क्या पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करने से रुक जाता है ब्लीडिंग का फ्लो? जानिए
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 03:53 PM (IST)
नारी डेस्क: मासिक धर्म यानी पीरियड्स को लेकर आज भी कई तरह की गलतफहमियां लोगों के बीच मौजूद हैं। इनमें सबसे आम धारणा यह है कि पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करने से ब्लीडिंग पूरी तरह बंद हो जाती है। यही वजह है कि कई महिलाएं इस दौरान स्विमिंग पूल में जाने से बचती हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। असल में पानी में रहने के दौरान जो बदलाव महसूस होता है, उसके पीछे शरीर का विज्ञान काम करता है, न कि पीरियड्स का रुक जाना।
पानी में जाने पर क्यों कम महसूस होता है ब्लीडिंग का फ्लो
जब कोई महिला स्विमिंग पूल या किसी अन्य जल स्रोत में उतरती है, तो उसके शरीर पर पानी का दबाव पड़ता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर (Hydrostatic Pressure) कहा जाता है। यह दबाव कुछ समय के लिए मासिक धर्म के रक्त के बाहर आने की गति को धीमा कर सकता है। इसी वजह से कई महिलाओं को ऐसा महसूस होता है कि उनका पीरियड्स फ्लो रुक गया है। लेकिन यह केवल अस्थायी प्रभाव होता है। शरीर के भीतर मासिक धर्म की प्रक्रिया सामान्य रूप से चलती रहती है और रक्तस्राव पूरी तरह बंद नहीं होता।

पानी से बाहर आते ही क्यों फिर शुरू हो जाता है फ्लो
जैसे ही महिला पानी से बाहर निकलती है, शरीर पर पानी का दबाव खत्म हो जाता है और गुरुत्वाकर्षण (Gravity) फिर से सामान्य रूप से काम करने लगता है। इसके बाद मासिक धर्म का रक्त पहले की तरह बाहर आने लगता है। इसलिए यह मान लेना कि स्विमिंग करने से पीरियड्स रुक जाते हैं, वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।
पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करनी हो तो क्या रखें ध्यान
यदि आप पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करना चाहती हैं, तो सही पीरियड प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ आमतौर पर टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करने की सलाह देते हैं। ये शरीर के अंदर रहकर रक्त को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और स्विमिंग के दौरान अधिक सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं। वहीं केवल सैनिटरी पैड पहनकर स्विमिंग करना उचित नहीं माना जाता। पानी में भीगने के बाद पैड अपनी प्रभावशीलता खो देता है और पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पाता। इसलिए अपनी सुविधा, अनुभव और आवश्यकता के अनुसार सही उत्पाद का चुनाव करना बेहतर होता है। यदि किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित है।
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क्या पीरियड्स में स्विमिंग करना सुरक्षित है
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करना सुरक्षित माना जाता है। यदि महिला को अत्यधिक दर्द, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, चक्कर आने जैसी समस्या नहीं है, तो वह उचित सुरक्षा के साथ आराम से स्विमिंग कर सकती है।
पीरियड्स के दौरान स्विमिंग के फायदे
स्विमिंग केवल एक मनोरंजक गतिविधि ही नहीं, बल्कि हल्का और प्रभावी व्यायाम भी है। पीरियड्स के दौरान तैराकी करने से शरीर में एंडॉर्फिन हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। यह हार्मोन मूड को बेहतर बनाने और तनाव कम करने में मदद करता है। इसके अलावा कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन और शरीर की जकड़न में भी कुछ राहत महसूस होती है। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर को सक्रिय रखने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी बेहतर महसूस कराने में मदद करती है।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
अगर पीरियड्स के दौरान बहुत अधिक ब्लीडिंग हो रही हो, असहनीय दर्द हो, लगातार चक्कर आ रहे हों या पहले से कोई स्त्री रोग संबंधी समस्या हो, तो स्विमिंग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी निर्णय अपनी स्थिति को ध्यान में रखकर ही लेने चाहिए।
यह कहना सही नहीं है कि पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करने से ब्लीडिंग पूरी तरह रुक जाती है। वास्तव में पानी का दबाव केवल कुछ समय के लिए रक्त के बाहर आने की गति को कम कर सकता है, लेकिन मासिक धर्म की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। सही पीरियड प्रोटेक्शन और अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखते हुए महिलाएं सुरक्षित रूप से स्विमिंग का आनंद ले सकती हैं।

