Screen की वजह से बीमार हो रही हैं आंखें, धुंधली नजर को लेकर बिल्कुल ना करें ये गलती

punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 06:11 PM (IST)

नारी डेस्क: आजकल आंखों में होने वाली परेशानी को आम बात मान लिया गया है, लोग या तो इसे सह लेते हैं या सोचते हैं कि यह अपने-आप ठीक हो जाएगी। काम के दौरान घंटों लैपटॉप के सामने बैठने या देर रात अंधेरे में स्क्रीन स्क्रॉल करने के बाद, थकी और तनावग्रस्त आंखों को नजरअंदाज कर दिया जाता है और सोचा जाता है कि अच्छी नींद से सब ठीक हो जाएगा।हालांकि हमारी यही सबसे बड़ी गलती है। एक्सपर्ट ने आंखों से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताई है जिसके बारे में लगभग हर कोई अनजान है। 


क्या है डिजिटल आई स्ट्रेन

 HT लाइफ़स्टाइल को दिए इंटरव्यू में पीडियाट्रिक ऑप्थल्मोलॉजी (बच्चों की आंखों के डॉक्टर) ने बताया कि 'डिजिटल आई स्ट्रेन' (स्क्रीन देखने से आंखों पर पड़ने वाला तनाव) की समस्या आम है। यह आमतौर पर लंबे समय तक स्क्रीन देखने और आंखों की फोकस करने वाली मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ने के कारण होती है। डॉक्टर ने बताया कि मरीज़ अक्सर आंखों में सूखापन, खुजली, हल्का धुंधलापन, जलन, पलकों में भारीपन और भौंहों के आसपास हल्का दर्द जैसे लक्षण बताते हैं जो की आमतौर पर आराम करने से ठीक हो जाते हैं। इसका मतलब है कि काम पर स्क्रीन के सामने लंबा समय बिताने के बाद, घर लौटने और अच्छी नींद लेने से परेशानी कम हो जाती है। हालांकि, आंखों की गंभीर समस्याओं के लक्षण आराम करने से ठीक नहीं होते और उनके लिए मेडिकल इलाज की ज़रूरत होती है।

आंखों की इन समस्याओं का रखें ध्यान

आंखों की कुछ गंभीर समस्याओं के बारे में बात करते हुए, डॉक्टर ने ऐसे लक्षणों का ज़िक्र किया जो आपकी नजर पर बुरा असर डालते हैं, न कि सिर्फ़ थकान या भारीपन पैदा करते हैं।  धुंधली नजर, अलग-अलग दूरी पर रखी चीज़ों पर फ़ोकस न कर पाना या दोहरी नजर (double vision) आना आंखों की समस्याओं के लक्षण हो सकते हैं। आंखों की समस्या का एक और अहम लक्षण असंतुलन (asymmetry) है। जहां आंखों की थकान दोनों आंखों को एक जैसा प्रभावित करती है, वहीं धुंधली नजर, परछाई दिखना या एक आंख में नजर कमज़ोर होना आंखों की क्लिनिकल समस्याओं का संकेत हो सकता है।


आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कैसे कम करें?

 साथ ही नजर से जुड़ी गड़बड़ियों का भी ध्यान रखें, जो रेटिना की दिक्कतों का संकेत हो सकती हैं, जैसे अचानक रोशनी की चमक दिखना, काले तैरते धब्बों (फ़्लोटर्स) का साफ तौर पर बढ़ना, या नजर के दायरे में टेढ़ी-मेढ़ी या धुंधली लाइनें दिखना। भले ही आंखों की कोई गंभीर समस्या न हो, फिर भी लगातार तनाव से आंखों में बेचैनी हो सकती है। इसलिए, कुछ ऐसे तरीकों को अपनाना ज़रूरी है जो तनाव को कम करने और आपकी आंखों की सुरक्षा करने में मदद करें। 

 

20-20-20 नियम का पालन करें

हर 20 मिनट में, कम से कम 20 फ़ीट दूर किसी चीज़ को 20 सेकंड तक देखें। ज़रूरत पड़ने पर कंप्यूटर ग्लास का इस्तेमाल करें। ब्लू लाइट को फ़िल्टर करने वाले चश्मे, ज़्यादा देर तक स्क्रीन देखने से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं। अपने काम करने की जगह (वर्कस्पेस) को सही ढंग से व्यवस्थित करें। स्क्रीन को अपनी आंखों से लगभग 20-28 इंच दूर रखें। तनाव कम करने के लिए स्क्रीन को आंखों के लेवल से थोड़ा नीचे रखें। बहुत अंधेरे कमरे में या बहुत तेज़ रोशनी में स्क्रीन का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि दोनों ही स्थितियों में आंखों की थकान बढ़ सकती है।

नोट: किसी भी मेडिकल कंडीशन का खुद से इलाज करने की बजाय अपने डॉक्टर की सलाह लें।
 


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Content Writer

vasudha

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