Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण कब? जानें तारीख, समय और कहां दिखेगा

punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 12:05 PM (IST)

नारी डेस्क : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद अब पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पड़ेगा और खास बात यह है कि यह भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा। इस दिन चंद्रमा लाल-नारंगी रंग का नजर आएगा, जिसे ब्लड मून (Blood Moon) कहा जाता है। यह ग्रहण होली के आसपास पड़ रहा है, ऐसे में धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इसका महत्व और बढ़ जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं चंद्र ग्रहण की तारीख, समय, सूतक काल और यह किन-किन जगहों पर दिखाई देगा।

साल का पहला चंद्र ग्रहण कब है?

दृक पंचांग के अनुसार, चंद्र ग्रहण की तारीख: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)
इस दिन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि प्रातः काल से लेकर शाम 5:07 बजे तक रहेगी।

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चंद्र ग्रहण का समय (भारत में)

उपच्छाया से पहला स्पर्श: 02:16 PM
प्रच्छाया से पहला स्पर्श (ग्रहण प्रारंभ): 03:21 PM
खग्रास चंद्र ग्रहण प्रारंभ: 04:35 PM
परमग्रास (पूर्ण ग्रहण): 05:04 PM
खग्रास समाप्त: 05:33 PM
प्रच्छाया से अंतिम स्पर्श (ग्रहण समाप्त): 06:46 PM
चंद्र ग्रहण दोपहर 03:21 बजे शुरू होकर शाम 06:46 बजे तक रहेगा।

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चंद्र ग्रहण का सूतक काल

पंचांग के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लग जाता है।
सूतक प्रारंभ: सुबह 09:39 AM
सूतक समाप्त: शाम 06:46 PM

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सूतक काल में क्या न करें?

पूजा-पाठ और मंदिर दर्शन
खाना बनाना और भोजन करना
सोना और शुभ-मांगलिक कार्य
मंदिरों के कपाट भी बंद रखे जाते हैं
फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान और दान सूतक लगने से पहले कर लेना शुभ माना जाता है।

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कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?

यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में साफ तौर पर दिखाई देगा।
इसके अलावा यह इन क्षेत्रों में भी नजर आएगा
पूर्वी एशिया
ऑस्ट्रेलिया
प्रशांत महासागर
उत्तरी और मध्य अमेरिका
सुदूर पश्चिमी दक्षिण अमेरिका
अफ्रीका और यूरोप में यह चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

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सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में ग्रहण

यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के दौरान लगेगा।
इस समय धृति योग भी बन रहा है, जिसका ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है।

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धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यता

धार्मिक मान्यता: चंद्र ग्रहण राहु-केतु के प्रभाव से होता है।
वैज्ञानिक कारण: जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है, तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे चंद्र ग्रहण लगता है और चंद्रमा लाल दिखाई देता है।
 


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Monika

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