बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले: चार महीनों में 4829 लोग कुत्तों के काटने का शिकार
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 02:27 PM (IST)
नारी डेस्क: गाजियाबाद में डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एमएमजी अस्पताल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच कुल 4829 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए। इनमें 2896 मामले स्ट्रीट डॉग्स और 1933 मामले पालतू कुत्तों के कारण हुए। बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
40 प्रतिशत मामले बच्चे और बुजुर्गों के
अस्पताल के रिकॉर्ड बताते हैं कि लगभग 40 प्रतिशत मामलों में बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हुए हैं। कई घटनाएं पार्क में खेलते समय, लिफ्ट या गलियों में अचानक संपर्क में आने के दौरान हुईं। ऐसे मामलों ने कई कॉलोनियों में परिवारों में दहशत पैदा कर दी है, खासकर उन इलाकों में जहां स्ट्रीट डॉग्स की संख्या अधिक है।

वैक्सीनेशन में बढ़ी भागीदारी
डॉग बाइट के मामलों में बढ़ोतरी के साथ एंटी-रैबीज वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या भी बढ़ी है। दिसंबर में 5593 लोगों को टीका लगाया गया, जबकि नवंबर में 5056, अक्टूबर में 4575 और सितंबर में 3438 लोगों ने टीकाकरण कराया। अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित
गाजियाबाद के गोविंदपुरम, कविनगर, शास्त्री नगर, इंदिरापुरम, राजनगर एक्सटेंशन, वैशाली, वसुंधरा, प्रताप विहार, पंचवटी कॉलोनी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और नंदग्राम से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। इन इलाकों में अधिक लोग पालतू कुत्ते रखते हैं। अधिकांश घटनाएं तब हुईं जब लोग कुत्तों को खाना खिला रहे थे, पप्पी के साथ खेल रहे थे या टहलने जा रहे थे। एमएमजी अस्पताल के डॉक्टर नितिन के अनुसार, डॉग बाइट के मामले सर्दियों में सितंबर से दिसंबर और गर्मियों में मई से जुलाई में अधिक होते हैं। इसका कारण यह है कि पालतू कुत्तों के शरीर का अंदरूनी तापमान और बाहरी मौसम में अंतर होने से वे इन महीनों में अधिक आक्रामक हो जाते हैं।

पालतू कुत्तों की जिम्मेदारी
पालतू पशु का रजिस्ट्रेशन कराना और समय पर वैक्सीनेशन कराना मालिक की जिम्मेदारी है। रमतेराम रोड और पसौंडा स्थित सरकारी पशु चिकित्सालयों में वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
पालतू कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाते समय पट्टा जरूर लगाएं। रैबीज से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराएं। विशेषज्ञों के अनुसार, रैबीज एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर उपचार और टीकाकरण से इससे बचाव संभव है। गाजियाबाद में डॉग बाइट का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और पालतू कुत्ते रखने वाले परिवारों को सावधानी और जागरूकता बरतनी जरूरी है। समय पर वैक्सीनेशन और सुरक्षा उपाय ही इस जानलेवा बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका हैं।

