किस बीमारी से हुई थी बाबा वेंगा की मौत? जानें कौन सा रोग बना उनकी मृत्यु की वजह
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 03:58 PM (IST)
नारी डेस्क : दुनियाभर में अपनी भविष्यवाणियों के लिए मशहूर बाबा वेंगा अक्सर चर्चा में रहती हैं। आपने सोशल मीडिया पर उनकी कई भविष्यवाणियाँ सुनी होंगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाबा वेंगा खुद किस गंभीर बीमारी से जूझीं और आखिर उनकी मृत्यु किस कारण हुई? आइए, जानते हैं विस्तार से।
कौन थीं बाबा वेंगा?
वेंजेलिया पांडेवा गुशटेरोवा, जिन्हें दुनिया बाबा वेंगा के नाम से जानती है, बुल्गेरिया की एक रहस्यवादी, चिकित्सक और भविष्यवक्ता थीं। कहा जाता है कि जब वह 12 साल की थीं, तब एक तेज़ तूफान में फंसकर अपनी आंखों की रोशनी खो बैठीं। लोगों के अनुसार इसी घटना के बाद उनमें भविष्य देखने की शक्ति विकसित हुई।

बाबा वेंगा की मृत्यु किस बीमारी से हुई?
उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड (जैसे विकिपीडिया) के अनुसार, बाबा वेंगा का निधन 11 अगस्त 1996 को स्तन कैंसर (Breast Cancer) के कारण हुआ था।
स्तन कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो स्तन की कोशिकाओं में विकसित होती है और समय पर पहचान न हो तो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकती है। बताया जाता है कि बाबा वेंगा लंबे समय तक इस बीमारी से पीड़ित रहीं।
यें भी पढ़ें : अफगानिस्तान की लड़कियों की मां बनने की उम्र कितनी है? फर्टिलिटी रेट जानकर रह जाएंगे हैरान
स्तन कैंसर (Breast Cancer) क्या होता है?
स्तन की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण पैदा होने वाला कैंसर ब्रेस्ट कैंसर कहलाता है। यह बीमारी पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकती है, लेकिन महिलाओं में इसकी संभावना अधिक होती है।

स्तन कैंसर (Breast Cancer) के मुख्य लक्षण
स्तन कैंसर को समय पर पहचानना बेहद जरूरी है। इसके प्रमुख लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं।
स्तन में गांठ बनना या छूने पर उभरी हुई गांठ महसूस होना।
स्तन के आकार में बदलाव (एक स्तन दूसरे से बड़ा या छोटा लगना)
स्तन या निप्पल के रंग में बदलाव होना।
निप्पल में दर्द या असामान्य डिस्चार्ज होना।
स्तन की त्वचा पर रैश, गड्ढे पड़ना या निशान दिखना।
बगलों में सूजन या दर्द होना।
स्तन में लगातार दर्द या भारीपन महसूस होना।
इनमें से कोई भी बदलाव दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

बाबा वेंगा अपनी अद्भुत भविष्यवाणियों और रहस्यमयी जीवन के कारण आज भी दुनिया भर में चर्चा का विषय हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका जीवन एक गंभीर बीमारी स्तन कैंसर से लड़ते हुए समाप्त हुआ। यह हमें यह भी याद दिलाता है कि कैंसर जैसी बीमारी को नज़रअंदाज़ करना कितना खतरनाक हो सकता है।

