व्रत में सेंधा नमक खाना कितना हेल्दी? WHO के मुताबिक, दिनभर में कितना नमक लेना चाहिए?

punjabkesari.in Wednesday, Oct 14, 2026 - 12:49 PM (IST)

नारी डेस्क:  नवरात्रि हो या कोई दूसरा व्रत, इस दौरान ज्यादातर लोग खाने में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं। साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू की पूरी, आलू की सब्जी और फलाहार से बनी दूसरी डिशेज में सेंधा नमक खूब डाला जाता है। माना जाता है कि यह सामान्य सफेद नमक से ज्यादा शुद्ध और सेहत के लिए बेहतर होता है। लेकिन क्या वाकई सेंधा नमक ज्यादा हेल्दी है? क्या इसमें मौजूद मिनरल्स शरीर को कोई खास फायदा पहुंचाते हैं?

सेंधा नमक को सेहतमंद मानकर इसका ज्यादा सेवन करना भी सही नहीं है। इसमें भी सोडियम क्लोराइड होता है, जिसकी अधिक मात्रा शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, एक वयस्क को दिनभर में 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए। इसमें खाने में डाला गया नमक ही नहीं, बल्कि पूरे दिन खाए जाने वाले सभी खाद्य पदार्थों से मिलने वाला नमक भी शामिल है। ऐसे में व्रत के दौरान सेंधा नमक का इस्तेमाल करते समय इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

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क्या सेंधा नमक सेहत के लिए फायदेमंद है

सेंधा नमक मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड से बना होता है। शरीर को सोडियम की जरूरत नसों के सही तरीके से काम करने, मांसपेशियों की गतिविधियों और शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने के लिए होती है। इसलिए नमक पूरी तरह छोड़ देना भी हर व्यक्ति के लिए सही नहीं है। हालांकि, शरीर को जितने सोडियम की जरूरत है, उससे ज्यादा सेवन करने पर सेहत से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।

सेंधा नमक का इस्तेमाल व्रत के खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसमें कुछ अन्य मिनरल्स भी बहुत कम मात्रा में मौजूद हो सकते हैं, लेकिन इसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम या आयरन का प्रमुख स्रोत नहीं माना जाना चाहिए। इन पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करने के लिए संतुलित आहार लेना ज्यादा जरूरी है।

सेंधा नमक खाने के क्या फायदे हैं?

शरीर को मिलता है सोडियम

सेंधा नमक में मौजूद सोडियम शरीर के कई जरूरी कामों में मदद करता है। यह नसों से संदेश पहुंचाने, मांसपेशियों के कामकाज और शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में भूमिका निभाता है। लेकिन सोडियम की जरूरत पूरी करने के लिए ज्यादा नमक खाने की आवश्यकता नहीं होती। संतुलित मात्रा में सेवन करना ही बेहतर है।

व्रत के खाने का स्वाद बढ़ाता है

व्रत के दौरान कई लोग साधारण नमक की जगह सेंधा नमक खाते हैं। साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू की पूरी, आलू की सब्जी और फलाहार में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इससे खाने का स्वाद बढ़ता है और व्रत के नियमों के अनुसार भोजन तैयार करने में मदद मिलती है।

इसमें थोड़ी मात्रा में दूसरे मिनरल्स हो सकते हैं

सेंधा नमक में इसकी प्राकृतिक बनावट के कारण कुछ दूसरे मिनरल्स भी मिल सकते हैं। हालांकि, इनकी मात्रा आमतौर पर इतनी कम होती है कि केवल सेंधा नमक खाने से शरीर की मिनरल्स की जरूरत पूरी नहीं हो सकती। इसलिए इसे मिनरल्स का खास स्रोत समझकर जरूरत से ज्यादा खाना सही नहीं है।

WHO के मुताबिक, दिनभर में कितना नमक खाना चाहिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सलाह के अनुसार, वयस्कों को दिनभर में 5 ग्राम से कम नमक खाना चाहिए। यह मात्रा लगभग एक छोटी चम्मच से कम होती है। सोडियम के हिसाब से यह प्रतिदिन 2,000 मिलीग्राम से कम के बराबर है। यह सीमा सेंधा नमक और सामान्य नमक, दोनों पर लागू होती है। इसका मतलब है कि अगर आप व्रत में सेंधा नमक इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसकी मात्रा भी पूरे दिन के कुल नमक में गिनी जाएगी। ध्यान रखें कि यह मात्रा सिर्फ ऊपर से खाने में डाले गए नमक की नहीं है। पैकेट वाले खाद्य पदार्थों, नमकीन और दूसरी चीजों से मिलने वाला सोडियम भी इसमें शामिल होता है। इसलिए खाना बनाते समय नमक कम डालना और पहले से नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना फायदेमंद हो सकता है।

