पेरिस से दिल्ली तक 9 घंटे खराब सीट पर सफर, एयर इंडिया को देना होगा ₹1 लाख मुआवजा

punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 01:38 PM (IST)

नारी डेस्क : पेरिस से दिल्ली की करीब 9 घंटे लंबी यात्रा के दौरान बिजनेस क्लास की खराब सीट पर सफर करने वाले यात्री को उपभोक्ता आयोग से बड़ी राहत मिली है। डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमिशन-VII (साउथ-वेस्ट दिल्ली) ने एयर इंडिया को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए यात्री को ₹1 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने एयरलाइन को यह राशि 45 दिनों के भीतर चुकाने का निर्देश दिया है। 24 जुलाई 2026 को दिए गए आदेश में आयोग ने कहा कि लंबी दूरी की उड़ान के लिए बिजनेस क्लास का टिकट खरीदने वाले यात्री को ऐसी सीट मिलने की उम्मीद करना उचित है, जिसका रिक्लाइन सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा हो। इसके लिए यात्री को शारीरिक चोट होने का अलग से सबूत देना जरूरी नहीं है।

2015 का है पूरा मामला

यह मामला करीब 11 साल पुराना है। दिल्ली के वकील अनिरुद्ध वाधवा और आनंदना हांडा ने पेरिस आने-जाने के लिए एयर इंडिया की बिजनेस क्लास टिकट बुक की थी। दोनों टिकटों की कुल कीमत ₹1,08,510 थी। बिजनेस क्लास चुनने की एक अहम वजह सीट को करीब 180 डिग्री तक पीछे करने की सुविधा थी। लेकिन 26 अक्टूबर 2015 को पेरिस से दिल्ली लौटते समय फ्लाइट AI-142 में अनिरुद्ध वाधवा को सीट नंबर 2J मिली तो वह अपेक्षित सुविधा काम नहीं कर रही थी।

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सीट का रिक्लाइन सिस्टम हुआ खराब

यात्री के मुताबिक, सीट के कंट्रोल काम नहीं कर रहे थे और सीट एक असहज कोण पर अटक गई थी। फ्लाइट के दौरान क्रू ने सीट को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी। दूसरी सीट उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था नहीं हो पाई। सुनवाई के दौरान पेश की गई तस्वीरों में क्रू के सदस्यों को सीट के कंट्रोल खोलकर उसे ठीक करने की कोशिश करते हुए देखा गया। आयोग ने इन तस्वीरों को मामले में महत्वपूर्ण सबूत माना।

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एयर इंडिया ने क्या दी दलील?

सुनवाई के दौरान एयर इंडिया की ओर से दलील दी गई कि यात्री को उड़ान के दौरान लिखित शिकायत दर्ज करनी चाहिए थी। एयरलाइन ने यह भी कहा कि यात्री के पास ऐसी स्थिति में यात्रा से इनकार करने का विकल्प था। एयर इंडिया ने यह तर्क भी दिया कि मुआवजे का दावा करने के लिए यात्री को किसी शारीरिक चोट का सबूत देना चाहिए। हालांकि, उपभोक्ता आयोग ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

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'बिजनेस क्लास में अपेक्षित सुविधा मिलना जरूरी'

आयोग ने माना कि बिजनेस क्लास का टिकट लेने वाले यात्री को निर्धारित सुविधाओं के अनुरूप सेवा मिलने की उम्मीद होती है। खासकर लंबी दूरी की उड़ान में सीट का रिक्लाइन सिस्टम बिजनेस क्लास के अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोग के मुताबिक, यात्री को वह सुविधा नहीं मिली जिसके लिए उसने बिजनेस क्लास का टिकट लिया था। इसलिए इसे सेवा में कमी माना गया। यात्री ने दिल्ली पहुंचने के बाद अपने नए सूटकेस का हैंडल टूटे होने की शिकायत भी की थी। आयोग ने मामले से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध सबूतों पर विचार करने के बाद एयर इंडिया को ₹1 लाख का एकमुश्त मुआवजा देने का आदेश दिया।


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Monika

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