क्या है इस साल की Theame और 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है Women’s Day?
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 04:25 PM (IST)
नारी डेस्क: हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के सम्मान, उनके अधिकारों और समाज में उनके योगदान को याद करने का खास अवसर होता है। साल 2026 में महिला दिवस रविवार, 8 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन लोग अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों में मौजूद महिलाओं को शुभकामनाएं देते हैं और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। यह दिन सिर्फ जश्न मनाने के लिए नहीं बल्कि महिलाओं की उपलब्धियों को पहचानने और जेंडर इक्वालिटी (लैंगिक समानता) के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी मनाया जाता है।
इस साल क्या है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम?
हर साल महिला दिवस के लिए एक खास थीम तय की जाती है, जो समाज को महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जागरूक करने का काम करती है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम “दान से लाभ” बताई जा रही है। इस थीम का मतलब है कि जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे की मदद करता है तो उसका फायदा सिर्फ सामने वाले को ही नहीं बल्कि मदद करने वाले को भी मिलता है। इस थीम के जरिए लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि अगर हर व्यक्ति अपने स्तर पर थोड़ा-सा योगदान दे, तो समाज में महिलाओं के अधिकार और जेंडर इक्वालिटी को मजबूत किया जा सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत महिलाओं के अधिकारों के लिए किए गए आंदोलनों से हुई थी। साल 1908 में न्यूयॉर्क में लगभग 15,000 महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। उस समय महिलाएं काम के कम घंटे, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार की मांग कर रही थीं। इस आंदोलन को महिला अधिकारों की दिशा में एक बड़ी शुरुआत माना जाता है।
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इसके बाद 1910 में क्लारा जेटकिन नाम की जर्मन सामाजिक कार्यकर्ता ने डेनमार्क के कोपेनहेगन में आयोजित एक सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा। फिर 1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में महिला दिवस मनाया गया। धीरे-धीरे यह दिन पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया।
8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है महिला दिवस?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर 8 मार्च की तारीख ही क्यों चुनी गई। दरअसल, 8 मार्च 1917 को रूस की महिलाओं ने “ब्रेड एंड पीस” यानी रोटी और शांति की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल की थी। इस आंदोलन का असर इतना बड़ा था कि वहां की सरकार को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देना पड़ा। इसी ऐतिहासिक घटना को ध्यान में रखते हुए ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च को महिला दिवस के रूप में चुना गया।

यूएन ने कब दी आधिकारिक मान्यता?
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान 1975 में मिली, जब संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता दी। इसके बाद से हर साल 8 मार्च को दुनिया के लगभग सभी देशों में महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के संघर्ष, मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देने का दिन है। यह हमें याद दिलाता है कि समाज में महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना और उनके अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
अगर हम सब मिलकर छोटे-छोटे कदम उठाएं, तो एक ऐसा समाज बना सकते हैं जहां महिलाएं सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करें।