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क्या सेंधा नमक ज्यादा खाने से नुकसान हो सकता है

सेंधा नमक को सामान्य नमक से ज्यादा हेल्दी मानकर जरूरत से ज्यादा खाना ठीक नहीं है। इसमें भी सोडियम होता है और इसका अधिक सेवन शरीर पर वैसा ही असर डाल सकता है, जैसा दूसरे नमक का ज्यादा सेवन करने से होता है।

हाई ब्लड प्रेशर का खतरा: ज्यादा सोडियम लेने से शरीर में पानी जमा होने की समस्या बढ़ सकती है। इससे कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है।

दिल की सेहत पर असर: लंबे समय तक ज्यादा नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है, जो हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारक है।

किडनी पर दबाव: किडनी शरीर में सोडियम और तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। अधिक सोडियम लेने से यह संतुलन प्रभावित हो सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से किडनी की बीमारी है।

आयोडीन की कमी का खतरा: सेंधा नमक में आमतौर पर आयोडीन नहीं मिलाया जाता। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक सिर्फ बिना आयोडीन वाला नमक इस्तेमाल करता है और भोजन से भी पर्याप्त आयोडीन नहीं लेता, तो उसमें आयोडीन की कमी हो सकती है।

सेंधा नमक और सफेद नमक में क्या अंतर है

सेंधा नमक और सफेद नमक के बीच मुख्य अंतर इनके स्रोत, प्रोसेसिंग और आयोडीन की उपलब्धता का है।

सेंधा नमक: इसे प्राकृतिक नमक की चट्टानों से निकाला जाता है। इसमें सोडियम क्लोराइड के साथ कुछ अन्य मिनरल्स थोड़ी मात्रा में हो सकते हैं। आमतौर पर इसमें आयोडीन नहीं मिलाया जाता।

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सफेद नमक: इसे प्रोसेस करके तैयार किया जाता है। भारत में मिलने वाले कई पैकेटबंद नमक में आयोडीन मिलाया जाता है, जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है।

दोनों नमक में सोडियम क्लोराइड होता है। इसलिए सिर्फ सेंधा नमक का रंग, बनावट या प्राकृतिक होना उसे अपने आप ज्यादा हेल्दी नहीं बनाता। सेहत के लिहाज से नमक की मात्रा और आयोडीन की उपलब्धता पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

सेंधा नमक या सफेद नमक, कौन-सा है बेहतर

अगर बात रोजाना इस्तेमाल की है, तो आयोडीन युक्त नमक शरीर को जरूरी आयोडीन उपलब्ध कराने में मदद करता है। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है। ये हार्मोन शरीर के विकास, मेटाबॉलिज्म और कई अन्य प्रक्रियाओं में भूमिका निभाते हैं। वहीं, व्रत के दौरान सेंधा नमक का इस्तेमाल करना आपकी खानपान की परंपरा और पसंद पर निर्भर करता है। लेकिन इसे सामान्य नमक से ज्यादा फायदेमंद मानकर अधिक मात्रा में खाना सही नहीं है। सेंधा नमक में मौजूद दूसरे मिनरल्स की मात्रा भी आमतौर पर इतनी नहीं होती कि उनके लिए इसी पर निर्भर रहा जाए। अगर आप रोजाना सिर्फ सेंधा नमक इस्तेमाल करते हैं, तो भोजन से पर्याप्त आयोडीन मिल रहा है या नहीं, इस पर ध्यान दें। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और थायरॉइड से जुड़ी समस्या वाले लोगों के लिए आयोडीन की पर्याप्त मात्रा खास तौर पर महत्वपूर्ण है।

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व्रत में सेंधा नमक खाते समय किन बातों का रखें ध्यान

खाने में सेंधा नमक सीमित मात्रा में डालें। सेंधा नमक को सामान्य नमक से ज्यादा हेल्दी समझकर ज्यादा सेवन न करें। दिनभर में खाए गए सभी खाद्य पदार्थों से मिलने वाले नमक का ध्यान रखें। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, दिल या किडनी से जुड़ी बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नमक का सेवन करें। रोजाना के भोजन में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या थायरॉइड से जुड़ी समस्या है, तो अपने खानपान में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
   
 


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Content Editor

Priya Yadav

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