अब नहीं रहेगा बहरापन! इस नए इंजेक्शन से बच्चों को मिलेगी सुनने की ताकत

punjabkesari.in Friday, Apr 17, 2026 - 01:50 PM (IST)

नारी डेस्क : अक्सर देखा जाता है कि कुछ बच्चों में जन्म से ही कोई न कोई कमी होती है। खासकर जब समस्या सुनने या बोलने से जुड़ी हो, तो बच्चों को बचपन से ही कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, चाहे वह पढ़ाई हो, संवाद हो या सामान्य जीवन। लेकिन अब ऐसे बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। जन्म से सुनने की समस्या (कंजेनिटल डेफनेस) से जूझ रहे बच्चों और युवाओं के लिए नई रिसर्च ने उम्मीद की किरण जगाई है। अब तक जहां हियरिंग एड और कॉक्लियर इम्प्लांट ही सहारा थे, वहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में एक खास इलाज के जरिए सुनने की क्षमता को लगभग सामान्य स्तर तक वापस लाया जा सकता है।

क्या है नई खोज?

स्वीडन के Karolinska Institute की एक नई स्टडी, जो प्रतिष्ठित जर्नल Nature में प्रकाशित हुई है, ने जीन थेरेपी के जरिए बहरेपन के इलाज की नई उम्मीद जगाई है। इस रिसर्च में पाया गया कि एक खास जेनेटिक कारण से होने वाले बहरेपन को अब काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। जिससे बच्चों को सुनने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

PunjabKesari

किस कारण होता है यह बहरापन?

यह बहरापन आमतौर पर OTOF जीन में बदलाव (म्यूटेशन) के कारण होता है। यह जीन “ओटोफरलिन” नामक एक महत्वपूर्ण प्रोटीन बनाने का काम करता है, जो कान से दिमाग तक ध्वनि के सिग्नल पहुंचाने में मदद करता है। जब यह प्रोटीन सही तरीके से काम नहीं करता, तो व्यक्ति के कान आवाज को महसूस तो कर लेते हैं, लेकिन वह सिग्नल दिमाग तक ठीक से नहीं पहुंच पाते, जिससे सुनने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। 

यें भी पढ़ें : सोने की कलम से लिखी होती है इस मूलांक वालों की किस्मत, धन-वैभव खुद आता है इनके पास

जानें कैसे किया गया इलाज

रिसर्चर्स ने इस समस्या को ठीक करने के लिए जीन थेरेपी का इस्तेमाल किया।
एक हेल्दी जीन को शरीर में डाला गया। 
इसके लिए सुरक्षित वायरस (AAV) का उपयोग किया गया।
इंजेक्शन के जरिए जीन को सीधे कान के अंदर पहुंचाया गया।
यह प्रक्रिया कान के अंदर “राउंड विंडो” नाम की जगह पर की गई।

PunjabKesari

इलाज के बाद क्या रहे नतीजे

इस इलाज के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे
कई मरीजों ने 1 महीने के अंदर सुधार महसूस किया
6 महीने में सभी मरीजों में सुनने की क्षमता बेहतर हो गई
मरीज अब पहले से धीमी आवाजें भी सुनने लगे।

यें भी पढ़ें : सिर्फ 1-2 दिन में ही Periods हो जाते खत्म तो Expert ने बताया इसे सबसे खराब

बच्चों में दिखा ज्यादा असर

रिसर्च में सबसे ज्यादा फायदा 5 से 8 साल के बच्चों में देखा गया। एक बच्ची ने तो कुछ महीनों में लगभग सामान्य सुनने की क्षमता हासिल कर ली और अपनी मां से बातचीत करने लगी। यह खोज मेडिकल साइंस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि यह इलाज अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन भविष्य में यह लाखों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static