क्या सच में Ayurveda की ये जादुई चीज Heart Attack और खून को गाढ़ा नहीं होने देती?

punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 07:02 PM (IST)

नारी डेस्कः हार्ट अटैक के मामले दिनों-दिन बढ़ते जा रहे है। बिगड़ा लाइफस्टाइल युवाओं को भी इसकी चपेट में ले रहा है। नसों में ब्लॉकेज, सांस फूलना, कोलेस्ट्रॉल बहुत ही आम सी समस्या बनती जा रही है। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, धूम्रपान और दूसरी लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में लोग प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर भी रुख कर रहे हैं। आपने अर्जुन की छाल (Terminalia arjuna) का नाम तो सुना होगा, अर्जुन की छाल (Terminalia Arjuna Bark) आयुर्वेद में एक अमूल्य औषधि मानी जाती है और लंबे समय से इसे दिल की सेहत के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, आधुनिक शोध में इसके कुछ संभावित फायदे सामने आए हैं, लेकिन यह साबित नहीं हुआ है कि अर्जुन की छाल अकेले हार्ट अटैक को रोक सकती है या धमनियों की ब्लॉकेज को खत्म कर सकती है।

अर्जुन की छाल दिल के लिए क्यों मानी जाती है फायदेमंद?

अर्जुन की छाल में कई जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें ट्राइटरपेनॉइड, फ्लेवोनॉयड और ग्लाइकोसाइड जैसे घटक शामिल हैं। इन पर किए गए प्रयोगों और कुछ क्लिनिकल अध्ययनों में एंटीऑक्सीडेंट और हृदय-संबंधी संभावित प्रभाव देखे गए हैं। इसी वजह से पारंपरिक चिकित्सा में अर्जुन की छाल को हृदय के लिए उपयोगी माना जाता है। अर्जुन की छाल आयुर्वेद में हृदय स्वास्थ्य के लिए लंबे समय से इस्तेमाल की जाती रही है और आधुनिक शोध में भी इसके कुछ संभावित कार्डियोप्रोटेक्टिव प्रभाव सामने आए हैं।

अर्जुन की छाल का सेवन कैसे करें?

अर्जुन छाल का काढ़ा: 1 चम्मच अर्जुन छाल पाउडर को 2 कप पानी में उबालें, आधा रह जाने पर गुनगुना करके पिएं।
अर्जुन छाल की चाय:  2 टुकड़े अर्जुन की छाल को पानी में उबालें, चाहें तो शहद मिलाएं और सुबह खाली पेट पिएं।
अर्जुन छाल पाउडर:  2–3 ग्राम अर्जुन छाल पाउडर गुनगुने पानी या दूध के साथ ले सकते हैं।
अर्जुन की छाल कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों के लिए एक नैचुरल और असरदार औषधि मानी जाती है लेकिन खाने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदाचार्य या डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है, ताकि सही मात्रा और सही तरीके से इसका सेवन किया जा सके लेकिन अभी उपलब्ध प्रमाण इसे हार्ट अटैक, ब्लॉकेज या हाई कोलेस्ट्रॉल का अकेला इलाज मानने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसे यदि इस्तेमाल करना हो तो विशेषज्ञ की सलाह और चल रही मेडिकल ट्रीटमेंट को ध्यान में रखकर ही इस्तेमाल करें।

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अर्जुन की छाल के फायदे

1. दिल रखें स्वस्थः कुछ अध्ययनों में अर्जुन के अर्क से हृदय की कार्यक्षमता और कुछ लक्षणों में संभावित सुधार देखा गया है। हालांकि इसके प्रभाव व्यक्ति और इस्तेमाल किए गए अर्क की मात्रा/तरीके के अनुसार अलग हो सकते हैं।

2. एंटीऑक्सीडेंट गुणः अर्जुन की छाल में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि दिखाते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इस दिशा में अर्जुन पर शोध किया गया है।

3. कोलेस्ट्रॉल पर असरः कुछ शोधों में लिपिड प्रोफाइल पर संभावित प्रभाव की चर्चा की गई है। हालिया मेटा-एनालिसिस में HDL यानी 'गुड कोलेस्ट्रॉल' में वृद्धि देखी गई, लेकिन LDL और ट्राइग्लिसराइड्स पर स्पष्ट महत्वपूर्ण बदलाव नहीं मिला। इसलिए इसे कोलेस्ट्रॉल कम करने की पक्की दवा कहना सही नहीं होगा।

4. हार्ट फेलियर में सहायकः कुछ क्लिनिकल अध्ययनों में अर्जुन के अर्क को सामान्य उपचार के साथ अतिरिक्त उपचार के रूप में देखा गया है। एक नियंत्रित अध्ययन में कुछ मरीजों में कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता से जुड़े सुधार मिले, लेकिन हृदय की पंपिंग क्षमता यानी LVEF में महत्वपूर्ण सुधार नहीं हुआ।

क्या अर्जुन की छाल खून को पतला करती है?

अर्जुन की छाल को सीधे तौर पर 'ब्लड थिनर' कहना सही नहीं है। इसके कुछ संभावित एंटी-थ्रोम्बोटिक प्रभावों पर शोध हुआ है, लेकिन यह डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली एंटीप्लेटलेट या एंटीकोआगुलेंट दवाओं का विकल्प नहीं है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति पहले से हृदय की दवा ले रहा है तो बिना डॉक्टर की सलाह के अर्जुन की छाल शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए।

अर्जुन की छाल का सेवन कैसे किया जाता है?

आयुर्वेदिक परंपरा में अर्जुन की छाल का इस्तेमाल काढ़े, चूर्ण या तैयार अर्क के रूप में किया जाता है। लेकिन इसकी सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, बीमारी और इस्तेमाल किए जा रहे उत्पाद पर निर्भर करती है। इसलिए किसी इंटरनेट आर्टिकल में बताई गई निश्चित ग्राम मात्रा को हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित मानना उचित नहीं है। घर पर अर्जुन की छाल का सेवन शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है, खासकर यदि आपको हृदय, ब्लड प्रेशर, किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारी है।

किन लोगों को अर्जुन की छाल से सावधानी बरतनी चाहिए?

जो लोग पहले से हार्ट की दवाएं, ब्लड प्रेशर की दवाएं या खून जमने से रोकने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें इसे अपनी मर्जी से शुरू नहीं करना चाहिए। अर्जुन की छाल के अलग-अलग रूपों और दवाओं के साथ संभावित इंटरैक्शन को लेकर अभी पर्याप्त जानकारी नहीं है। शोध में भी इसकी सही तैयारी, मानकीकरण और अन्य दवाओं के साथ इंटरैक्शन को लेकर और अध्ययन की जरूरत बताई गई है। इसके अलावा, अगर सेवन के बाद किसी तरह की एलर्जी, पेट की परेशानी, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो इसका इस्तेमाल रोककर चिकित्सकीय सलाह लें।

क्या अर्जुन की छाल हार्ट अटैक से बचा सकती है?

यह सबसे जरूरी बात है। अर्जुन की छाल को हार्ट अटैक से बचाव का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता। हृदय रोग का खतरा कम करने के लिए ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना, डायबिटीज का सही प्रबंधन, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, धूम्रपान से दूरी और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर किसी व्यक्ति को सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, अचानक पसीना, चक्कर या दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण हों तो अर्जुन की छाल या किसी घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। हृदय रोग, हार्ट अटैक, ब्लॉकेज या हार्ट फेलियर वाले मरीज अपनी निर्धारित दवाएं बंद करके अर्जुन की छाल का इस्तेमाल न करें।
 


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Content Writer

Vandana

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