निक्की भाटी जैसा दहेज हत्या मामला आया सामने, सोने की चेन न मिलने पर पति ने पत्नी को दी मौत
punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 04:33 PM (IST)

नारी डेस्क: बिहार के खगड़िया जिले से ग्रेटर नोएडा के निक्की भाटी दहेज हत्या केस जैसा एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता, विशी कुमारी की हत्या उसके पति ने उस समय कर दी जब साले की शादी में सोने की चेन की मांग पूरी नहीं हुई। यह घटना दहेज प्रथा की बर्बरता को फिर से उजागर करती है।
निक्की भाटी केस और विशी कुमारी केस में समानताएं
ग्रेटर नोएडा की निक्की भाटी केस में दहेज के लिए 36 लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर पति विपिन भाटी और ससुराल वालों ने निक्की को जिंदा जलाकर मार दिया था। इसी तरह, बिहार के खगड़िया में भी दहेज की मांग पूरी न होने पर पति ने अपनी पत्नी विशी कुमारी की जान ले ली। दोनों मामलों में महिलाओं के साथ अत्याचार और दहेज के लिए हिंसा की कड़वी सच्चाई सामने आई है।
सोने की चेन नहीं मिलने पर नवविवाहिता की हत्या: भाई की शादी में सोने का चैन न मिलने से नाराज ससुराल वालों ने नवविवाहिता ऋषि कुमारी की जान ले ली। गले में फंदा लगा उसका शव बरामद हुआ। SDPO ने कहा- हर पहलू से मामले की जांच हो रही है।#Murder #DowryCase #Bihar #CrimeNews… pic.twitter.com/5GKCQOUJmT
— FirstBiharJharkhand (@firstbiharnews) August 25, 2025
विशी कुमारी की बहन ने खोला दर्द
विशी कुमारी की बहन, बेबी देवी ने बताया कि शादी के समय उनके पिता ने अपनी हालत के अनुसार दहेज दिया था, लेकिन फिर भी विशी को रोज़ाना मार-पीट सहनी पड़ती थी। हाल ही में, भाई संजीत की शादी में ससुराल वालों ने सोने की चेन की मांग की, जिसे लेकर घर में विवाद होता रहता था। इसी विवाद के दौरान पति ने मौका पाकर विशी की हत्या कर दी।
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पुलिस का बयान और जांच
खगड़िया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भरखंडी टोला गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने विशी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका विशी कुमारी मूल रूप से मुंगेर की रहने वाली थी और उसकी शादी एक साल पहले खगड़िया के भरखंडी टोला गांव में हुई थी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
निक्की मर्डर केस के जिम्मेदार कौन?
निक्की भाटी केस को लेकर पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने साफ कहा था कि निक्की के परिवार, पड़ोसियों, पुलिस और ग्राम पंचायत सभी की बड़ी लापरवाही थी। किरण बेदी के अनुसार, निक्की के मायके वालों को पुलिस में शिकायत कर बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए थी। अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद निक्की की जान बचाई जा सकती थी।
दोनों मामलों में महिलाओं के साथ हो रहे दहेज उत्पीड़न और हिंसा की भयावह तस्वीर सामने आई है। यह स्पष्ट करता है कि दहेज प्रथा और महिलाओं के प्रति समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जागरूकता की सख्त जरूरत है, ताकि और कोई और बेटियां इस दर्दनाक अनुभव से न गुज़रें।