UTI क्या है? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, लक्षण और कैसे करें इलाज

punjabkesari.in Saturday, May 02, 2026 - 09:01 AM (IST)

नारी डेस्क: UTI (Urinary Tract Infection) यानी मूत्र मार्ग संक्रमण एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेशाब से जुड़े अंग जैसे किडनी, यूरेटर, ब्लैडर (मूत्राशय) या यूरेथ्रा में बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है। यह समस्या तब होती है, जब बैक्टीरिया यूरिनरी सिस्टम में चले जाते हैं। यह संक्रमण ज़्यादातर बैक्टीरिया के कारण होता है, खासकर E. coli नाम का बैक्टीरिया। यह समस्या पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होती है। इससे बचने के लिए सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि, ये समस्या क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि इस समस्या के बारे में डॉक्टर का क्या कहना है,  डॉक्टर के अनुसार इसका इलाज कैसे किया जा सकता है और कब ये बीमारी खतरनाक हो जाती है। तो चलिए जानते हैं क्या कहते है डॉक्टर...

UTI क्या होता है?

Global Burden of Disease 2021 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दशकों में UTI के मामलों लगातार बढ़ रहे है। ये समस्या महिलाओं में सबसे ज्यादा होती है। पुरुषों को भी ये समस्या हो सकती है, लेकिन उनके मुकाबले महिला इस समस्या से ज्यादा पीड़ित होती है। बता दें कि हमारे शरीर का Urinary System चार हिस्सों से बना होता है... जैसे किडनी (Kidneys)  जो खून को फिल्टर करके पेशाब बनाती हैं, यूरेटर (Ureters) जो पेशाब को किडनी से ब्लैडर तक ले जाते हैं, ब्लैडर (Bladder) जो पेशाब को स्टोर करता है और यूरेथ्रा (Urethra) जो पेशाब को शरीर से बाहर निकालता है। जब इनमें से किसी भी हिस्से में बैक्टीरिया घुसकर बढ़ने लगते हैं, तो उसे UTI कहते हैं।

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UTI के कारण

UTI की समस्या होने के कई कारण हो सकते है। लेकिन, ये मुख्य रूप से बैक्टीरिया (जैसे E. coli) के कारण होता है। इसी तरह कई अन्य कारणों से भी ये समस्या हो सकती है। जैसे, साफ-सफाई की कमी (हाइजीन की कमी), कम पानी पीना, लंबे समय तक पेशाब रोककर रखना, यौन संबंध (Sexual activity), कमजोर इम्यून सिस्टम, गर्भावस्था, डायबिटीज (Diabetes), कैथेटर (Urine pipe) का इस्तेमाल भी इसके कई कारण है।

UTI के लक्षण

एक स्टडी के अनुसार, UTI के लक्षण किस यूरिनरी सिस्टम तक पहुंच गए हैं। हालांकि, UTI होने पर मरीजों को ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं। जैसे- पेशाब करते समय जलन या दर्द, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, पेशाब में बदबू या धुंधलापन, पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेशाब में खून आना, बुखार और ठंड लगना (अगर संक्रमण किडनी तक पहुंच जाए)। UTI के मरीज में अगर ये लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी इस समस्या का इलाज कराएं।

UTI का इलाज

Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director, गायनेकोलॉजिस्ट and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता के मुताबिक, UTI की समस्या होने पर इसका इलाज कराना बेहद जरूरी है। अगर UTI का इलाज समय पर न किया जाए, तो यह किडनी तक फैल सकता है और गंभीर समस्या बन सकता है। इसलिए इसका समय रहते इसका इलाज कराएं। डॉक्टर के मुताबिक, आमतौर पर UTI के इलाज का पहला तरीका एंटीबायोटिक्स से किया जाता है। इंफेक्शन के प्रकार और पेशाब में मौजूद बैक्टीरिया के प्रकार के आधार पर एंटीबायोटिक दवाएं दी जा सकती है। इसे कितने दिन तक देना है, यह भी UTI की गंभीरता पर निर्भर करता है। सामान्य इंफेक्शन होने पर इन एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें Fosfomycin, Trimethoprim और sulfamethoxazole, Cephalexin और Ceftriaxone शामिल है। मरीज को कोर्स पूरा करना जरूरी है। 


 


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Content Editor

Pooja Gill

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