400 वर्ग फीट कमरे में की ऐसी खेती, अब हर साल 50 लाख रुपये की कमाई
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 11:10 AM (IST)

नारी डेस्क: नागपुर के अक्षय और दिव्या होले ने 2020 में एक ऐसी खेती की शुरुआत की, जिसने न केवल उनकी जिंदगी बदल दी, बल्कि उन्हें करोड़ों रुपये की कमाई भी दिलाई। उन्होंने 400 वर्ग फीट के एक छोटे कमरे में एरोपोनिक तकनीक से केसर की खेती शुरू की। इस तकनीक के जरिए उन्होंने कश्मीर जैसी ठंडी और धुंधली स्थितियां बनाई, जहां केसर उगाना संभव होता है। अब इस खेती से उन्हें सालाना 50 लाख रुपये की कमाई हो रही है।
केसर की खेती का अनोखा आइडिया
अक्षय और दिव्या होले ने जब केसर की खेती करने का निर्णय लिया, तो वे जानते थे कि भारत में केसर की मांग बहुत अधिक है, लेकिन उत्पादन कम है। इस वजह से इसके दाम भी बहुत ज्यादा होते हैं। इसलिए, उन्होंने इस खेती को शुरू करने का सोचा। सबसे पहले, इस फसल को समझने के लिए दोनों कश्मीर गए, जहां उन्होंने ढाई महीने बिताए और अनुभवी किसानों से केसर की खेती के बारे में विस्तार से सीखा।
उन्होंने 100 केसर बीज से शुरुआत की, जो लगभग 1 किलो थे। पहले साल में उन्हें केवल कुछ ग्राम केसर ही मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत को जारी रखा। इसके बाद, उनकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे उनकी फसल बढ़ने लगी।
बंपर कमाई की शुरुआत
अक्षय और दिव्या ने धीरे-धीरे और बीज खरीदे और खेती को बढ़ाया। उन्होंने 350 किलो बीज में निवेश किया, और अगली फसल में लगभग 1,600 ग्राम केसर प्राप्त हुआ। इस सफलता से उत्साहित होकर, उन्होंने नागपुर के हिंगना में 400 वर्ग फीट के कमरे में एक यूनिट स्थापित की। इसके बाद, उन्होंने 480 वर्ग मीटर की एक और यूनिट भी लगाई। अब उनकी कमाई सालाना 40 से 50 लाख रुपये के बीच हो रही है।
सिर्फ खुद की सफलता नहीं, उन्होंने 150 से अधिक लोगों को केसर की खेती की ट्रेनिंग भी दी। इनमें से 29 लोगों ने अपनी खुद की केसर यूनिटें स्थापित कीं। इसके लिए वे प्रति ट्रेनिंग 15,000 रुपये लेते हैं।
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बिजनेस मॉडल का सफल उदाहरण
अक्षय और दिव्या ने एक सशक्त बिजनेस मॉडल बनाया। पिछले साल, उनकी यूनिट और उनके पार्टनर्स की यूनिट्स मिलाकर 45 किलो केसर का उत्पादन हुआ था। एक 100 वर्ग फीट की यूनिट को स्थापित करने में लगभग 10 लाख रुपये का खर्च आता है, और उससे सालाना लगभग 5 लाख रुपये की कमाई हो सकती है।
यह एक बार का निवेश होता है, क्योंकि बीज को सिर्फ एक बार खरीदना पड़ता है। एक बीज से तीन से पांच फूल उगते हैं, और हर फूल में तीन केसर के धागे होते हैं। इस बिजनेस मॉडल के तहत, अक्षय और दिव्या किसानों से केसर खरीदते हैं और उसे पैक करके बेचते हैं।
630 रुपये प्रति ग्राम में केसर की बिक्री
अक्षय और दिव्या ने अपने बिजनेस में अब तक 55 लाख रुपये का निवेश किया था, और पांच सालों में उन्होंने 1.3 करोड़ रुपये की कमाई की है। इनकी सफलता का राज है उनके द्वारा उगाए गए केसर की गुणवत्ता। कश्मीर के केसर संस्थान ने उनके केसर को ग्रेड दिया है, और अब वे इसे 630 रुपये प्रति ग्राम में बेचते हैं।
केसर की कटाई अगस्त से दिसंबर के बीच होती है, और बाकी समय बीज उगाने में लग जाता है। एरोपोनिक तकनीक से उगाए गए केसर का कारोबार काफी लाभकारी साबित हो रहा है, क्योंकि इस सेटअप में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बहुत लंबे समय तक चलती हैं।
प्रेरणा का स्रोत
अक्षय और दिव्या की यह सफलता कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर इंसान कुछ ठान ले तो वह किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है। उन्होंने सिर्फ अपने लिए एक सफल व्यवसाय नहीं खड़ा किया, बल्कि दूसरों को भी यह दिखाया कि सही मेहनत और सही दिशा में कदम बढ़ाकर कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
उनकी इस सफलता से यह भी साबित होता है कि जब तकनीक का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो किसी भी मुश्किल हालात में भी सफलता पाई जा सकती है।