अफगानिस्तान की लड़कियों की मां बनने की उम्र कितनी है? फर्टिलिटी रेट जानकर रह जाएंगे हैरान
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 03:09 PM (IST)
नारी डेस्क : अफगानिस्तान उन देशों में शामिल है जहां महिलाओं पर कई तरह के कड़े प्रतिबंध लागू हैं। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक, यहां महिलाओं की राह बेहद मुश्किल है। इसी वजह से यहां लड़कियों का बहुत कम उम्र में मां बन जाना आम बात है। सामाजिक दबाव, परंपराएं, आर्थिक मजबूरियां और शुरुआती उम्र में शादी जैसे कारण लड़कियों को बहुत जल्दी मातृत्व की जिम्मेदारी उठाने के लिए मजबूर कर देते हैं।
कितनी उम्र में मां बन रही हैं लड़कियां?
अंतरराष्ट्रीय आंकड़े बताते हैं कि अफगानिस्तान में पहली बार मां बनने की औसत उम्र सिर्फ 19.9 वर्ष है। यानी बड़ी संख्या में लड़कियां 20 साल की उम्र पूरी होने से पहले ही बच्चे को जन्म दे देती हैं। कई इलाकों में यह उम्र इससे भी कम देखी जाती है। इसके पीछे जल्दी शादी की परंपरा, शिक्षा की भारी कमी, स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव और सामाजिक-पारंपरिक दबाव जैसे कारण जिम्मेदार हैं।

फर्टिलिटी रेट दुनिया में सबसे अधिक
अफगानिस्तान का फर्टिलिटी रेट दुनिया के सबसे ऊंचे दरों में शामिल है। यहां एक महिला अपने जीवनकाल में औसतन 4.84 बच्चे जन्म देती है, जो वैश्विक स्तर पर बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा है। हालांकि 1960 में यह दर 7.28 थी और समय के साथ कम हुई है, लेकिन अब भी काफी अधिक है। प्रजनन दर में यह धीमी गिरावट दिखाती है कि आने वाले वर्षों में इसके तेजी से कम होने की संभावना काफी कम है।
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आबादी में तेजी से बढ़ोतरी
उच्च जन्मदर की वजह से देश की आबादी तेजी से बढ़ रही है।
केवल 2022–2023 के बीच जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या मौतों से 12 लाख 28 हजार अधिक रही।
यानी, सिर्फ प्राकृतिक कारणों से ही आबादी में लगभग 3% का इजाफा हुआ।
यह आबादी वृद्धि आने वाले समय में देश की सामाजिक व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता।
स्वास्थ्य सुविधाएं पर भारी बोझ डाल सकती है।

किशोरावस्था में मातृत्व: एक बड़ी चिंता
1960 में 15–19 वर्ष की लड़कियों में जन्मदर 140.6 प्रति 1,000 थी, जो 2023 में घटकर 64.1 प्रति 1,000 हो गई है।
गिरावट जरूर हुई है, लेकिन यह दर अभी भी वैश्विक औसत से बहुत अधिक है।
इसका मतलब यह है कि किशोरावस्था में मां बनना अब भी अफगानिस्तान में आम है।
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महिलाओं पर बढ़ती पाबंदियां
तालिबान के 2021 में सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति और भी खराब हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लड़कियों की शिक्षा पर रोक, महिलाओं की नौकरी पर सीमाएं और सार्वजनिक गतिविधियों में भाग लेने पर कड़ी पाबंदियां ने उन्हें समाज में और पीछे धकेल दिया है। इन प्रतिबंधों की वजह से युवतियों के लिए अपने भविष्य की योजना बनाना लगभग असंभव सा हो गया है। परिणामस्वरूप, कम उम्र में शादी और जल्दी मां बन जाना उनके लिए एक मजबूरी बन जाती है, जिससे उनका पूरा जीवन प्रभावित होता है।

