40 की उम्र के बाद ही क्यों घुटने पड़ जाते हैं कमजाेर? इस कारण हमेशा रहता है Knee Pain

punjabkesari.in Wednesday, May 27, 2026 - 12:31 PM (IST)

नारी डेस्क: अगर आप अपनी 40 या 50 की उम्र में हैं और घुटनों में दर्द महसूस कर रहे हैं, तो हो सकता है कि आप इसे "उम्र बढ़ने के साथ होने वाली सामान्य बात" मानकर नजरअंदाज कर दें। लेकिन कई मामलों में, घुटनों में लगातार बना रहने वाला दर्द किसी अंदरूनी हड्डी रोग (ऑर्थोपेडिक समस्या) का शुरुआती संकेत हो सकता है एक ऐसी समस्या जिस पर समय रहते डॉक्टरी ध्यान देना ज़रूरी है। इसका मकसद तुरंत सर्जरी करवाना नहीं है। इसका लक्ष्य दर्द को शुरुआती दौर में ही समझना और जोड़ों को सही तरीके से सहारा देना है।

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बढ़ती उम्र के साथ घुटनों में दर्द क्यों होता है?


इंडियन जर्नल ऑफ ऑर्थोपेडिक्स में प्रकाशित अध्ययनों से पता चलता है कि भारत में 40 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 28 प्रतिशत वयस्कों को घुटने में दर्द होता है और उनमें से कई लोग मदद लेने से पहले महीनों या वर्षों तक इंतजार करते हैं। बहुत अधिक इंतजार करने से जोड़ों में घिसाव बढ़ सकता है और बाद में उपचार अधिक कठिन हो सकता है।डॉक्टर कहते हैं कि-  “आपका घुटना हर दिन काम करता है। हमें इस बात का एहसास नहीं होता कि इस पर कितना दबाव पड़ता है। अगर हम शुरुआत से ही सही व्यायाम और आदतों से इसकी देखभाल करें, तो घुटना लंबे समय तक मजबूत बना रहता है।”  उम्र के साथ हड्डियां और मांसपेशियां बदलती हैं, लेकिन शुरुआती मार्गदर्शन से इन बदलावों को संभालना आसान हो जाता है।


 घुटनों में दर्द बढ़ने के  कारण

पहले घुटनों की खराबी को बुढ़ापे की समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह 40 की उम्र वालों में भी दिख रही है। खराब लाइफस्टाइल, मोटापा, कम हिलने-डुलने की आदतें, और डेस्क जॉब  घुटनों पर दबाव बढ़ाते हैं। लंबे समय तक गाड़ी चलाना और बार-बार यात्रा करना भी इसमें योगदान देता है। हाई हील्स पहनने से घुटनों की बनावट बदल जाती है और समय के साथ जोड़ों पर दबाव बढ़ जाता है। ज़्यादा ज़ोर वाले खेल, चोटें और जिम में ज़ोरदार वर्कआउट भी जोड़ों को जल्दी खराब कर देते हैं। हाइपोथायरायडिज्म भी लोगों को जोड़ों की समस्याओं का शिकार बना सकता है। युवा पुरुषों में, एक तरफ अचानक तेज़ दर्द और सूजन यूरिक एसिड के स्तर में अचानक बढ़ोतरी के कारण हो सकती है, जैसा कि गाउट में होता है। युवा महिलाओं में, यह असामान्य रूमेटॉइड अर्थराइटिस या बिना पहचान वाले अर्थराइटिस के रूप में सामने आ सकता है।

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घुटने के दर्द को लेकर कब चिंता करें?

घुटने का हर दर्द एक जैसा नहीं होता, अगर आपको ये लक्षण दिखाई दें तो किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट) से सलाह लें:

-दर्द जो कुछ हफ़्तों से ज़्यादा समय तक बना रहे
-सुबह के समय घुटनों में अकड़न
-घुटनों से 'क्लिक' या रगड़ जैसी आवाज़ आना
-घुटने के जोड़ के आस-पास सूजन
-घुटने की हलचल (Range of Motion) में कमी
-घुटने में अस्थिरता या उसका अटक जाना


 सर्जरी की ज़रूरत कब पड़ती है?


अगर घुटने का दर्द आपके रोज़मर्रा के कामों में रुकावट डाल रहा है या आपकी गति धीमी कर रहा है, तो अभी जांच करवाने का सही समय है। सही समय पर मिली सलाह आपके जोड़ों को सुरक्षित रखती है और आपको सक्रिय व आरामदायक बनाए रखने में मदद करती है।आमतौर पर, 50 की उम्र की शुरुआत या उससे कम उम्र के मरीज़ों में घुटने का रिप्लेसमेंट करवाने से बचा जाता है, क्योंकि इस बात की संभावना ज़्यादा होती है कि वे कृत्रिम जोड़ (artificial joint) के जीवनकाल से ज़्यादा जिएंगे और बाद में दोबारा सर्जरी (revision surgery) करवाना मुश्किल हो सकता है। सर्जरी के बारे में तभी सोचा जाता है जब दर्द से जीवन की गुणवत्ता पर बहुत बुरा असर पड़ रहा हो। 
 


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Content Writer

vasudha

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