फिल्म जगत से आई दुखद भरी खबर, दिग्गज सिनेमैटोग्राफर दिलीप रे का 72 साल की उम्र में निधन
punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 02:44 PM (IST)
नारी डेस्क: ओडिया और बंगाली सिनेमा में अहम योगदान देने वाले दिग्गज सिनेमैटोग्राफर दिलीप रे का भुवनेश्वर के एक प्राइवेट अस्पताल में कुछ समय की बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके परिवार ने यह जानकारी दी। 72 साल के रे ने शुक्रवार रात आखिरी सांस ली। उनके परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं।
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे राज्य के सांस्कृतिक और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। माझी ने सोशल मीडिया पोस्ट में शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा- "ओडिया फिल्म इंडस्ट्री को समृद्ध करने में उनके असाधारण कलात्मक योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनका जाना हमारी कला और संस्कृति की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है।"
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27 जुलाई 1954 को कटक में जन्मे रे ने कई दशकों तक चले अपने करियर की शुरुआत करने से पहले बेंगलुरु के फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट (FTI) में सिनेमैटोग्राफी की ट्रेनिंग ली थी। बेस्ट सिनेमैटोग्राफी के लिए पांच बार ओडिशा राज्य फिल्म पुरस्कार पाने वाले रे ने 80 से ज़्यादा ओडिया फीचर फिल्मों, लगभग 15 बंगाली फिल्मों और कई छत्तीसगढ़ी प्रोडक्शंस में काम किया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री और टेलीविज़न सीरियल में भी योगदान दिया। उनकी प्रमुख ओडिया फिल्मों में 'तिसंध्या', 'बाजे बैंसी नाचे घुंगुरा', 'चका भौंरी', 'ई ता दुनिया', 'ममता रा डोरा', 'माझी पहाचा' और 'बिधिरा बिधाना' शामिल हैं।

