बर्फ जैसे ठंडे पानी में तैरकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, कौन हैं भारत की ‘जलपरी’ Bhakti Sharma?
punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 04:30 PM (IST)
नारी डेस्क : चारों तरफ बर्फ, समुद्र का तापमान करीब 1 डिग्री सेल्सियस और सामने अंटार्कटिका का बेहद चुनौतीपूर्ण पानी... ऐसी परिस्थितियों में जहां कुछ मिनट भी बिताना बड़ी चुनौती माना जाता है, वहीं एक भारतीय महिला ने इसी पानी में तैरकर दुनिया को हैरान कर दिया। यह कहानी है राजस्थान से जुड़ी भारतीय ओपन-वॉटर स्विमर भक्ति शर्मा की, जिन्होंने अंटार्कटिक जल में रिकॉर्ड बनाकर देश का नाम रोशन किया।भक्ति शर्मा ने 10 जनवरी 2015 को अंटार्कटिका के बेहद ठंडे पानी में 2.28 किलोमीटर की दूरी महज 41 मिनट 14 सेकंड में पूरी की। इस उपलब्धि के साथ वह अंटार्कटिक जल में रिकॉर्ड बनाने वाली पहली एशियाई महिला और उस समय इस उपलब्धि को हासिल करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की तैराक बनीं। उन्होंने इससे पहले ब्रिटेन के लुईस प्यू और अमेरिका की लिन कॉक्स के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था।
2.5 साल की उम्र से शुरू हुई तैराकी
भक्ति शर्मा का जन्म 30 नवंबर 1989 को मुंबई में हुआ था और उनकी परवरिश राजस्थान के उदयपुर में हुई। तैराकी का जुनून उन्हें विरासत में मिला। उनकी मां लीना शर्मा खुद एक अनुभवी तैराक थीं और उन्होंने भक्ति को बेहद कम उम्र में पानी से परिचित कराया। भक्ति ने करीब 2.5 साल की उम्र से तैराकी सीखना शुरू किया। मां की ट्रेनिंग और लगातार अभ्यास ने आगे चलकर उनके करियर की मजबूत नींव रखी।

कम उम्र में शुरू कर दी ओपन-वॉटर स्विमिंग
भक्ति ने कम उम्र में ही स्विमिंग पूल से निकलकर खुले समुद्र में अपनी क्षमता आजमानी शुरू कर दी थी। सरकारी प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने 2003 में करीब 16 किलोमीटर की ओपन-वॉटर स्विमिंग पूरी की, जिसमें उन्होंने मुंबई के उरण पोर्ट से गेटवे ऑफ इंडिया तक तैराकी की। उस समय वह किशोरावस्था में थीं। इसके बाद 2004 में उन्होंने करीब 36 किलोमीटर की समुद्री तैराकी पूरी की। इन उपलब्धियों ने उन्हें लंबी दूरी की ओपन-वॉटर स्विमिंग के लिए अलग पहचान दिलानी शुरू कर दी।
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16 साल की उम्र में पार किया English Channel
भक्ति शर्मा की उपलब्धियों में English Channel को पार करना भी शामिल है। उन्होंने 2006 में 16 साल की उम्र में इंग्लिश चैनल पार किया और करीब 13 घंटे 55 मिनट में यह चुनौती पूरी की। इसके बाद उन्होंने अपनी मां लीना शर्मा और दोस्त प्रियंका गेहलोत के साथ तीन सदस्यीय महिला रिले टीम के रूप में भी English Channel पार किया। सरकारी प्रोफाइल के मुताबिक, यह English Channel पार करने वाली तीन महिलाओं की रिले टीम की एक उल्लेखनीय उपलब्धि थी।

