बेहद दुखद खबर: क्रिकेट जगत को बड़ा झटका, पूर्व क्रिकेटर का 67 साल की उम्र में निधन
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 10:17 AM (IST)
नारी डेस्क: क्रिकेट जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर और काउंटी क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी टोनी पिगॉट का 67 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके जाने से सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि क्रिकेट को जीने-समझने वाला एक सच्चा सिपाही दुनिया को अलविदा कह गया है। टोनी पिगॉट का योगदान मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने प्रशासन और मार्गदर्शन के जरिए भी इंग्लिश क्रिकेट को नई दिशा दी।
जब देश के लिए टाल दी शादी, टेस्ट डेब्यू बना यादगार
टोनी पिगॉट का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही छोटा रहा हो, लेकिन उनकी देशभक्ति और समर्पण की कहानी आज भी मिसाल है। साल 1983-84 के दौरान वह न्यूजीलैंड में क्लब क्रिकेट खेल रहे थे। उसी समय इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम कई चोटिल खिलाड़ियों से जूझ रही थी और टोनी को अचानक टेस्ट टीम में बुलावा आया।
दिल को छू लेने वाली बात यह थी कि उसी दौरान उनकी शादी तय थी। लेकिन देश के लिए खेलने का मौका मिलने पर उन्होंने बिना सोचे-समझे अपनी शादी की तारीख आगे बढ़ा दी, ताकि इंग्लैंड के लिए टेस्ट मैच खेल सकें। यह फैसला उनके क्रिकेट और देश के प्रति जुनून को साफ दिखाता है।
A fitting tribute for a brilliant man. 💙
— Sussex Cricket (@SussexCCC) February 2, 2026
You can read Tony Pigott's obituary, written by Chairman, John Filby, and former Sussex Cricket captain, Chris Adams, here: https://t.co/7DUOp77wT6 pic.twitter.com/MgoGVz1no7
डेब्यू में हैट्रिक और ससेक्स के लिए शानदार करियर
टोनी पिगॉट ने महज 20 साल की उम्र में ससेक्स के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखा। अपने पहले ही मैच में उन्होंने विकेट लेकर उसे हैट्रिक में बदल दिया, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी। इसके बाद उन्होंने कई सालों तक ससेक्स के लिए अहम भूमिका निभाई।हालांकि, क्रिकेट करियर के दौरान उन्हें पीठ की गंभीर चोट का सामना करना पड़ा। इसी चोट के कारण 1996 में उन्हें मजबूरन क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता यहीं खत्म नहीं हुआ।
खिलाड़ी से प्रशासक तक: ससेक्स क्रिकेट क्लब का कायाकल्प
संन्यास के बाद टोनी पिगॉट ने ससेक्स क्रिकेट क्लब में चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में क्लब ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए। ससेक्स, उनके कार्यकाल में स्थायी फ्लडलाइट्स लगाने वाला इंग्लैंड का पहला क्लब बना। इतना ही नहीं, 2003 में ससेक्स ने अपनी पहली काउंटी चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा, जिसके पीछे टोनी की सोच, मेहनत और दूरदृष्टि का बड़ा योगदान माना जाता है।
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क्रिकेट जगत में शोक, खिलाड़ियों के लिए बने मार्गदर्शक
टोनी पिगॉट के निधन से पूरे क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। ससेक्स के पूर्व कप्तान क्रिस एडम्स ने उन्हें क्लब के इतिहास का सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बताया। उनके अनुसार, टोनी सिर्फ एक प्रशासक नहीं थे, बल्कि कई युवा खिलाड़ियों के लिए बड़े भाई, मेंटर और कोच की तरह थे, जिन्होंने अनगिनत करियर को सही दिशा दी।
Incredibly sad, such a loveable character who will be missed by so many. Thoughts and hugs with all blessed to have known ‘Lester’ 💙 https://t.co/HlJPfpbhhw
— Chris Adams (@grizz598) February 2, 2026
आखिरी समय तक क्रिकेट से जुड़े रहे
खराब स्वास्थ्य के बावजूद टोनी पिगॉट जीवन के आखिरी वर्षों तक क्रिकेट से जुड़े रहे। वह पिच इंस्पेक्टर और मैच रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं देते रहे। नवंबर 2025 में उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘Lester and the Deckchair Revolution’ प्रकाशित की, जो क्रिकेट के प्रति उनके अटूट प्रेम और समर्पण को दर्शाती है।
एक युग का अंत
टोनी पिगॉट का जाना इंग्लिश क्रिकेट के लिए एक बड़े युग के अंत जैसा है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जुनून, त्याग और जिम्मेदारी का नाम है। क्रिकेट जगत उन्हें हमेशा एक सच्चे खिलाड़ी, दूरदर्शी प्रशासक और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में याद रखेगा।

