लोहड़ी की आग में क्यों डाला जाता है तिल-गुड़, जानिए इसका महत्व
punjabkesari.in Sunday, Jan 10, 2021 - 12:22 PM (IST)
साल 2021 का पहला त्योहार लोहड़ी आने में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि दिल्ली, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और कश्मीर में भी लोहड़ी का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग खास पकवान बनाते हैं और रात को आग जलाकर गीत गाते हैं। साथ ही इस दिन लोहड़ी की अग्नी में रेवड़ी, तिल, मूंगफली भी अर्पित की जाती हैं लेकिन आप जानते हैं कि ऐसा क्यों किया जाता है। चलिए आपको बताते हैं कि लोहड़ी की आग में आखिर क्यों दी जाती हैं आहुति...
क्यों मनाई जाती है लोहड़ी?
लोहड़ी का त्यौहार फसल काटने के उपलक्षय में मानाया जाता है। इस दिन किसान पुरानी खेती की कटाई के साथ नई खेती की बुआई भी करते हैं। वहीं, देश में लोहड़ी को लेकर कई कहानियां भी प्रचलित हैं जैसे... दुल्ला भट्टी की कहानी, होलिका और लोहड़ी की कहानी आदि।

क्या है लोहड़ी का इतिहास?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो हिंदू कैलेंडर के हिसाब से लोहड़ी का पर्व पौष महीने में आता है। इसके बाद से ही सर्दी कम होने लगती है और नई फसल का समय आ जाती है इसलिए किसान इसे नए साल के तौर पर भी मनाते हैं।
लोहड़ी का तिल और गुड़ से क्या कनैक्शन?
लोहड़ी पर्व का नाम तिल और गुड़ से मिलकर बना है। तिल और रोड़ी (गुड़ की रोड़ी) शब्दों से मिलकर बना यह शब्द बाद में लोहड़ी पर्व के रूप में प्रसिद्ध हो गया। पंजाब के कई इलाकों मे इस पर्व को लोही या लोई भी कहा जाता है।

लोहड़ी पर क्यों बनाई जाती है तिल की बर्फी
किसानों इन त्यौहारों को नए साल के रूप में मनाते हैं इसलिए लोहड़ी और मकर संक्राति के मौके पर देश की कई जगहों पर तिल और गुड़ की बर्फी, रेवड़ी या गजक बनाने की परंपरा है। इसके अलावा फीनी, तिल पापड़ी, घेवर, खीर, वड़ा, पकोड़ी और तिल-लड्डू भी लोहड़ी व मकर संक्राति के लिए परांपरिक पकवान में से एक है। यही नहीं, इस दिन तिल-गुड़ बांटना भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
वैज्ञानिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण है तिल और गुड़
वैज्ञानिक के अनुसार, अधिक सर्दी के कारण जब शरीर को गर्मी की जरूरत होती है तब तिल व गुड़ के व्यंजन खाना फायदेमंद है। तिल में तेल प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे शरीर को अंदर से गर्माहट मिलती है। वहीं, गुड़ की तासीर भी गर्म होती है। वहीं, रोजाना इनका सेवन करने से भी आप कई बीमारियों से भी बचे रहते हैं।

लोहड़ी की आग में क्यों डाला जाता है तिल-गुड़,
लोहड़ी के मौके पर लोग घर के आंगन में आग जलाकर उसमें तिल, मूंगफली, रेवड़ी, गुड़, गजक और पॉपकार्न आदि अर्पित करते हैं। ऐसा लोग सूर्य व अग्नि देव का आभार प्रकट करने के लिए करते हैं क्योंकि उनकी कृपा से ही फसल अच्छी होती है।
बुरी नजर के लिए भी दी जाती है आहुति
इसके अलावा लोहड़ी की आग में गजक, मूंगफली, तिल और रेवड़ी की आहुति बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए भी दी जाती है। मान्यता है कि लोहड़ी की अग्नि के चक्कर लगाने से बच्चे स्वस्थ रहते हैं।
घर में न हो अन्न और धन की कमी
शास्त्रों के अनुसार, अग्नि में रेवड़ी, तिल, मूंगफली, गुड़, गजक समर्पित करने से वो सीधा सीधा भगवान तक पहुंचती है। वहीं, सूर्य और अग्नि देव के प्रति आभार प्रकट करने के लिए भी लोग आहुति देते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से सारा साल कृषि में उन्नति होती है और घर में भी अन्न-धन्न की कभी कमी नहीं होती।


