दिमाग को सुन्न कर देता है ये Vitamin, कमी के बॉडी को नुकसान ही नुकसान

punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 08:05 PM (IST)

नारी डेस्कः हमारी बॉडी को हर तरह के विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत रहती है और विटामिन कई तरह के होते हैं और हर विटामिन का अपना अलग ही फायदा होता है। जैसे विटामिन B12  बहुत जरूरी है, दिमाग के लिए तो यह वैसे ही बहुत महत्वपूर्ण है। अगर शरीर में Vitamin B12 की कमी लंबे समय तक बनी रहे तो इसका असर सिर्फ खून या कमजोरी तक सीमित नहीं रहता। यह नसों और दिमाग के कामकाज को भी प्रभावित कर सकती है। खास बात यह है कि B12 की कमी में Neurological Symptoms कभी-कभी एनीमिया के बिना भी दिखाई दे सकते हैं। 

नारी डेस्कः शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के विटामिन और खनिज जरूरी होते हैं। इन्हीं में से एक है विटामिन बी12, जो खून की लाल कोशिकाएं बनाने, नसों को स्वस्थ रखने और दिमाग के सामान्य कामकाज के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। शरीर में इसकी कमी होने पर शुरुआत में थकान और कमजोरी जैसी सामान्य शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन कमी लंबे समय तक बनी रहे तो इसका असर नसों, याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और संतुलन पर भी पड़ सकता है। कई बार लोग हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दे रहे हैं, साथ ही लगातार थकान, कमजोरी या याददाश्त से जुड़ी परेशानी भी हो रही है, तो शरीर में विटामिन बी12 की कमी की जांच करवाना जरूरी हो सकता है।

शरीर में विटामिन बी12 की कमी क्यों होती है?

विटामिन बी12 मुख्य रूप से पशु आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। हालांकि केवल भोजन में इसकी कमी ही इसका कारण नहीं होती। शरीर को विटामिन बी12 को अवशोषित करने में भी परेशानी हो सकती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसेः
भोजन में विटामिन बी12 की पर्याप्त मात्रा न होना
लंबे समय तक बहुत सीमित आहार लेना
पेट या आंत से जुड़ी कुछ समस्याएं
शरीर में विटामिन बी12 को अवशोषित करने में परेशानी
कुछ प्रकार की पेट की सर्जरी
लंबे समय तक कुछ दवाओं का सेवन
बढ़ती उम्र के साथ शरीर की अवशोषण क्षमता कम होना
इसलिए केवल खान-पान ठीक कर लेने से हर व्यक्ति में बी12 की कमी दूर हो जाए, यह जरूरी नहीं है। इसके कारण का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है।
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विटामिन बी12 की कमी होने पर शरीर में क्या समस्याएं होने लगती हैं?

1. हर समय थकान और कमजोरी

बी12 की कमी से शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित हो सकता है। इससे खून की कमी यानी रक्ताल्पता हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को पर्याप्त आराम करने के बाद भी थकान महसूस हो सकती है। छोटा सा काम करने पर कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसी शिकायत भी हो सकती है।

2. हाथ-पैर में झनझनाहट और सुन्नपन

विटामिन बी12 की कमी का एक महत्वपूर्ण संकेत हाथ-पैर में बार-बार झनझनाहट, सुन्नपन या जलन हो सकता है। कई लोगों को ऐसा लगता है जैसे हाथ या पैर में चींटियां चल रही हों। कभी-कभी सुबह उठने के बाद हाथ-पैर सुन्न महसूस हो सकते हैं। यदि यह समस्या बार-बार हो रही है और केवल सोने की मुद्रा बदलने से ठीक नहीं होती, तो इसकी जांच करवाना जरूरी है।

3. चलने और संतुलन बनाने में परेशानी

कमी ज्यादा बढ़ने पर नसों पर असर पड़ सकता है। इससे व्यक्ति को चलते समय अस्थिरता महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को सीढ़ियां चढ़ते समय या चलते हुए संतुलन बनाने में परेशानी होने लगती है। पैरों में कमजोरी या जमीन पर पैर रखने का एहसास कम होने जैसी समस्या भी हो सकती है।

4. जीभ में दर्द और मुंह की परेशानी

बी12 की कमी का असर मुंह पर भी दिखाई दे सकता है। जीभ लाल, चिकनी या दर्दनाक हो सकती है। कुछ लोगों को मुंह में जलन या छाले जैसी परेशानी भी हो सकती है।

5. सिरदर्द और चक्कर

अगर बी12 की कमी के कारण रक्ताल्पता हो गई है, तो शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसके कारण सिरदर्द, चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है।

दिमाग पर विटामिन बी12 की कमी का क्या असर पड़ता है?

