मोदी सरकार का सोने से जुड़ा कानून, ज्वैलर्स ने की ग्राहक से ठगी तो खैर नहीं

11/18/2020 11:21:28 AM

ज्वैलर्स अब आम उपभोक्ताओं को धोखा नहीं दे पाएंगे, क्योंकि देश में नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू हो गया है। दरअसल, मोदी सरकार अगले साल देश भर में गोल्ड हॉलमार्किंग नियम लागू करने जा रही है। इस साल जनवरी में केंद्र सरकार ने सोने के गहनों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने का फैसला किया। अब 1 जून 2021 से देश भर में गोल्ड हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। नए नियम सोने के आभूषणों पर भी लागू होंगे। इस नए कानून के लागू होने के बाद अगर ज्वैलर्स धोखाधड़ी करते हैं तो उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।

गोल्ड हॉलमार्किंग के नियमों में बड़ा बदलाव

मान लीजिए कि यदि कोई ज्वैलर आपको 22 कैरेट सोने के लिए 18 कैरेट सोना बेचता है तो उसे जुर्माना के साथ जेल हो सकती है। वहीं, साल 2020 जनवरी में केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी की थी जिसके मुताबिक सोने के आभूषणों में हॉलमार्किंग जरूरी है। अब देशभर में 1 जून 2021 से गोल्ड हॉलमार्किंग जरूरी हो जाएगी।

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ज्वैलर्स एसोसिएशन क्यों हैं परेशान?

ज्वेलर्स एसोसिएशन का कहना है कि इतने कम समय में नियम लागू करना मुश्किल होगा। ज्वैलर्स को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के तहत खुद को रजिस्टर्ड करवाना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है लेकिन उन्हें बहुत कम समय मिल रहा है।बता दें कि इसी साल जुलाई महीने में ज्वैलर्स ने केंद्र सरकार से डेडलाइन की सीमा बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया था।

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सोने की गुणवत्ता पर असर क्यों?

हॉलमार्क एक तरह की सरकारी गारंटी है , जिसे देश के एकमात्र बीआईएस द्वारा निर्धारित किया जाता है। हॉलमार्क का फायदा यह है कि अगर आप भविष्य में सोना बेचते हैं तो आपको कम कीमत नहीं मिलेगी। इसके बदले आपको सोने की अच्छी कीमत मिलेगी।

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बता दें कि केंद्र सरकार ने फैसले को लागू करने के लिए ज्वैलर्स को एक साल का समय दिया है ताकि ज्वैलर्स एक साल के भीतर अपना पुराना स्टॉक क्लियर कर सकें। देश में हॉलमार्किंग केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। यह अनुमान है कि वर्तमान में देश में लगभग 900 हॉलमार्किंग केंद्र हैं, जिसे बढ़ाया जा रहा है।


Anjali Rajput

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