बच्चों का पढ़ाई में नहीं लगता मन? बसंत पंचमी पर करें ये उपाय, मिलेगा मां सरस्वती का आशीर्वाद
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 03:16 PM (IST)
नारी डेस्क: बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और इसी दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। बसंत को खुशहाली, नई ऊर्जा, हरियाली और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। सर्दी कम होने लगती है, पेड़ों पर नई कोपलें आती हैं और सरसों के खेत पीले फूलों से भर जाते हैं।
बसंत पंचमी का धार्मिक महत्व
बसंत पंचमी का दिन ज्ञान, विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। इस कारण घरों, स्कूलों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन खास माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा से पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है, याददाश्त मजबूत होती है और शिक्षा में सफलता मिलती है।

बच्चों के लिए विद्यारंभ संस्कार
लोकल 18 से बातचीत में पंडित दामोदर जोशी जी ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन विद्यारंभ संस्कार कराना बहुत शुभ होता है। इस दिन छोटे बच्चों को पहली बार अक्षर ज्ञान कराया जाता है। उन्होंने बताया कि बच्चों को इस दिन “ॐ” या “अ” लिखवाकर पढ़ाई की शुरुआत कराई जाती है। यह दिन शिक्षा की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम माना जाता है और इससे बच्चों में ज्ञान, संस्कार और समझ का विकास होता है।
बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व
बसंत पंचमी पर पीले रंग का विशेष महत्व होता है। पीला रंग बसंत ऋतु, खुशहाली और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। इस दिन लोग पीले वस्त्र पहनते हैं। मां सरस्वती को पीले फूल, फल और मिठाइयाँ अर्पित की जाती हैं। पीला रंग ज्ञान और उजाले का प्रतीक माना जाता है।इसलिए सरस्वती पूजा में पीले रंग का विशेष स्थान होता है।
पीली चीजों का दान और पूजा सामग्री
पंडित जी के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन पीली चीजों का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। पूजा में इस्तेमाल की जाने वाली चीजें जैसे-
पीला चावल
बेसन के लड्डू
हल्दी या केसर
इनसे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

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सरस्वती मंत्र का महत्व
बसंत पंचमी के दिन और पढ़ाई शुरू करने से पहले सरस्वती मंत्र का जाप करना बेहद लाभकारी माना जाता है
“मां शारदे नमस्तुभ्यं कश्मीरपुरवासिनि।
त्वामहं प्रार्थये नित्यं विद्यादानं च देहि में॥”
इस मंत्र के नियमित जाप से विद्या, बुद्धि और एकाग्रता बढ़ती है। मान्यता है कि इससे मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
बसंत पंचमी: ज्ञान और नए आरंभ का पर्व
बसंत पंचमी सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमें नई शुरुआत करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। यह पर्व ज्ञान के महत्व को समझाता है और प्रकृति से जुड़ने का संदेश देता है।

इस दिन मां सरस्वती की पूजा, बच्चों का विद्यारंभ संस्कार और पीले रंग का महत्व हमें सिखाता है कि ज्ञान ही जीवन का सबसे बड़ा धन है।

