नवरात्रि के व्रत में चक्कर और थकान से बचने के लिए इन 5 चीजों को डाइट में करें शामिल

punjabkesari.in Monday, Oct 12, 2026 - 06:31 PM (IST)

नारी डेस्क : नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और भक्ति के लिए बेहद खास माना जाता है। इन नौ दिनों में कई भक्त पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं और सात्विक भोजन का सेवन करते हैं। हालांकि, लगातार उपवास रखने और खानपान में बदलाव के कारण कुछ लोगों को कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। ऐसे में व्रत के दौरान सही खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आप भी नवरात्रि के पूरे नौ दिन व्रत रख रहे हैं, तो अपनी डाइट में कुछ ऐसी चीजें शामिल कर सकते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और पोषण की जरूरत पूरी करने में मदद करती हैं। आइए जानते हैं व्रत के दौरान किन 5 चीजों का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।

दही और लस्सी

नवरात्रि के व्रत में दही का सेवन किया जा सकता है। दही में प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया पाचन स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। आप चाहें तो सादे दही के अलावा लस्सी भी पी सकते हैं। हालांकि, लस्सी में बहुत ज्यादा चीनी मिलाने से बचें। यदि आपको दूध से बनी चीजें पचाने में परेशानी होती है, तो इनके सेवन से बचें।

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ड्राई फ्रूट्स

व्रत के दौरान बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और खजूर जैसे ड्राई फ्रूट्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनमें हेल्दी फैट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर को ऊर्जा देने और पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। आप इन्हें सुबह के नाश्ते या शाम के समय थोड़ी मात्रा में खा सकते हैं। चाहें तो इन्हें व्रत वाली खीर में भी मिला सकते हैं। ध्यान रखें कि ड्राई फ्रूट्स का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

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आलू

आलू व्रत के दौरान ऊर्जा पाने का एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम पाया जाता है, जो शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी हैं। आप उबले हुए आलू, हल्की सब्जी या कम तेल में बने आलू का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, ज्यादा तेल में तले हुए आलू और चिप्स खाने से बचें, क्योंकि इनमें कैलोरी और फैट अधिक हो सकता है।

सिंघाड़ा और सिंघाड़े का आटा

नवरात्रि के व्रत में सिंघाड़े का सेवन भी किया जा सकता है। सिंघाड़े में कार्बोहाइड्रेट और कुछ मात्रा में फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं, सिंघाड़े के आटे से रोटी, हलवा या अन्य व्रत के पकवान बनाए जा सकते हैं। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से भोजन में विविधता आती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है। हलवा बनाते समय घी और चीनी की मात्रा सीमित रखें।

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साबूदाना

व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी और साबूदाने की खीर काफी पसंद की जाती है। साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है, इसलिए यह शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसमें प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्व सीमित मात्रा में होते हैं। इसलिए केवल साबूदाने पर निर्भर रहने के बजाय इसे दही, दूध, मूंगफली या अन्य व्रत में अनुमत पौष्टिक चीजों के साथ संतुलित आहार का हिस्सा बनाएं।

व्रत में कौन सा नमक इस्तेमाल करना चाहिए?

नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले कई लोग साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं। आप अपनी परंपरा और व्रत के नियमों के अनुसार सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, सेंधा नमक भी सोडियम का स्रोत है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर या किडनी से जुड़ी समस्या होने पर नमक की मात्रा को लेकर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

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नवरात्रि में कमजोरी और चक्कर से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें। यदि व्रत के नियम अनुमति देते हैं, तो नारियल पानी या अन्य बिना ज्यादा चीनी वाले पेय भी ले सकते हैं।
लंबे समय तक भूखे न रहें: अपनी दिनचर्या के अनुसार छोटे-छोटे अंतराल पर संतुलित व्रत वाला भोजन लें।
प्रोटीन का ध्यान रखें: दूध, दही, पनीर और मूंगफली जैसी व्रत में अनुमत चीजें जरूरत के अनुसार शामिल करें।
ज्यादा तला-भुना खाने से बचें: अधिक तेल और चीनी वाले पकवानों के बजाय उबली हुई, भुनी हुई या कम तेल में बनी चीजें चुनें।
पर्याप्त आराम करें: व्रत के दौरान शरीर की जरूरत के अनुसार नींद लें और बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से बचें।

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कमजोरी या चक्कर आएं तो क्या करें?

अगर व्रत के दौरान बार-बार चक्कर आते हैं, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होती है या पसीना, कंपकंपी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। सुरक्षित जगह पर बैठें या लेट जाएं और जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़कर भोजन-पानी लें। लक्षण गंभीर हों या ठीक न हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। डायबिटीज, गर्भावस्था या किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों को लंबे समय तक उपवास रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।


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Monika

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