लाख कोशिशों के बाद भी अपनी जगह से नहीं हटी ''खड़े हनुमान'' की प्रतिमा, सरकारी मशीनरी हुई नाकाम
punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 10:27 AM (IST)
नारी डेस्क: उज्जैन नगर निगम (UMC) ने कहा कि उसने IIT इंदौर की टीम से उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को सुरक्षित रूप से दूसरी जगह ले जाने के बारे में सलाह मांगी है। यह मंदिर UMC के सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के दायरे में आता है। UMC कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने कहा- "पुजारी के अनुरोध पर IIT की टीम को बुलाया गया था। मूर्ति को दूसरी जगह ले जाने की प्रक्रिया और तारीख उनकी रिपोर्ट के बाद ही तय की जाएगी। हम यह पता लगा रहे हैं कि क्या इसे बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रूप से हटाया जा सकता है।"

मंगलवार को IIT की टीम ने मूर्ति की गहराई और उसके आस-पास की मिट्टी की जांच के लिए खास उपकरणों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने बताया कि परमार वंश के समय की बड़ी मूर्तियां अक्सर इंटरलॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल करके लगाई जाती थीं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि 'खड़े हनुमान' की मूर्ति मालवा क्षेत्र के मजबूत बेसाल्ट पत्थर से तराशी गई है। उज्जैन में कंथल चौक से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ी करने का प्रोजेक्ट चल रहा है, जिससे सड़क की चौड़ाई लगभग 15 मीटर बढ़ जाएगी। मंदिर इस प्रोजेक्ट के दायरे में आ रहा था। कटर और भारी मशीनों से मूर्ति को हटाने की कोशिशें की गईं, लेकिन भक्तों ने इसका विरोध किया और चेतावनी दी कि ज़्यादा ज़ोर लगाने से मूर्ति को नुकसान हो सकता है।

मंदिर के पुजारी महेश बैरागी ने मूर्ति को सुरक्षित रूप से हटाने के लिए जांच करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा- "मुझे प्रशासन की कार्रवाई से कोई आपत्ति नहीं है। मैं चाहता हूं कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से मूर्ति की जांच की जाए और उचित जांच के बाद ही उसे दूसरी जगह ले जाया जाए।" स्थानीय लोगों ने भी नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर यही मांग की। अधिकारियों ने बताया कि पुजारी के अनुरोध पर IIT इंदौर की एक टीम ने मंगलवार को मूर्ति का निरीक्षण किया। UMC के एक अधिकारी ने कहा- "मूर्ति को हटाने में हमें कठिनाई हो रही है क्योंकि यह आस्था का मामला है।" फिलहाल मूर्ति की सुरक्षा के लिए एक शेड लगाया गया है।

