10 महीने की बच्ची बनी केरल की सबसे कम उम्र की अंगदाता, पांच लोगों को दिया जीवनदान

punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 12:08 PM (IST)

नारी डेस्क:  यह कहानी मानवता और त्याग की एक अद्भुत मिसाल है। मात्र 10 महीने की नन्हीं एलिन शेरिन अब्राहम ने अपनी जान खोने के बाद भी पांच लोगों को नया जीवन देकर केरल और पूरे देश के लिए गर्व का पल पैदा किया। इतनी कम उम्र में, उसने दिखा दिया कि सच्चा साहस और प्रेम किसी उम्र के बंधन में नहीं बंधता। उसके माता-पिता के साहसिक निर्णय ने दुख को उम्मीद में बदल दिया और हमें यह सिखाया कि मानवता और जीवनदान से बड़ा कोई उपहार नहीं होता। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा और गर्व की बात है।

हादसे का पूरा मामला

पांच फरवरी को पथानामथिट्टा जिले में एलिन शेरिन एक भीषण सड़क हादसे की शिकार हो गई। गंभीर चोटों के कारण उसे कई अस्पतालों में इलाज दिया गया, लेकिन 13 फरवरी को कोच्चि के अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार का संसार थम गया, लेकिन माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन एन जान ने अपनी बेटी के अंगदान का साहसिक निर्णय लिया। उनका यह कदम न केवल परिवार के लिए बल्कि समाज के लिए भी मानवता की मिसाल बन गया।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

अंगदान से मिली नई जिंदगी

एलिन के अंगों ने पांच लोगों की जिंदगी बदल दी

लिवर – छह महीने के शिशु को नया जीवन दिया।

दोनों किडनियां – तिरुअनंतपुरम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती एक बच्चे के काम आईं।

हार्ट वाल्व – श्री चित्रा तिरुनल आयुर्विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान भेजा गया।

आंखें – भी दान की गईं, जिससे किसी की रोशनी लौट सके।

एलिन के अंगदान से कई परिवारों में उम्मीद की किरण जगी और एक नन्हीं जान ने कई घरों में जीवन की नई शुरुआत दी।

ये भी पढ़ें:  अब एयरपोर्ट भी Safe नहीं, Jaipur International Airport पर महिला को आवारा कुत्ते ने काटा

राज्य सरकार और नेताओं ने किया सम्मान

इस मार्मिक घटना के बाद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ‘एक्स’ पर एलिन को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का ऐलान किया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भी माता-पिता के निर्णय को मानवता की अद्वितीय मिसाल बताया। विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने इसे समस्त मानवता के लिए संदेश बताया। स्वास्थ्य मंत्री वीणा जार्ज ने भी इसे मानवता का अनुपम उदाहरण करार दिया।

हालांकि एलिन अब इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन उसके अंगदान ने कई लोगों की जिंदगी में नई उम्मीद जगाई। नन्हीं सी जिंदगी ने विदा लेते हुए यह सिखा दिया कि प्रेम, त्याग और मानवता ही हमारी सबसे बड़ी पहचान हैं।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Priya Yadav

Related News

static