हार्ट अटैक जितना गंभीर हो सकता है पीरियड्स का दर्द? जानिए कब हो सकती है यह चिंता की बात
punjabkesari.in Sunday, Jul 26, 2026 - 11:24 AM (IST)
नारी डेस्क: पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द या ऐंठन महसूस होना अधिकांश महिलाओं के लिए सामान्य बात है। लेकिन कुछ महिलाओं को इस दौरान इतना तेज दर्द होता है कि उनके लिए उठना-बैठना, चलना-फिरना या रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार यह दर्द इतना गंभीर होता है कि इसकी तीव्रता की तुलना हार्ट अटैक के दौरान होने वाले दर्द से की जाती है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि दोनों स्थितियां एक जैसी हैं।
डॉक्टर कुनाल सूद ने क्या बताया
इस विषय को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द बेहद तीव्र हो सकता है और दर्द की गंभीरता के स्तर पर यह हार्ट अटैक के दर्द जैसा महसूस हो सकता है। डॉक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह तुलना केवल दर्द की तीव्रता को लेकर की जा रही है। इसका यह अर्थ नहीं है कि पीरियड्स और हार्ट अटैक एक जैसी मेडिकल स्थिति या बीमारी हैं। दोनों के कारण, प्रभाव और उपचार पूरी तरह अलग हैं।

रिसर्च में क्या सामने आया
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाली तेज ऐंठन का दर्द इतना गंभीर महसूस हो सकता है कि उसकी तीव्रता हार्ट अटैक के दर्द के बराबर लग सकती है। इस रिसर्च ने यह संकेत दिया कि गंभीर मासिक धर्म दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए और इस पर अधिक शोध की आवश्यकता है।
किन महिलाओं में ज्यादा हो सकती है यह समस्या
डॉक्टर के अनुसार, अत्यधिक दर्द की समस्या खासतौर पर सेकेंडरी डिसमेनोरिया (Secondary Dysmenorrhea) से पीड़ित महिलाओं में देखने को मिलती है। यह स्थिति तब होती है जब पीरियड्स का दर्द किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण होता है। ऐसे मामलों में सबसे आम वजह एंडोमेट्रियोसिस मानी जाती है, जो महिलाओं के प्रजनन तंत्र से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है।
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क्या है एंडोमेट्रियोसिस
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगती हैं। ये कोशिकाएं अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब और पेल्विक हिस्से में फैल सकती हैं। गंभीर मामलों में यह आंत और मूत्राशय तक भी पहुंच सकती हैं, जिससे लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रह सकती हैं।

एंडोमेट्रियोसिस के प्रमुख लक्षण
इस बीमारी की वजह से महिलाओं को पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द, सामान्य से अधिक ब्लीडिंग, पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द, संभोग के दौरान दर्द और गर्भधारण करने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कई बार इन लक्षणों को सामान्य पीरियड्स का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है।
दर्द को नजरअंदाज न करें
अगर हर महीने पीरियड्स के दौरान दर्द इतना ज्यादा हो कि रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने लगें या दर्द सामान्य दर्दनिवारक दवाओं से भी कम न हो, तो इसे सामान्य मानकर टालना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है, ताकि समय रहते सही जांच और उपचार किया जा सके।
इस विषय पर और रिसर्च की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर पीरियड्स दर्द और एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं को लेकर अभी भी लोगों में जागरूकता की कमी है। इस दिशा में अधिक वैज्ञानिक शोध, समय पर पहचान और बेहतर इलाज की व्यवस्था महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

