मोबाइल दिखाकर बच्चे को खाना खिलाते हैं? जानिए कैसे यह आदत कब्ज की वजह बन सकती है
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 04:00 PM (IST)
नारी डेस्क: आजकल छोटे बच्चों को खाना खिलाने के लिए मोबाइल या टीवी का सहारा लेना आम बात हो गई है। कई घरों में बच्चे बिना फोन देखे खाना खाने से मना कर देते हैं। शुरुआत में यह तरीका माता-पिता के लिए आसान जरूर लगता है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत बच्चे की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रीन देखते हुए खाना खाने से सिर्फ आंखों और दिमाग पर ही असर नहीं पड़ता, बल्कि खाने की आदतें भी बिगड़ सकती हैं। यही वजह है कि ऐसे बच्चों में कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि मोबाइल देखने से सीधे कब्ज हो जाती है, लेकिन यह आदत उन कारणों को बढ़ावा दे सकती है जो कब्ज की समस्या पैदा करते हैं।
क्या मोबाइल देखने से सच में कब्ज होती है
अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो यह साबित करे कि मोबाइल देखते हुए खाना खाने से सीधे कब्ज हो जाती है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि स्क्रीन के सामने खाना खाने से बच्चे की खाने की आदतें प्रभावित होती हैं, जिससे कब्ज का जोखिम बढ़ सकता है।

माइंडफुल ईटिंग की आदत नहीं बन पाती
जब बच्चा मोबाइल या टीवी देखते हुए खाना खाता है, तो उसका पूरा ध्यान स्क्रीन पर होता है। ऐसे में वह यह महसूस नहीं कर पाता कि उसे कितनी भूख है, कितना खाना चाहिए और कब उसका पेट भर चुका है। इस वजह से बच्चे जरूरत से ज्यादा या कम खाना खा सकते हैं। लंबे समय तक ऐसा होने पर संतुलित खानपान की आदत विकसित नहीं हो पाती और पाचन तंत्र पर भी असर पड़ सकता है।
पानी कम पीने से बढ़ सकती है समस्या
कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी होता है। लेकिन जब बच्चा स्क्रीन देखने में व्यस्त रहता है, तो अक्सर पानी पीना भूल जाता है। शरीर में पानी की कमी होने पर मल सख्त हो सकता है, जिससे कब्ज की शिकायत बढ़ने की संभावना रहती है।
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एक ही जगह लंबे समय तक बैठे रहना भी ठीक नहीं
मोबाइल या टीवी देखते हुए बच्चे काफी देर तक एक ही जगह बैठे रहते हैं। इससे उनकी शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। हालांकि केवल बैठने से कब्ज होना तय नहीं है, लेकिन कम फिजिकल एक्टिविटी पाचन क्रिया को धीमा कर सकती है और कब्ज समेत कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है।

गलत खानपान भी बन रहा है बड़ी वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में कब्ज का एक बड़ा कारण फाइबर की कमी भी है। आजकल कई बच्चे हरी सब्जियों, फलों और साबुत अनाज की बजाय जंक फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे भोजन में फाइबर कम होता है, जिससे पाचन प्रभावित हो सकता है और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।
शारीरिक गतिविधि का कम होना भी है चिंता की बात
आज के समय में कई बच्चे अपना ज्यादा समय मोबाइल, टैबलेट या टीवी के सामने बिताते हैं। खेलकूद और आउटडोर एक्टिविटी कम होने से न सिर्फ कब्ज बल्कि मोटापा और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। रोजाना कुछ समय शारीरिक गतिविधि करने से पाचन बेहतर रहता है और शरीर भी स्वस्थ रहता है।

माता-पिता क्या करें
अगर बच्चे को स्क्रीन देखकर खाना खाने की आदत पड़ गई है, तो इसे धीरे-धीरे बदलने की कोशिश करें। परिवार के साथ बैठकर बिना मोबाइल के खाना खाने की आदत डालें। बच्चे की थाली में फल, हरी सब्जियां, दाल, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करें। साथ ही, बच्चे को दिनभर पर्याप्त पानी पीने के लिए प्रेरित करें और रोजाना खेलकूद या किसी न किसी शारीरिक गतिविधि के लिए समय जरूर दें। ये छोटी-छोटी आदतें बच्चे के पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाने में मदद कर सकती हैं।

