Parents के लिए चेतावनी! France- Austraila जाग गए भारत कब दिखाएगा सख्ती
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 09:20 PM (IST)
नारी डेस्कः स्मार्ट फोन, जो आप बड़ा हो या छोटा हर किसी की जिंदगी का आज एक अटूट हिस्सा बना चुका है। शायद आज लोग खाने के बिना तो रह लें लेकिन फोन हाथ में ना हो तो बैचेनी महसूस करते हैं लेकिन ये फोन आपकी आंखों को ही नहीं बल्कि दिमाग को भी बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। खासकर बच्चों के लिए सोशल मीडिया की ओर ज्यादा झुकाव उनके लाइफस्टाइल को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। बहुत से देश ऐसे हैं जो बच्चों के लिए बड़ा कानून लेकर आ रही है ताकि सोशल मीडिया पर लगाम लगाई जा सके। अब फ्रांस इसकी तैयारी में हैं।
फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगाने की तैयारी कर रहा है। स्थानीय मीडिया और समाचार एजेंसियों के अनुसार, फ्रांसीसी सरकार 2026 तक इस बैन को लागू करने की कोशिश करेगी। बता दें कि इससे पहले भी फ्रांस ने स्कूलों में छोटे बच्चों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर रोक लगाई थी लेकिन इस नियम को सख्ती से लागू नहीं किया जा सका था।
अखबार 'ला मोंडे' की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मैक्रों बुधवार को अपने नए साल की पूर्व संध्या पर दिए जाने वाले लाइव संबोधन में इस योजना की घोषणा कर सकते हैं। मसौदा कानून के मुताबिक, बिना किसी रोक-टोक के इंटरनेट इस्तेमाल बच्चों को अडल्ट कॉन्टेंट के संपर्क में लाता है और वे साइबरबुलिंग जैसे खतरों का भी शिकार हो सकते हैं। इस प्रस्ताव के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सेवाएं देना गैरकानूनी होगा।
2023 में आया था डिजिटल कानून लेकिन हुआ फेल
साल 2023 में फ्रांसीसी सरकार ने 15 साल की "डिजिटल कानूनी आयु" तय करने की कोशिश की थी जिसके अनुसार 15 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकते लेकिन यह कानून यूरोपीय संघ (EU) के नियमों से टकरा गया, जिसके चलते इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका था।
भारत में भी छिड़ी बहस
ऑस्ट्रेलिया के बाद फ्रांस नाबालिग बच्चों के कंटेंट बनाने और अडल्ट कंटेंट देखने के प्रति संवेदनशील हो रहा है और मोबाइल इस्तेमाल से होने वाले खतरों को समझ रहा है लेकिन भारत सरकार के द्वारा इस तरह की कोई तैयारी नहीं दिख रही है। इसे लेकर अब भारत में सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई है। लोगों का कहना है कि भारत सरकार को भी इस बारे में सोचना चाहिए।
सोशल मीडिया और स्मार्ट फोन के बड़े नुकसान
आज के डिजिटल दौर में बच्चों में सोशल मीडिया और मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है। भले ही फोन पढ़ाई और मनोरंजन का साधन बन गया हो, लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चे के शारीरिक विकास पर गंभीर असर डाल सकता है।

1. आंखों पर गंभीर असर
लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों की आंखों में जलन, सूखापन, धुंधला दिखना और कम उम्र में चश्मा लगने की समस्या बढ़ जाती है।
2. गर्दन, रीढ़ और हड्डियों को नुकसान
मोबाइल झुककर देखने से
गर्दन दर्द (सर्वाइकल पेन)
पीठ और कमर दर्द
रीढ़ की हड्डी का गलत विकास
जैसी समस्याएं कम उम्र में ही शुरू हो जाती हैं।
3. नींद की समस्या
फोन की नीली रोशनी (Blue Light) मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जिससे देर से नींद आना
नींद पूरी न होना
चिड़चिड़ापन जैसी दिक्कतें होती हैं।
4. मोटापा और शारीरिक कमजोरी
फोन पर ज्यादा समय बिताने से बच्चा खेल-कूद से दूर हो जाता है, जिससे
वजन बढ़ता है, मांसपेशियां कमजोर होती हैं। इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ता है।
5. दिमागी और हार्मोनल असर
लगातार स्क्रीन देखने से सिरदर्द, थकान, हार्मोन असंतुलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
6. दिल और मेटाबॉलिज्म पर असर
कम शारीरिक गतिविधि से ब्लड सर्कुलेशन धीमा होता है।
भविष्य में डायबिटीज और हार्ट प्रॉब्लम का खतरा बढ़ता है।
माता-पिता के लिए जरूरी सलाह
✔ 2 साल से कम उम्र के बच्चों को स्क्रीन से दूर रखें
✔ 5–12 साल के बच्चों का स्क्रीन टाइम 1–2 घंटे से ज्यादा न होने दें
✔ सोने से कम से कम 1 घंटा पहले फोन बंद कराएं
✔ बच्चों को आउटडोर गेम्स और योग के लिए प्रेरित करें
नोटः सोशल मीडिया और मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के शरीर, आंखों, हड्डियों और नींद पर गहरा असर डालता है। समय रहते अगर आदतों पर नियंत्रण न किया जाए, तो यह भविष्य में गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। इसलिए संतुलन और निगरानी बेहद जरूरी है।

