शनिवार को क्या नहीं खरीदना चाहिए? इन चीजों से शनिदेव होते हैं नाराज!
punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 12:01 PM (IST)
नारी डेस्क: हिंदू धर्म में शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिदेव न्याय और कर्म के देवता हैं, जो व्यक्ति के कर्मों के आधार पर फल देते हैं। कहा जाता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का विशेष फल मिलता है, वहीं कुछ चीजों की खरीदारी से बचने की भी सलाह दी जाती है ताकि जीवन में बाधाएं या शनि दोष का प्रभाव न बढ़े।
लोहे से बनी चीजें खरीदने से बचें
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक शनिवार के दिन लोहे से बनी वस्तुएं खरीदना अशुभ माना जाता है। इसमें लोहे के बर्तन, मशीनरी, औजार या वाहन जैसी चीजें शामिल हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं और शनिदेव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।

सरसों तेल और काले तिल की खरीदारी
शनिवार को सरसों का तेल खरीदने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। हालांकि इस दिन तेल का दान या शनिदेव को अर्पित करना शुभ माना जाता है, लेकिन खरीदारी को लेकर सावधानी बरतने की बात कही जाती है। इसी तरह काले तिल खरीदना भी कई परंपराओं में अशुभ माना गया है, जबकि इनका दान विशेष रूप से फलदायी बताया जाता है।
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जूते-चप्पल और नमक से जुड़ी मान्यताएं
शनिवार के दिन जूते-चप्पल खरीदने से भी बचने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि इससे आर्थिक खर्च बढ़ सकते हैं और कामकाज में रुकावट आ सकती है। इसके अलावा कुछ मान्यताओं में नमक खरीदना भी अशुभ माना गया है, क्योंकि इससे घर में आर्थिक असंतुलन या कर्ज की स्थिति बनने की बात कही जाती है।

काले कपड़े, कोयला और अन्य वस्तुएं
ज्योतिष के अनुसार शनिवार को काले कपड़े, कोयला और कैंची जैसी वस्तुएं खरीदना भी शुभ नहीं माना जाता। इन चीजों को नकारात्मक ऊर्जा और विवादों से जोड़कर देखा जाता है। इसी तरह झाड़ू खरीदने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है, हालांकि झाड़ू का दान इस दिन बहुत शुभ माना गया है।
शनिवार को क्या करना शुभ माना जाता है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ होता है। इस दिन काले तिल, उड़द की दाल, सरसों का तेल, काला कंबल या लोहे की उपयोगी वस्तुओं का दान करना लाभकारी माना गया है। इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना और शनिदेव के मंत्रों का जाप करने से भी सकारात्मक फल मिलने की मान्यता है।

