश्ते और उनके आध्यात्मिक प्रभाव के बारे में बात कर चुके हैं।

PunjabKesari

मां से दोबारा मिलने की चाह में नर्मदा नदी में उतर गए थे गोविंदा

गोविंदा ने नर्मदा नदी से जुड़ी घटना को याद करते हुए बताया कि वह नदी के पास थे और उनके मन में विचार आया कि अगर वह नदी में थोड़ा और आगे जाएंगे तो शायद अपनी मां से दोबारा मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ वह नदी में आगे बढ़ते चले गए। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वह उस समय आत्महत्या करने की कोशिश कर रहे थे, तो अभिनेता ने जवाब दिया कि “कुछ-कुछ वैसा ही” था। गोविंदा ने कहा कि वह अपनी मां से बेहद जुड़े हुए थे और उनसे बहुत प्यार करते थे। हालांकि, उन्होंने इस घटना को जिंदगी और मृत्यु को लेकर अपने आध्यात्मिक नजरिए से भी जोड़ा।

यें भी पढ़ें : लिवर खराब होने से पहले शरीर में दिखते हैं 4 संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

साधु ने नदी से बाहर निकाला

अभिनेता ने बताया कि जब वह नदी में आगे चले गए थे, तभी एक साधु उनके पास आए। गोविंदा के मुताबिक, वह साधु उन्हें अब राम कुंडल के नाम से याद हैं। गोविंदा ने बताया कि साधु ने उन्हें आवाज दी और उनकी तरफ आए। इसके बाद वह नदी से बाहर निकले। साधु ने उनसे पूछा कि आखिर हुआ क्या है। अभिनेता के मुताबिक, इस घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें अपनी जिंदगी खत्म नहीं करनी है, बल्कि आगे बढ़ना है।

PunjabKesari

मुझे अपने बच्चों के लिए जीना है

गोविंदा ने बताया कि उस घटना के बाद उन्हें एक बड़ा सबक मिला। उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपने बच्चों के लिए जीना है और जिंदगी में अभी बहुत कुछ देखना बाकी है। अभिनेता ने कहा कि उस मानसिक स्थिति से पूरी तरह बाहर आने में उन्हें करीब 10 से 15 दिन लगे। इसके बाद उन्हें धीरे-धीरे एहसास हुआ कि दुनिया में अभी बहुत कुछ ऐसा है जिसे उन्हें अनुभव करना है और उन्हें अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना है।

यें भी पढ़ें : सोने की कलम से लिखी होती है इस मूलांक वालों की किस्मत, धन-वैभव खुद आता है इनके पास

मां की मौत के बाद बदल गया फिल्मों और स्टारडम को देखने का नजरिया

गोविंदा ने बताया कि मां के निधन के बाद उनके लिए फिल्में, एक्टिंग और स्टारडम देखने का नजरिया भी बदल गया। उनके लिए ये चीजें जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं रह गई थीं। अभिनेता ने अपने आध्यात्मिक नजरिए को बताते हुए कहा कि उनके लिए फिल्में और स्टारडम भी भगवान की दी हुई चीजें हैं। उनका मानना है कि इंसान को जो कुछ भी मिलता है, वह ईश्वर की देन है और वह केवल अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके लिए जिंदगी की असली उपलब्धि अपनी मां और परिवार के सपनों को पूरा करना था।

PunjabKesari

मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि मां की इच्छाएं पूरी करना था

गोविंदा ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि वह अपने परिवार और अपनी मां की सेवा कर सके। उन्होंने अपनी मां की उन इच्छाओं को पूरा करने की कोशिश की, जो उन्होंने अपने बेटे के भविष्य को लेकर देखी थीं। अभिनेता ने कहा कि उनकी मां चाहती थीं कि जब उनका बेटा गोविंदा 21 साल का हो, तब वह जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करे। गोविंदा के मुताबिक, वह अपनी मां के इस सपने को पूरा करने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि उनके लिए जिंदगी के उस दौर में यही असली ‘हीरोपंती’ थी।

गोविंदा का वर्कफ्रंट

वर्कफ्रंट की बात करें तो गोविंदा अपनी आने वाली फिल्म ‘रूपा’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उनके साथ कोमल रानी स्वर्णकार नजर आएंगी। यह फिल्म उनके लंबे ब्रेक के बाद वापसी के तौर पर देखी जा रही है। गोविंदा को आखिरी बार बड़े पर्दे पर 2019 की फिल्म ‘रंगीला राजा’ में देखा गया था। इसके बाद वह 2022 की डॉक्यूमेंट्री ‘नाम था कन्हैयालाल’ में नजर आए थे।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static