विटामिन बी12 केवल खून बनाने के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह नसों और मस्तिष्क के सामान्य कामकाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर मानसिक और तंत्रिका संबंधी लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

1. याददाश्त कमजोर होना

बी12 की कमी होने पर कुछ लोगों को छोटी-छोटी बातें याद रखने में परेशानी हो सकती है। जरूरी चीजें भूलना, किसी बात को याद करने में ज्यादा समय लगना या बातचीत के दौरान सही शब्द याद न आना जैसी शिकायत हो सकती है।

2. ध्यान लगाने में परेशानी

कई बार व्यक्ति को पढ़ाई, काम या बातचीत के दौरान ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होने लगती है। ऐसा महसूस हो सकता है कि दिमाग पहले की तुलना में धीमा काम कर रहा है।

3. सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होना

गंभीर या लंबे समय से चली आ रही कमी में व्यक्ति की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। उसे रोजमर्रा के कामों में भी पहले की तुलना में अधिक समय लग सकता है।

4. भ्रम और उलझन

बहुत अधिक कमी होने पर भ्रम या उलझन जैसी समस्या भी हो सकती है। व्यक्ति को आसपास की परिस्थितियों को समझने या सामान्य बातों पर प्रतिक्रिया देने में परेशानी हो सकती है।

5. मन और व्यवहार में बदलाव

बी12 की कमी के साथ कुछ लोगों में चिड़चिड़ापन, उदासी, मन खराब रहना या व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। हालांकि ऐसे लक्षणों के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल इन लक्षणों के आधार पर बी12 की कमी मानना सही नहीं है।

क्या विटामिन बी12 की कमी से दिमाग को स्थायी नुकसान हो सकता है?

अगर शरीर में विटामिन बी12 की कमी लंबे समय तक बनी रहती है और उसका इलाज नहीं किया जाता, तो नसों को नुकसान पहुंच सकता है और कुछ मामलों में यह नुकसान स्थायी भी हो सकता है। यही कारण है कि हाथ-पैर में लगातार सुन्नपन, झनझनाहट, चलने में परेशानी, संतुलन बिगड़ना, याददाश्त में बदलाव या भ्रम जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते कमी का पता चलने और उचित उपचार मिलने पर कई समस्याओं में सुधार किया जा सकता है।

किन लोगों में बी12 की कमी का खतरा ज्यादा हो सकता है?

कुछ लोगों में विटामिन बी12 की कमी होने की संभावना अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। इनमें
बहुत सीमित आहार लेने वाले लोग
लंबे समय तक पशु आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन न करने वाले लोग
अधिक उम्र के लोग
पेट या आंत से जुड़ी बीमारी वाले लोग
शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण की समस्या वाले लोग
कुछ विशेष दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने वाले लोग शामिल हो सकते हैं।

विटामिन बी12 की कमी का पता कैसे चलता है?

केवल लक्षणों के आधार पर बी12 की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। डॉक्टर जरूरत के अनुसार रक्त की जांच करवाने की सलाह दे सकते हैं। इसमें विटामिन बी12 के स्तर के साथ रक्त की अन्य जांचें भी की जा सकती हैं। अगर हाथ-पैर में सुन्नपन, कमजोरी या याददाश्त से जुड़ी परेशानी है, तो डॉक्टर को इसके बारे में जरूर बताएं।

विटामिन बी12 की कमी से बचने के लिए क्या करें?

आहार में विटामिन बी12 वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है। दूध और उससे बने पदार्थ, अंडे, मछली, मांस आदि इसके स्रोत हो सकते हैं। जो लोग पशु आधारित खाद्य पदार्थ नहीं खाते, उन्हें अपने आहार की योजना डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह से बनानी चाहिए। अगर जांच में कमी पाई जाती है, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार विटामिन बी12 की दवा या अन्य उपचार बता सकते हैं। बिना जांच के लंबे समय तक स्वयं से विटामिन की गोलियां या इंजेक्शन लेना उचित नहीं है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर सुन्नपन या कमजोरी तेजी से बढ़ रही हो, चलने में अचानक परेशानी हो, संतुलन बिगड़ रहा हो, भ्रम की स्थिति पैदा हो रही हो या शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

ध्यान रखें: हाथ-पैर का सुन्न होना केवल विटामिन बी12 की कमी की वजह से नहीं होता। मधुमेह, नस पर दबाव, थायरॉयड की समस्या और कई अन्य कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए बार-बार होने वाले सुन्नपन का सही कारण जानने के लिए चिकित्सक से जांच करवाना सबसे बेहतर तरीका है।

 


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Content Writer

Vandana

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