अपने बच्चे के सामने गलती से भी मत पीना शराब और सिगरेट, नहीं ताे उम्र भर होगा पछतावा
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 05:59 PM (IST)
नारी डेस्क: घर का माहौल बच्चों के व्यक्तित्व और आदतों को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाता है। जब बच्चे अपने माता-पिता या घर के बड़ों को शराब पीते हुए देखते हैं, तो इसका असर उनके मानसिक और व्यवहारिक विकास पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के सामने शराब का सेवन करना उनके लिए गलत संदेश भी दे सकता है। इससे न केवल बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि उनके व्यवहार और आदतों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

गलत आदतें सीखने का खतरा
बच्चे अपने आसपास के लोगों को देखकर ही बहुत सी बातें सीखते हैं। अगर वे बार-बार किसी को शराब पीते हुए देखते हैं, तो उन्हें यह सामान्य व्यवहार लगने लगता है। इससे बड़े होकर उनमें भी शराब पीने की प्रवृत्ति विकसित हो सकती है। ऐसे माहौल में पले-बढ़े बच्चों के व्यवहार में चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी या पढ़ाई में रुचि कम होने जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं।
मानसिक तनाव और असुरक्षा
अगर घर में शराब पीने के बाद झगड़ा, गुस्सा या अस्थिर व्यवहार होता है, तो बच्चे मानसिक रूप से असुरक्षित महसूस कर सकते हैं। इससे उनके मन में डर, चिंता या तनाव की भावना बढ़ सकती है। शोध बताते हैं कि जिन बच्चों का बचपन ऐसे माहौल में बीतता है, उनमें आगे चलकर नशे की आदत विकसित होने का जोखिम ज्यादा हो सकता है। लंबे समय तक शराब का सेवन कई मानसिक समस्याओं जैसे Alcohol Use Disorder से भी जुड़ा हुआ माना जाता है।

बच्चों पर सिगरेट के धुएं का असर
सिगरेट के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायन बच्चों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इससे Asthma का खतरा बढ़ जाता है। जिन बच्चों को पहले से अस्थमा होता है, उनमें इसके लक्षण और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। लगातार धुएं के संपर्क में रहने से बच्चों के फेफड़ों का विकास प्रभावित हो सकता है और सांस से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार सिगरेट का धुआं शिशुओं में Sudden Infant Death Syndrome का जोखिम बढ़ा सकता है, जिसमें बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक शिशु की मृत्यु हो सकती है।
बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
घर को पूरी तरह स्मोक-फ्री रखें। बच्चों के आसपास तंबाकू के धुएं से बचें। स्वस्थ जीवनशैली का उदाहरण पेश करें। बच्चों की सेहत और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि उनके सामने सिगरेट या शराब का सेवन न किया जाए। इससे न सिर्फ उनकी शारीरिक सेहत सुरक्षित रहती है बल्कि वे बेहतर और स्वस्थ आदतें भी सीखते हैं।

