बच्चे का साइज या वजन को लेकर परेशान तो ये खबर जरूर पढ़ें

punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 05:38 PM (IST)

नारी डेस्क : बच्चे किसी के भी हों, उन्हें देखकर मन खुश हो जाता है। उनके साथ खेलना, बातें करना, हंसाना यह हर किसी को अच्छा लगता है। लेकिन कई बार यही मासूम बातचीत एक ऐसी दिशा ले लेती है, जो अनजाने में किसी के दिल को चोट पहुंचा देती है। ये बच्चा कितना दुबला है, इतना छोटा क्यों है? इसके बराबर का बच्चा तो बहुत मोटा है…ऐसे वाक्य अक्सर बिना सोचे-समझे कह दिए जाते हैं। कहने वाले इसे सामान्य बात समझते हैं, लेकिन सुनने वाले माता-पिता खासतौर पर मां के मन पर इसका असर बहुत गहरा होता है।

बच्चे का साइज उसकी सेहत का पैमाना नहीं है

यह समझना बहुत ज़रूरी है कि बच्चा छोटा है, इसका मतलब यह नहीं कि वह बीमार है। बच्चा दुबला है, इसका मतलब यह नहीं कि वह कम खा रहा है और बच्चा मोटा है, इसका मतलब यह भी नहीं कि वह ज़्यादा स्वस्थ है। बच्चे की सेहत सिर्फ उसके वजन या लंबाई से तय नहीं होती।

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हर बच्चे का ग्रोथ पैटर्न अलग होता है
हर बच्चे का ग्रोथ पैटर्न अलग होता है
जैसे हर इंसान का चेहरा, आवाज़, कद-काठी और स्वभाव अलग होता है,
उसी तरह हर बच्चे की ग्रोथ जर्नी भी अलग होती है।
कोई बच्चा जल्दी वजन बढ़ाता है
कोई धीरे-धीरे बढ़ता है
कोई लंबा होता है और कोई नाटा होता है। 
इसका मतलब यह नहीं कि एक बच्चा “सही” है और दूसरा “गलत”।
प्रकृति ने हर बच्चे को उसका अपना समय और अपनी रफ्तार दी है।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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तुलना सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाती है

जब बच्चों की तुलना की जाती है,तो सबसे पहला असर बच्चे पर नहीं, बल्कि मां के मन पर पड़ता है।
वह खुद से सवाल करने लगती है
क्या मैं ठीक से देखभाल नहीं कर रही?
क्या मेरा बच्चा कमजोर है?
कहीं मुझसे कोई गलती तो नहीं हो रही?
जबकि सच्चाई यह है कि मां की समझ, उसका अनुभव और उसकी देखभाल सबसे भरोसेमंद होती है।

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बिना वजह डर फैलाना बंद करें

बच्चे का साइज यह तय नहीं करता कि वह स्वस्थ है या नहीं।
अगर डॉक्टर बच्चे की ग्रोथ से संतुष्ट हैं
बच्चा एक्टिव है, खेलता है, मुस्कुराता है।
धीरे-धीरे लेकिन लगातार बढ़ रहा है
तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
हर बदलाव को बीमारी से जोड़ना और हर बात में डर ढूंढना सिर्फ मानसिक तनाव बढ़ाता है।

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अपने बच्चे पर भरोसा रखें

अपने बच्चे पर भरोसा रखें। आपका बच्चा न तो ज़्यादा बढ़ रहा है और न ही कम। वह बिल्कुल उसी तरह बढ़ रहा है, जैसे उसे बढ़ना चाहिए। अपने तरीके और अपने समय पर बढ़ना यही उसे सबसे खास बनाता है।

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याद रखें: हर बच्चा अलग है और अलग-अलग होना बिल्कुल सामान्य और सही है।
 


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Content Editor

Monika

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