तिरंगे में लिपटकर घर लौटा एयरफोर्स जवान, 22 साल के बेटे का शव देख चीख पड़ी मां और बहन

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 04:17 PM (IST)

नारी डेस्क: एक मां के लिए सबसे बड़ा दुख होता है अपने जवान बेटे की अर्थी देखना। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक मां ने अपने सबूत काे खो दिया।  झुंझुनूं जिले में मंडावा उपखंड के पीपल का बास गांव का 22 वर्षीय अग्निवीर आर्यन झाझडियां देश सेवा करते हुए हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो गया। जब उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो पूरा गांव राे पड़ा। हर किसी के जुबान में यही था कि भगवान किसी भी मां से उसका बेटा ना छीने। 

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बेटा का शव देख मां हुई बेसुध

बुधवार को अग्निवीर आर्यन का उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव पहुंचा। हर जुबान पर सिर्फ एक ही शब्द था- ‘भारत माता का वीर सपूत अमर रहे।’ लोगों ने हाथ जोड़कर और पुष्प अर्पित कर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। गांव की छतों, गलियों और सड़कों पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। घर के आंगन में जैसे ही आर्यन की पार्थिव देह पहुंचा उनकी मां सरोज बेसुध हो गई। बहन की चीखें सुन पूरा गांव रो पड़ा। 

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जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहा था जवान

दुख तो इस बात का है कि आर्यन 14 जुलाई को अपना 23वां जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे  थे, इसके लिए वह  छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। मां अपने बेटे का इंतजार कर रही थी लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि बेटे की जगह उनका शव घर आएगा। आर्यन करीब ढाई साल से अग्निवीर के रूप में सेवा दे रहे थे। उनकी पहली पोस्टिंग फरवरी 2024 में कर्नाटक के बेलगाम में हुई थी। 20 अप्रेल 2026 से चेन्नई (तमिलनाडु) में अवाड़ी वायुसेना स्टेशन पर तैनात थे। 2 महीने पहले वे छुट्टी लेकर वे पैतृक गांव पीपल का बास आए थे और परिवार के साथ समय बिताकर वापस बाद चेन्नई लौट गए थे।


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vasudha

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