ऑफिस हो या घर, रोज की ये छोटी-छोटी गलतियां बनती हैं सर्वाइकल की वजह
punjabkesari.in Sunday, Jul 19, 2026 - 05:38 PM (IST)
नारी डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सर्वाइकल दर्द एक आम स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। पहले यह परेशानी बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करने, मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल और गलत बैठने की आदतों के कारण युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।सर्वाइकल का दर्द कई बार इतना तेज होता है कि व्यक्ति के लिए गर्दन घुमाना, बैठना, सोना या रोजमर्रा के सामान्य काम करना भी मुश्किल हो जाता है। अच्छी बात यह है कि अगर शुरुआत में ही इसकी वजहों पर ध्यान दिया जाए और सही आदतें अपनाई जाएं, तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
क्या होता है सर्वाइकल
सर्वाइकल हमारी रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) के ऊपरी हिस्से को कहा जाता है। इस हिस्से में गर्दन की कुल सात हड्डियां होती हैं, जिन्हें C1 से C7 तक नाम दिया गया है। यही हिस्सा सिर को सहारा देता है और गर्दन की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। जब इन हड्डियों, उनके बीच मौजूद डिस्क, मांसपेशियों या नसों पर दबाव पड़ने लगता है या उनमें सूजन, घिसाव या किसी तरह की समस्या आ जाती है, तो गर्दन में दर्द, अकड़न और अन्य लक्षण दिखाई देने लगते हैं। आम भाषा में इसे ही सर्वाइकल की समस्या कहा जाता है।

कैसे शुरू होती है यह परेशानी
सर्वाइकल की समस्या अचानक नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी लापरवाहियां धीरे-धीरे गर्दन पर दबाव बढ़ाती रहती हैं। समय के साथ यही आदतें दर्द और अकड़न का कारण बन जाती हैं। अगर समय रहते इन गलतियों को नहीं सुधारा जाए, तो दर्द केवल गर्दन तक सीमित नहीं रहता बल्कि कंधों, पीठ और हाथों तक भी फैल सकता है।
ऑफिस और घर में की जाने वाली ये गलतियां बढ़ा सकती हैं जोखिम
लंबे समय तक झुककर लैपटॉप पर काम करना
ऑफिस में लगातार कई घंटों तक लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने गर्दन झुकाकर बैठने से सर्वाइकल स्पाइन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही आदत धीरे-धीरे दर्द और अकड़न का कारण बन सकती है।
घंटों मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना
आजकल अधिकांश लोग लंबे समय तक मोबाइल चलाते समय गर्दन नीचे झुकाए रखते हैं। इस स्थिति को अक्सर "टेक्स्ट नेक" भी कहा जाता है। लगातार ऐसा करने से गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।

एक ही पोजीशन में लंबे समय तक बैठे रहना
चाहे आप घर से काम कर रहे हों या ऑफिस में, कई घंटों तक बिना ब्रेक लिए एक ही मुद्रा में बैठे रहना गर्दन और पीठ दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अचानक भारी वजन उठाना
बिना सही तरीके से वजन उठाने या अचानक भारी सामान उठाने से गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ पर जोर पड़ सकता है, जिससे सर्वाइकल की समस्या बढ़ सकती है।

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गलत पॉश्चर अपनाना
सोते समय ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करना, कुर्सी पर झुककर बैठना या गर्दन को लंबे समय तक असहज स्थिति में रखना भी सर्वाइकल दर्द की एक बड़ी वजह बन सकता है।
सर्वाइकल के सामान्य लक्षण
अगर आपको बार-बार नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए-
गर्दन में लगातार दर्द या अकड़न
गर्दन घुमाने में परेशानी
दर्द का कंधों और हाथों तक फैलना
हाथों में झुनझुनी या सुन्नपन
सिरदर्द या चक्कर आने की शिकायत
लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द बढ़ जाना
सर्वाइकल से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
सर्वाइकल की समस्या से बचने के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव करना काफी फायदेमंद हो सकता है। हर 30–40 मिनट में कुर्सी से उठकर थोड़ा टहलें। लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों की सीध में रखें। मोबाइल का इस्तेमाल करते समय गर्दन को ज्यादा देर तक नीचे न झुकाएं। बैठते समय हमेशा सही पॉश्चर बनाए रखें। हल्की स्ट्रेचिंग और गर्दन की एक्सरसाइज नियमित रूप से करें। सोते समय बहुत ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करने से बचें।
इलाज कब जरूरी हो जाता है
अगर शुरुआती दौर में दर्द पर ध्यान दिया जाए, तो दवाओं, फिजियोथेरेपी, सही एक्सरसाइज और जीवनशैली में बदलाव से काफी राहत मिल सकती है। लेकिन यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे, हाथों में कमजोरी महसूस हो या नसों पर दबाव बढ़ने के संकेत दिखें, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं, फिजियोथेरेपी या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं। गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।

