पैरों के तलवों में जलन से हैं परेशान तो पहले इसकी सही वजह पढ़िए फिर इलाज करिए
punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 08:56 PM (IST)

नारी डेस्कः आपने बहुत से लोगों को यह कहते सुना होगा कि उनके पैरों और हाथों के तलवों में बहुत जलन होती है जिसे कुछ लोग सेंक निकलना भी कह देते हैं। यह समस्या ज्यादातर पैरों के तलवे में होती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आम सी सुनने वाली पैरों के तलवों में जलन (Burning Feet Syndrome) की समस्या होती क्यों है तो बता दें कि इसके पीछे कई कारण हो सकते है। यह जलन हल्की चुभन से लेकर तेज दर्द और गर्मी जैसा अहसास भी दे सकती है। इसके पीछे कई बार किसी गंभीर बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं। चलिए आपको विस्तार से समझाते हैं।
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पैरों के तलवों में जलन के मुख्य कारण
नसों की कमजोरी (Neuropathy)
डायबिटीज के मरीजों में आम नसें सही से काम नहीं करतीं, जिससे जलन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होता है क्योंकि उनकी नसें कमजोर होने लगती है।
विटामिन की कमी
शरीर में जब विटामिन की कमी होती है तो भी यह समस्या हो सकती है। खासकर विटामिन B12, B6 और फोलिक एसिड की कमी। इससे नसों में सूजन और जलन महसूस होती है।
फंगल इंफेक्शन (जैसे एथलीट फुट)
पैर गीले या बंद जूतों में रहने से फंगल संक्रमण हो सकता है। इससे भी जलन, खुजली और बदबू होती है।
पैरों में ब्लड सर्कुलेशन की समस्या
सही ब्लड फ्लो न होने से भी जलन या भारीपन महसूस होता है। जैसे वेरिकोज़ वेन्स या परिफेरल आर्टरी डिजीज। ऐसी दिक्कत उन लोगों को ज्यादा होती है जो घंटों सीटिंग जॉब करते हैं और एक ही पोजिशन में पैर लटकाए बैठे रहते हैं।
थायरॉइड की गड़बड़ी
हाइपोथायरॉइडिज़्म से मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है और नसों पर असर पड़ता है, जिससे जलन हो सकती है।
गर्मी या ज्यादा चलना
गर्मियों में नंगे पाँव चलना या ज्यादा देर तक खड़े रहना। इससे भी पैरों में सेंक निकलता है। इससे तलवों में जलन और थकावट होती है।
नशे की लत / शराब का अधिक सेवन
इससे नसों को नुकसान पहुंचता है (Alcoholic Neuropathy)। लंबे समय तक सेवन से पैरों में झनझनाहट और जलन हो सकती है।
एलर्जी या रिएक्शन
कुछ लोगों को जूतों, मोजों या लोशन से एलर्जी हो सकती है जिससे जलन होती है।
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पैरों में जलन हो तो क्या करें? घरेलू उपाय (Home Remedies)
ठंडे पानी से धोएं – पैरों को 10–15 मिनट ठंडे पानी में रखें। इससे जलन और थकान में आराम मिलेगा।
फंगल इंफेक्शन हो तो एंटी-फंगल क्रीम लगाएं।
विटामिन सप्लीमेंट्स लें (डॉक्टर की सलाह से)
खुला, आरामदायक जूता पहनें। बंद या टाइट जूते से जलन बढ़ सकती है। पसीना रोकने वाले कॉटन मोजे पहनें।
ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करें – अगर डायबिटिक हैं।
पैरों की मसाज करें या नारियल तेल-एलोवेरा जैल से हल्की मालिश करें। ठंडी तासीर वाला तेल जलन को शांत करता है।
बर्फ न लगाएं सीधे – नसों को नुकसान हो सकता है।
विटामिन B के सप्लीमेंट लें (डॉक्टर की सलाह से) खासकर B12 की कमी में जलन आम है।
जरूरी मेडिकल टेस्ट (यदि समस्या बार-बार हो)
अगर जलन बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से मिलकर ये टेस्ट करवाएं:
ब्लड शुगर टेस्ट (Fasting & HbA1c)
डायबिटिक न्यूरोपैथी की जांच के लिए डायबिटीज नसों को प्रभावित करती है।
विटामिन B12 और B6 टेस्ट
इन विटामिन्स की कमी नसों में जलन और झनझनाहट का कारण बन सकती है
थायरॉइड प्रोफाइल (TSH, T3, T4)
हाइपोथायरॉइडिज्म से भी जलन हो सकती है।
लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट
शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ने से भी तलवों में जलन हो सकती है
नर्व कंडक्शन स्टडी (NCS)
नसों की कार्यक्षमता की जांच करता है। न्यूरोपैथी की पुष्टि में मदद करता है।
उपचार का तरीका क्या हो सकता है?
यदि डायबिटीज हो- शुगर कंट्रोल
यदि विटामिन की कमी हो -सप्लीमेंट और डाइट सुधार
अगर इंफेक्शन हो -एंटी-फंगल या एंटीबायोटिक दवा
न्यूरोपैथी हो -न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श, दवाएं व फिजियोथेरेपी
डॉक्टर से मिलने की जरूरत कब?
अगर पैरों में जलन की समस्या लगातार बनी रहे।
जलन इतनी हो रही हो कि रात में सोने में दिक्कत हो।
पैर सुन्न पड़ने लगे या चलने में तकलीफ हो।
पैर पर किसी तरह का घाव बन जाए और भरने में देर हो।
डिस्कलेमरः पैरों की जलन को नज़रअंदाज़ न करें, यह शरीर में किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।