Lake Zurich से लेकर Strait of Gibraltar तक
भक्ति का सफर सिर्फ English Channel तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने दुनिया के कई मुश्किल ओपन-वॉटर स्विमिंग इवेंट्स में हिस्सा लिया। 2006 में उन्होंने स्विट्जरलैंड की Lake Zurich Swim में 26.4 किलोमीटर की मैराथन स्विम पूरी की और महिला वर्ग में जीत दर्ज की। 2007 में उन्होंने स्पेन से मोरक्को तक Strait of Gibraltar को भी तैरकर पार किया। उन्होंने अमेरिका में की वेस्ट मैराथन तैराकी जैसे ओपन-वॉटर इवेंट्स में भी हिस्सा लिया और विभिन्न समुद्रों व चैनलों में अपनी क्षमता साबित की।
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पांचों महासागरों में तैरने वाली सबसे कम उम्र की तैराकों में शामिल
भक्ति शर्मा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में दुनिया के पांचों महासागरों में तैरना शामिल है। इनमें Indian Ocean, Atlantic Ocean, Pacific Ocean, Arctic Ocean और Southern Ocean (Antarctic waters) शामिल हैं। सरकारी प्रोफाइल के अनुसार, 2010 तक वह चार महासागरों में तैर चुकी थीं और बाद में अंटार्कटिका की चुनौती पूरी करके उन्होंने पांचों महासागरों में तैरने का रिकॉर्ड बनाया। TED के आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, भक्ति ने पांचों महासागरों के अलावा कई अन्य समुद्रों और चैनलों में भी तैराकी की है।

अंटार्कटिका में रचा इतिहास
भक्ति शर्मा के करियर का सबसे यादगार अध्याय 10 जनवरी 2015 को लिखा गया। उन्होंने करीब 1 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले अंटार्कटिक पानी में 2.28 किलोमीटर की दूरी 41 मिनट 14 सेकंड में पूरी की। इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। सरकारी PIB प्रोफाइल के अनुसार, इस तैराकी के साथ भक्ति पहली एशियाई महिला बनीं, जिसने अंटार्कटिक जल में यह रिकॉर्ड कायम किया। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की तैराक भी बनीं। इस उपलब्धि के बाद भक्ति शर्मा को दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण ओपन-वॉटर स्विमिंग कारनामों में अपना नाम दर्ज कराने वाली भारतीय खिलाड़ियों में गिना जाने लगा।
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तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से सम्मानित
भक्ति शर्मा को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम 2011 के जल साहसिक कार्य पुरस्कार विजेता के रूप में दर्ज है। इस पुरस्कार की घोषणा 2012 में हुई थी। यह सम्मान भारत सरकार की ओर से एडवेंचर के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों को मान्यता देने वाला राष्ट्रीय पुरस्कार है। वर्तमान में इस पुरस्कार को चार श्रेणियों Land, Water (Sea), Air और Lifetime Achievement में दिया जाता है और इसका दर्जा अर्जुन पुरस्कार के समकक्ष है।

मुश्किलों के बावजूद नहीं रुका सफर
ओपन-वॉटर स्विमिंग जैसे खेल में ट्रेनिंग, यात्रा और प्रतियोगिताओं पर काफी खर्च आता है। भक्ति ने अपने एक पुराने क्राउडफंडिंग अभियान में बताया था कि उन्होंने अपने खेल और आगे की ट्रेनिंग के लिए क्राउडफंडिंग का भी सहारा लिया। उनके अभियान को संगीतकार ए. आर. रहमान ने भी सोशल मीडिया पर समर्थन दिया था। यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए सिर्फ प्रतिभा ही नहीं, बल्कि आर्थिक संसाधन जुटाना भी एक बड़ी चुनौती हो सकता है।
आज युवाओं को देती हैं Resilience और Leadership का संदेश
भक्ति शर्मा अब सिर्फ एक रिकॉर्डधारी तैराक के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक प्रेरक वक्ता के रूप में भी जानी जाती हैं। TED के आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, वह अपनी तैराकी से मिले अनुभवों के जरिए resilience यानी मुश्किल परिस्थितियों में टिके रहने, अनुशासन और आत्मविश्वास जैसे विषयों पर बात करती हैं। उनकी कहानी खास तौर पर इसलिए प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने बेहद कम उम्र में अपनी मां से तैराकी सीखी और धीरे-धीरे स्थानीय स्तर से निकलकर दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण खुले पानी तक का सफर तय किया।

