Panic Attack के वक्त लगता है हम मरने वाले हैं, समझिए दिमाग पर क्या होता है इसका असर

punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 02:49 PM (IST)

नारी डेस्क: पैनिक अटैक (Panic Attack) एक ऐसी स्थिति है जिसमें अचानक बहुत तेज डर, घबराहट और बेचैनी महसूस होती है। कई लोग इसे दिल का दौरा समझ लेते हैं, क्योंकि इसके लक्षण इतने तीव्र होते हैं कि सच में लगता है जैसे जान चली जाएगी। आइए समझते हैं कि पैनिक अटैक के दौरान शरीर में क्या होता है और यह इतना डरावना क्यों लगता है। 

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Panic Attack के दौरान शरीर में क्या होता है?

जब पैनिक अटैक आता है, तो शरीर “फाइट या फ्लाइट” (Fight or Flight) मोड में चला जाता है। यह वही प्रतिक्रिया है जो शरीर खतरे के समय देता है लेकिन पैनिक अटैक में असली खतरा होता ही नहीं। दिमाग खतरे का गलत सिग्नल देता है, दिमाग का एक हिस्सा (Amygdala) अचानक यह मान लेता है कि आप खतरे में हैं। भले ही आप सुरक्षित हों, लेकिन दिमाग शरीर को “इमरजेंसी” का सिग्नल भेज देता है।


दिल की धड़कन बहुत तेज हो जाती है

हार्ट तेजी से ब्लड पंप करने लगता है, दिल जोर-जोर से धड़कता महसूस होता है। यही वजह है कि कई लोग इसे हार्ट अटैक समझ लेते हैं। इस दौरान सांस लेने में दिक्कत (Hyperventilation), सांस तेज और उथली हो जाती है। ऐसा लगता है कि हवा नहीं मिल रही इससे चक्कर आना और कमजोरी महसूस हो सकती है।

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शरीर में अजीब-अजीब संवेदनाएं

हाथ-पैर कांपना, पसीना आना, सीने में जकड़न, झनझनाहट या सुन्नपन ये सभी शरीर के “अलार्म सिस्टम” के एक्टिव होने के कारण होते हैं। दिमाग में “मैं मर जाऊंगा” जैसा डर पैनिक अटैक का सबसे डरावना हिस्सा होता है। लगता है कंट्रोल खो देंगे,  ऐसा महसूस होता है कि अभी कुछ बुरा होने वाला है। कई बार लगता है “मैं मरने वाला हूं”।  लेकिन सच यह है कि पैनिक अटैक जानलेवा नहीं होता। यह  आमतौर पर 5 से 20 मिनट तक होता है, कुछ मामलों में थोड़ा ज्यादा समय। यह  अचानक शुरू होता है और धीरे-धीरे खुद ही शांत हो जाता है।


 पैनिक अटैक से निपटने के तरीके 

धीरे-धीरे गहरी सांस लें (4 सेकंड अंदर, 4 सेकंड बाहर)। खुद को याद दिलाएं “मैं सुरक्षित हूं”, ठंडा पानी पिएं या चेहरा धोएं,  ध्यान किसी और चीज पर लगाएं (जैसे गिनती करना)। अगर बार-बार पैनिक अटैक आ रहे हों, रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही हो, नींद और मानसिक स्थिति बिगड़ रही हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।  पैनिक अटैक बेहद डरावना महसूस हो सकता है, लेकिन यह शरीर की एक ओवररिएक्शन है, कोई असली खतरा नहीं। सही जानकारी और थोड़ी प्रैक्टिस से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
 


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vasudha

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